राजस्थान में कहर बरपा रहा UK का स्ट्रेन ! पूना स्थित लैब में जांच के बाद ब्रिटिश स्वरूप की हुई पुष्टी

जयपुरः राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण का ब्रिटिश स्वरूप स्ट्रेन कहर बरपा रहा है. राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी है कि राजस्थान में लिए गए कोरोना के जिनोम सिक्वेंसिंग के नमूनों को पूना स्थित लैब में भेजा गया जहां जांच में ब्रिटिश स्वरूप स्ट्रेन की पुष्टी हुआ है.

जिनोम सिक्वेंसिंग के नमूनों की जांच में आया सामनेः
जानकारी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश से भेजे गए जिनोम सिक्वेंसिंग के नमूनों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि इन नमूनों में ब्रिटिश स्वरूप स्ट्रेन मौजूद है.  उन्होंने कहा कि दो तीन दिन पहले जो रिपोर्ट आई उसमें पता चला कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण का ब्रिटिश स्वरूप मौजूद है.

जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में शुरू की जाएगी जिनोम सीक्वेंसिंग की सुविधाः
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस बारे में बात हुई जिसके बाद फैसला किया गया है कि राजस्थान में भी जिनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा विकसित की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिनोम सीक्वेंसिंग की सुविधा होने से ब्रिटिश स्वरूप स्ट्रेन का जल्द पता लगाया जा सकेगा. उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि अब जिनोम सिक्वेंसिंग का काम जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज में शुरू किया जाए. विभाग के अधिकारी इस काम में जुट गए हैं. 

देशभर में सिर्फ 10 जगह जिनोम सिक्वेंसिंग की सुविधाः
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि देशभर में सिर्फ 10 जगह जिनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है, इन सेन्टरों पर हर राज्य से सैम्पल भेजे जाते हैं. जिनके कारण यूके का स्ट्रेन का पता लगने में काफी समय लग जाता है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्ट्रेन का पता लगाने के लिए कई दिनों पहले पूना स्थित लैब में सैंपल भेजा था, लेकिन अब जाकर पता चला है कि राजस्थान में यूके का स्ट्रेन है. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में जिनोम सिक्वेंसिंग के शुरू होने से पता चल सकेगा कि वायरस किस स्ट्रेन का है, जिकसे बाद चिकित्सक तुरंत स्ट्रेन के अनुसार ही इलाज कर सकेंगे.

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