नई दिल्ली राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा-लॉकडाउन से नहीं बनेगी बात, कोरोना की बढ़ाई जाएं टेस्टिंग

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा-लॉकडाउन से नहीं बनेगी बात, कोरोना की बढ़ाई जाएं टेस्टिंग

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा-लॉकडाउन से नहीं बनेगी बात, कोरोना की बढ़ाई जाएं टेस्टिंग

नई दिल्लीः देश में कोरोना संकट को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राहुल गांधी ने कहा कि लॉकडाउन के जरिए हम कोरोना वायरस के संकट को हरा नहीं पाएंगे. उन्होंने कहा कि देश में कोरोना संकट से निपटने का एक ही तरीका है कि इसकी टेस्टिंग बढ़ाई जाए. देश में रैंडम टेस्टिंग होनी चाहिए. देश में अब इमरजेंसी जैसे हालात है. एक जिले में औसतन सिर्फ 350 टेस्ट हो रहे हैं जो नाकाफी हैं. 

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लोगों तक पहुंचे खाना: 
वीडियो कॉफ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि देश में कोरोना की वजह से लोगों को खाना नहीं मिल पा रहा है जो कि सबसे आवश्यक है. खाद्य सप्लाई एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है और इसी के लिए सरकार को अपने गोदाम गरीब लोगों के लिए खोल देने चाहिए. 10 किलो चावल और गेहूं, एक किलो दाल, एक किलो चीनी सरकार को हर सप्ताह गरीब लोगों को उपलब्ध करानी चाहिए. आज भी कई लोगों के पास राशन कार्ड तक नहीं है तो ऐसे लोगों के पास खाने पीने का सामान कैसे पहुंचे, इसकी सरकार को चिंता करनी चाहिए.

ये वक्त आपसी मतभेदों का नहीं:
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों को पैसा देना चाहिए और राज्यों के सीएम को और ज्यादा ताकत देनी चाहिए. सरकार के पास गोदामों में अनाज भरा हुआ है और इसे सरकार को गरीबों को देना चाहिए.राहुल गांधी ने कहा कि मैं कई बातों पर पीएम नरेंद्र मोदी से असहमत रहता हूं और आज भी हूं लेकिन ये वक्त आपसी मतभेदों का नहीं बल्कि कोरोना वायरस से मिलकर लड़ने का है. सरकार को हमारा सुझाव है कि वो इस समय हमारे द्वारा दिए जा रहे सुझावों पर भी ध्यान दें क्योंकि इस समय हम लोग भी कोरोना से लड़ाई में योगदान दे रहे हैं.

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