कृषि कानूनों को लेकर राहुल गांधी का केन्द्र पर निशाना, कहा- किसानों को ‘तारीख पे तारीख’ देना सरकार की रणनीति

कृषि कानूनों को लेकर राहुल गांधी का केन्द्र पर निशाना, कहा- किसानों को ‘तारीख पे तारीख’ देना सरकार की रणनीति

कृषि कानूनों को लेकर राहुल गांधी का केन्द्र पर निशाना, कहा- किसानों को ‘तारीख पे तारीख’ देना सरकार की रणनीति

नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान संगठनों और सरकार के बीच आठवे दौर की बातचीत के भी बेनतीजा रहने के बाद शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ‘तारीख पे तारीख देना’ उसकी रणनीति है. उन्होंने ट्वीट किया कि नीयत साफ़ नहीं है जिनकी, तारीख़ पे तारीख़ देना स्ट्रैटेजी है उनकी!

सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच आठवें दौर की वार्ता भी रही बेनतीजाः
गौरतलब है कि सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच तीन कृषि कानूनों को लेकर शुक्रवार को आठवें दौर की वार्ता बेनतीजा रही. सूत्रों के मुताबिक अगली बैठक 15 जनवरी को हो सकती है.

तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग पर अड़े हैं किसान संगठनः 
तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े किसान नेताओं ने शुक्रवार को सरकार से दो टूक कहा कि उनकी ‘‘घर वापसी’’ तभी होगी जब वह इन कानूनों को वापस लेगी. सरकार ने कानूनों को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग खारिज करते हुए इसके विवादास्पद बिन्दुओं तक चर्चा सीमित रखने पर जोर दिया. किसान संगठनों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाए. अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान दिल्ली के निकट पिछले करीब 40 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

सरकार ने कानूनों को बताया कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के कदमः
सरकार का कहना है कि ये कानून कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के कदम हैं और इनसे खेती से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी तथा किसान अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं.
सोर्स भाषा

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