रायपुर महात्मा गांधी तपस्वी थे, तपस्वी के बताए हुए मार्ग पर चला जाता है, उनकी पूजा नहीं की जाती : राहुल गांधी

महात्मा गांधी तपस्वी थे, तपस्वी के बताए हुए मार्ग पर चला जाता है, उनकी पूजा नहीं की जाती : राहुल गांधी

महात्मा गांधी तपस्वी थे, तपस्वी के बताए हुए मार्ग पर चला जाता है, उनकी पूजा नहीं की जाती : राहुल गांधी

रायपुर: महात्मा गांधी को तपस्वी बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तपस्वियों के बताए हुए मार्ग पर चला जाता है, उनकी पूजा नहीं की जाती क्योंकि इससे उनका अपमान होता है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रायपुर में 'गांधी विचार संगोष्ठी, नवा रायपुर सेवाग्राम - स्वरूप और संभावनाएं' कार्यक्रम में कहा कि महात्मा गांधी एक सोचने का तरीका हैं, एक विचार हैं. मेरे लिए महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं हैं. वह मेरे लिए वह एक तपस्वी थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी तपस्या में लगाई. तपस्या बहुत लोग करते हैं. लेकिन उन्होंने अपनी तपस्या में सच्चाई भी जोड़ी थी. उनकी जो तपस्या थी वह सच्चाई के रास्ते पर जाती थी.

राहुल गांधी ने कहा कि तपस्वी की पूजा नहीं करनी चाहिए. यदि उनकी पूजा करते हैं तो तपस्वी का अपमान होता है. तपस्वी का संदेश होता है कि तपस्या करो. उनका संदेश होता है कि मेरी पूजा मत करो, मेरे नाम की पूजा मत करो, मैं जिस रास्ते पर चला था उस रास्ते पर चलो. बाकी सब समय जाया (बर्बाद) करना है.कांग्रेस नेता ने कहा, “गांधी ने जो कहा, अगर मैं वह करने को तैयार नहीं हूं और मैं उनके सामने हाथ जोड़ता हूं, सर झुकाता हूं तो मैं उनका अपमान कर रहा हूं.

उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा नरेंद्र मोदी और बाकी लोग यह करते हैं. यह बहुत आसान है. नाम लेते हैं, हाथ जोड़ते हैं, मत्था टेकते हैं और पूजा करते हैं. उनको समझ नहीं आता कि वह जिनके सामने मत्था टेकते हैं चाहे आंबेडकर हों या गांधी, जिनकी वह पूजा करते हैं, वह सब तपस्वी थे. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी तपस्या में, सच्चाई को ढूंढने में बिता दी.

राहुल गांधी ने कहा कि दो तरीके के लोग हैं. मैंने अपने भाषण में कहा था कि एक हिंदू होता है और एक हिंदुत्ववादी होता है. जो हिंदू होता है, वह सच्चाई के रास्ते पर चलने की कोशिश करता है. जो सच्चाई के रास्ते पर चलता है, उसमें प्यार, भाईचारे की भावना अपने आप आ जाती है. दूसरी तरफ हिंदुत्ववादी हैं जो तपस्वी के सामने हाथ जोड़कर पूजा करते हैं और जो रास्ता हमारे महापुरुषों ने दिखाया है उसका मजाक उड़ाते हैं. लड़ाई इन दोनों विचारधारा के बीच हैं. राहुल गांधी ने नवा रायपुर में सेवाग्राम की स्थापना को लेकर राज्य सरकार की तारीफ की और कहा कि आप फिर से वही शुरू कर रहे हैं जो गांधी जी ने किया था. (भाषा) 

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