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आरयू कुलपति कोठारी को हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी, 6 नवंबर तक करे आदेश की पालना

आरयू कुलपति कोठारी को हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी, 6 नवंबर तक करे आदेश की पालना

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति आर के कोठारी को सख्त हिदायत देते हुए सेवानिवृत शिक्षको के पेंशन और अन्य लाभ के मामले में कोर्ट के आदेशों की 6 नवंबर तक पालना के आदेश दिये हैं. 6 नवंबर तक कोर्ट आदेश की पालना नहीं होने पर कोर्ट ने कुलपति के खिलाफ सख्त आदेश पाारित करने की हिदायत दी है. 

विश्वविद्यालय प्रशासन का टालमटोल रवैया:
डॉ बी डी रावत व 17 अन्य सेवानिवृत शिक्षकों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मोहम्मद रफीक की खण्डपीठ ने 4 अक्टूबर को ये आदेश दिये हैं. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि खण्डपीठ के 21 दिसंबर 2017 के आदेशों की पालना नहीं की गई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट से भी राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका 29 नवंबर 2018 को ही खारिज हो चुकी है. बार-बार आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपनाये जा रहे टालमटोल रवैये को लेकर भी खण्डपीठ ने सख्त नाराजगी जतायी है. हाईकोर्ट ने कहा कि कुलपति 6 नवंबर तक विषयवार कमेटियों के गठन के लिए सकारात्मक उचित कदम उठाए और इसके बारे में अदालत को भी सूचना दे. आदेश की पालना नहीं करने पर अदालत इसे गंभीरता से लेगी और अप्रार्थीगण के खिलाफ सख्त आदेश भी पारित कर सकती है.

क्या है मामला:
राजस्थान विश्वविद्यालय के आग्रम पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृति एक साथ परिलाभ और करियर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ देने को लेकर डॉ बी डी रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. इस प्रकरण में एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में फैसला दिया था. इस आदेश को खंडपीठ ने भी 21 दिसंबर 2017 को बहाल रखते हुए राज्य सरकार को आग्रम पर सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए जरूरी बजट मुहैया कराने के आदेश दिये. इसके साथ ही विश्वविद्यालय को समय पर स्क्रूटनी सहित अन्य प्रक्रियाए पूर्ण करने को कहा. विश्वविद्यालय ने इस मामले में प्रोफेसर अल्पना कटेजा की अध्यक्षता में तीन अन्य सदस्यों की कमेटी का गठन किया. इस कमेटी को सेवानिवृत्त और वर्तमान शिक्षकों को सीएएस स्कीम का लाभ देने के लिए प्रकरणों का परीक्षण करना था, लेकिन ये कमेटी ऐसा नही कर पाई. इसी दौरान सुप्रीम कोर्ट से भी राज्य सरकार की एसएलपी खारिज हो गई. याचिकाकर्ता पुन: हाईकोर्ट से कोर्ट आदेश की पालना के लिए पहुंचे. बार बार आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन एक साल बाद भी सेवालाभ नहीं दे पाया. अंतिम सुनवाई में विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट में कहा कि इसके लिए विषयवार कमेटियों का गठन करना होगा जिसके लिए 6 सप्ताह का समय की मांग की.

 

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जयपुर: जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का संचालन शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं और अब हवाई यात्रियों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि इसके बावजूद रोजाना कई फ्लाइट्स रद्द हो रही हैं. गुरुवार को भी जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 7 फ्लाइट रद्द रहीं. सबसे ज्यादा स्पाइसजेट एयरलाइन की 4 फ्लाइट रद्द रहीं. वहीं इंडिगो एयरलाइन की 2 फ्लाइट और एयर एशिया की 1 फ्लाइट रद्द रही. एयर इंडिया की सभी फ्लाइट्स निर्धारित रूट पर संचालित हुईं. आपको बता दें कि अब कई फ्लाइट्स में यात्रीभार 80 फीसदी से भी अधिक रहने लगा है, ऐसे में आगामी दिनों में फ्लाइट्स की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

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ये 7 फ्लाइट रहीं रद्द:
- स्पाइसजेट की सुबह 5:45 बजे सूरत जाने वाली फ्लाइट SG-2763 हुई रद्द
- इंडिगो की सुबह 6:10 बजे बेंगलूरु जाने वाली फ्लाइट 6E-839 हुई रद्द
- इंडिगो की सुबह 6:40 बजे मुंबई जाने वाली फ्लाइट 6E-218 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 7:20 बजे जालंधर जाने वाली फ्लाइट SG-2750 हुई रद्द
- एयर एशिया की सुबह 9:15 बजे बेंगलूरु जाने वाली फ्लाइट I5-1721 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 9:45 बजे उदयपुर जाने वाली फ्लाइट SG-6632 हुई रद्द
- स्पाइसजेट की सुबह 11:15 बजे अमृतसर जाने वाली फ्लाइट SG-3522 हुई रद्द

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जयपुर: राजस्थान के समस्त गांवों की आबादी क्षेत्र का ड्रोन तकनीकी के माध्यम से सर्वे किया जाएगा. भारतीय सर्वेक्षण विभाग और राजस्थान सरकार की सहभागिता रहेगी. डिप्टी सीएम सचिन पायलट के महकमे ने इस बारे में कार्य योजना तैयार की है. इस सर्वे में गांव के समस्त मकान मालिकों के स्वामित्व रिकॉर्ड तैयार किए जायेंगे. इस सर्वे के माध्यम से गांवों की आबादी क्षेत्र में सम्पत्ति और परिसम्पतियों का वैध रिकार्ड तैयार होगा. 

सम्पत्ति मालिकों को किए जाएंगे कार्ड जारी:
पायलट ने कहा कि सम्पत्ति मालिकों को कार्ड जारी किए जाएंगे. इससे आबादी क्षेत्र में सम्पत्ति सम्बंधी विवादों में कमी आयेगी और ग्राम पंचायत विकास योजना बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी. पायलट ने बताया कि इस सर्वे में व्यक्तिगत सम्पत्तियों का सर्वे एवं रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ सामुदायिक परिसम्पत्तियों जैसे कि ग्रामीण सड़के, तालाब, नहर, खुली जगह यथा पार्क, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र आदि का भी सर्वे किया जाकर नक्शे तैयार किए जाएंगे. 

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सर्वे से तैयार किया जाएगा रिकॉर्ड और मानचित्र:
उन्होंने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग तथा राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) किया जाएगा. पायलट ने बताया कि प्रदेश में ग्राम सभाओं के माध्यम से इस योजना और इससे होने वाले लाभ के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा और योजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिए ग्रामीणों को संवेदनशील बनाया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस योजना से तैयार होने वाले रिकार्ड एवं मानचित्र ग्राम पंचायत, तहसील, जिला एवं राज्य स्तर पर उपलब्ध होंगे और इसके लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेंगे और नियमित रूप से अपडेट किए जायेंगे.

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने टोंक जिले में नर्स ग्रेड-द्वितीय पर कार्यरत नर्सिंगकर्मियोंं को 17 महीने का वेतन नहीं देने पर राज्य के चिकित्सा विभाग को फटकार लगाई है.हाईकोर्ट ने राज्य के प्रमुख चिकित्सा सचिव, चिकित्सा निदेशक व अतिरिक्त चिकित्सा निदेशक-प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए 12 जून तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है.

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मुलभूत अधिकारों का उल्लघन:
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी कार्मिक का वेतन रोकना उसके मुलभूत अधिकारों का उल्लघन है.यह आदेश जस्टिस गोवर्धन बारधार ने रामचरण शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए है.

सभी नर्सिंगकमी 2015 की भर्ती के तहत हुए नियुक्त:
याचिका में अदालत को बताया गया कि चिकित्सा विभाग ने बजट नही होने का हवाला देते हुए एक मार्च 2017 से 30 जून 2018 तक उनका बकाया वेतन नही दिया. जबकि सभी नर्सिंगकमी 2015 की भर्ती के तहत नियुक्त हुए है और अपने अपने जिले में अपना कार्य सही तरीके से कर रहे हैं. बार बार प्रतिवेदन देने के बावजूद विभाग की ओर से दो साल बाद भी अब बकाया वेतन नही दिया गया है. 

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एसएचओ विष्णु दत्त आत्महत्या मामले की होगी CBI जांच, सीएम गहलोत ने फाइल पर लगाई मुहर

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जयपुर: एसएचओ विष्णु दत्त आत्महत्या मामले की CBI जांच होगी. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फाइल पर मुहर लगा दी है. सीएम गहलोत ने CBI जांच के अनुशंसा पत्र पर मुहर लगाई. विष्णु दत्त के परिजनों के मुताबिक CBI जांच का फैसला लिया. 

आपको बता दें कि चूरू के राजगढ़ पुलिस थाने के थानाधिकारी विष्णु दत्त विश्नोई द्वारा 23 मई को की गई आत्महत्या के प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाए जाने पर सीएम अशोक गहलोत ने सैद्धान्तिक सहमति दे दी है. 

अब पीड़ित परिजनों को यह विकल्प दिया गया है कि वे चाहें तो केस की जांच सीबी सीआईडी कर सकती है, वे चाहें तो न्यायिक जांच भी हो सकती है और यदि वे चाहते हैं कि मामले की जांच सीबीआई करे तो इस पर भी सरकार को कोई आपत्ति नहीं है. 

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अब कल से सभी RTO और DTO में तय संख्या में बन सकेंगे ड्राइविंग लाइसेंस

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जयपुर: प्रदेशभर में बढ़ रही ड्राइविंग लाइसेंसों की पेंडेंसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा फ़ैसला किया है. परिवहन आयुक्त ने अब प्रदेशभर में पहले की तरह ही पूर्ण क्षमता के साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के आदेश जारी किए हैं. कोरोना संक्रमण को देखते हुए अभी तक प्रदेश में पूर्व में बनने वाले लाइसेंसों के मुक़ाबले एक थर्ड लाइसेंस ही बन रहे थे.

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करीब 9 हजार ड्राइविंग लाइसेंस अभी पेंडिंग:
हाल में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी आरटीओ और डीटीओ ने लंबित लाइसेंसों को लेकर परिवहन आयुक्त को फ़ीडबैक दिया था. अकेले जयपुर में ही क़रीब 9 हजार ड्राइविंग लाइसेंस अभी पेंडिंग चल रहे हैं. परिवहन आयुक्त ने जारी आदेशों में रविवार को भी आरटीओ डीटीओ कार्यालयों को खोलने के निर्देश दिए हैं. 

अतिरिक्त स्टाफ़ लगाकर किया जाएगा पेंडेंसी को खत्म:
परिवहन आयुक्त के आदेशों के बाद जयपुर में शुक्रवार से पूरी क्षमता के साथ ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. आरटीओ राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि रविवार के दिन अतिरिक्त स्टाफ़ लगाकर पेंडेंसी को खत्म किया जाएगा. 

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राजस्थान विश्वविद्यालय की UG, PG फाइनल की परीक्षाएं 13 जुलाई से, करीब 180 परीक्षा केंद्रों पर होंगी आयोजित

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जयपुर: उच्च शिक्षा में परीक्षा आयोजन को लेकर सरकार के निर्देश के बाद राजस्थान विश्व विद्यालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है. 2 जून को सरकार ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में परीक्षा आयोजन के निर्देश दिए हैं तो वहीं राविवि कुलपति आरके कोठारी ने परीक्षा नियंत्रक सहित कमेटी के साथ बैठक कर परीक्षाओं को आयोजन को लेकर कवायद शुरू कर दी है. 

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20 नये परीक्षा केंद्रों को भी चिन्हित कर लिया गया:
राजस्थान विश्व विद्यालय में यूजी फाइनल, पीजी फाइनल और सेमेस्टर फाइनल की परीक्षा 13 जुलाई से शुरू हो जाएंगी. राविवि ने करीब 160 परीक्षा केन्द्रों को सुरक्षा की दृष्टि से सही पाया है. साथ ही 20 नये परीक्षा केन्द्रों को भी चिन्हित कर लिया गया. जल्द ही राविवि टीम इन सेंटरों का दौरा करेगी और टीम की हरी झंडी के बाद सेंटर्स को फाइनल किया जाएगा. परीक्षा से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रिनिंग की जाएगी तो वहीं फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इसके साथ ही हर परीक्षा के बाद सेंटर को सेनेटाइज किया जाएगा. 

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सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा: 
कुलपति आरके कोठारी ने कहा की सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी. साथ ही यूजी, पीजी और सेमेस्टर में फाइनल के अलावा सभी विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा और परिस्थितियां अनुकुल होने पर अगस्त में इनकी परीक्षा आयोजित हो सकती है. साथ ही कुलपति आरके कोठारी ने बताया कि सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा. स्वयंपाठी विद्यार्थियों का औसत परिणाम बहुत कम रहता है. ऐसे में उनको प्रमोट करना संभव नहीं है. ऐसे में जब भी परिस्थितियां अनुकुल होगी तब इनकी परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा. 

रिश्वत लेते रंगे हाथों एसीबी के हाथ लगा जीपीएफ विभाग का कर्मचारी

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जयपुर: राजधानी जयपुर शहर में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस दौरान एसीबी की टीम ने जीपीएफ विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है. GPF विभाग के कनिष्ठ लिपिक रघुवीर सिंह ने परिवादी से उसके GPF का बिल बनाने की एवज़ में 2500 रुपया की रिश्वत मांगी थी. परिवादी का क़रीब 10 लाख रुपये से ज़्यादा क़ा बिल बन रहा था. इसके लिए आरोपी रघुबीर ने परिवादी से पहले 500 रुपये ले लिए. बावजूद इसके आरोपी रघुवीर ने परिवादी का बिल नहीं बनाया.

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एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही: 
परिवादी काफी समय से विभाग के चक्कर काट रहा था. जब कोई बात नहीं बनी तो परिवादी ने एसीबी में आरोपी बाबू की शिकायत कर दी. एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया जो कि सही पाया गया. योजना के तहत एसीबी की टीम ने आज आरोपी बाबू को सांगानेर स्थित नगर निगम के ज़ोन कार्यालय के पास ढाई हज़ार रुपया की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया. बहरहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है. 

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किसानों को किया जा चुका 2 हजार 261 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण- कटारिया

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जयपुर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2019 अन्तर्गत प्रदेश में 13 लाख पात्र बीमित किसानों को 2 हजार 261 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण किया जा चुका है. यह कुल क्लेम का 91 प्रतिशत है. कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि फसल बीमा योजना अन्तर्गत खरीफ-2019 में कुल 2 हजार 496 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का आंकलन किया गया था, जिसमें से 2 हजार 261 करोड़ रुपए के क्लेम का वितरण किया जा चुका है. यह कुल क्लेम का लगभग 91 प्रतिशत है, जिससे 13 लाख बीमित काश्तकार लाभान्वित हुए हैं.

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राज्य के 14 जिलों में खरीफ-2019 का पूरा क्लेम वितरित कर दिया गया:
कटारिया ने बताया कि राज्य के 14 जिलों में खरीफ-2019 का पूरा क्लेम वितरित कर दिया गया है. अन्य 14 जिलों में भी कुल देय बीमा क्लेम में से अधिकांश का भुगतान किया जा चुका है. शेष पांच जिलों के बकाया बीमा क्लेम के भुगतान की कार्यवाही की जा रही है, जिससे जल्द पात्र बीमित काश्तकारों को उनका बीमा क्लेम मिल जाएगा. 

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बीमा कम्पनियों से 2 हजार 386 करोड़ रुपए का भुगतान करवाया: 
कृषि मंत्री ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से 13 लाख बीमित किसानों को बीमा कम्पनियों से 2 हजार 386 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का भुगतान करवाया गया है. कृषि मंत्री कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत 1 जनवरी 2019 से अब तक 6 हजार 41 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण किया जा चुका है, जिससे 42 लाख 31 हजार पात्र बीमित किसानों को राहत मिली है. 


 

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