जयपुर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने केन्द्रीय बजट को बताया दिशाहीन और निराशाजनक, कहा-बढ़ाएगा मंहगाई

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने केन्द्रीय बजट को बताया दिशाहीन और निराशाजनक, कहा-बढ़ाएगा मंहगाई

चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने केन्द्रीय बजट को बताया दिशाहीन और निराशाजनक, कहा-बढ़ाएगा मंहगाई

जयपुरः राजस्थान सरकरा के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दोते हुए इसे आमजन सहित युवाओं को निराश करने वाला बताया है.

ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर करारोपण से महंगा होगा परिवहनः
जानकारी के अनुसार चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने केन्द्रीय बजट को आमजन सहित युवाओं को निराश करने वाला बजट बताया है. उन्होंने कहा कि बजट में हैल्थ सेक्टर को कोर सेक्टर बताने के बावजूद हैल्थ के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की कीमतें बेतहाशा बढ़ रही है. ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर अतिरिक्त करारोपण से परिवहन महंगा होगा और यह महंगाई को बढ़ाएगा.

बजट निराशाजनक और दिशाहीनः
डॉ. रघु शर्मा ने इस बजट को निराशाजनक और दिशाहीन बताते हुए कहा कि भौगोलिक दृष्टि से देश के सबसे बड़े राज्य राजस्थान को नजरअंदाज किया गया है. उन्होंने कहा कि इस बजट में युवाओं, किसानों व श्रमिको के हितों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया है. युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता थी. लेकिन इस दिशा में ठोस प्रस्ताव नहीं होना युवाओं के लिए निराशाजनक है.

नए मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में बजट में कोई प्रावधान नहींः
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना जैसी योजना में राज्य सरकार को 78 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान करना पड़ता है. केन्द्रीय आयुष्मान भारत योजना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज परिवारों को भी शामिल कर इस भार को कम किया जा सकता था लेकिन इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया. इसी प्रकार नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए राज्यों को 90 फीसदी राशि देने की मांग की गई थी लेकिन इस दिशा में भी बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया.

बजट में की गई राजस्थान की उपेक्षाः
डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि आज पेश किए गए बजट में राजस्थान जैसे बड़े राज्य की उपेक्षा की गई है. केवल चार चुनावी राज्यों को ही राहत पैकेज दिए गए हैं, जबकि कोरोना महामारी के चलते देश के सभी राज्यों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है. स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी केवल निराशा है क्योंकि देश का प्रत्येक नागरिक निःशुल्क कोरोना वैक्सीन की उम्मीद कर रहा है, जबकि बजट में वैक्सीनेशन के लिए केवल 35 हजार करोड़ रुपए की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि आयकर तथा जीएसटी के प्रावधानों में वांछित सुधार का भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है. आयकर के स्लैब में परिवर्तन कर आम आदमी को राहत दी जा सकती थी, लेकिन बजट में इसकी घोर उपेक्षा की गई है.

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