नई दिल्ली National Herald Case: चार घंटे की पूछताछ के बाद राहुल गांधी ED कार्यालय से बाहर निकले

National Herald Case: चार घंटे की पूछताछ के बाद राहुल गांधी ED कार्यालय से बाहर निकले

National Herald Case: चार घंटे की पूछताछ के बाद राहुल गांधी ED कार्यालय से बाहर निकले

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ‘नेशनल हेराल्ड’ समाचार पत्र से जुड़े कथित धनशोधन के एक मामले में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए और करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद बाहर निकले.

फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि वह मंगलवार को फिर से ED मुख्यालय पूछताछ के लिए पहुंचेंगे या फिर आज के लिए पूछताछ पूरी हो गई है. राहुल गांधी पूर्वाह्न 11 बजकर पांच मिनट पर एपीजे अब्दुल कलाम रोड स्थित ED के मुख्यालय पहुंचे. उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी उनके साथ थीं.

सभी मार्गों पर अवरोधक लगा दिए गए: 
अधिकारियों ने बताया कि कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद 11 बजकर 30 मिनट पर राहुल गांधी से पूछताछ आरंभ की गई. जांच एजेंसी के मुख्यालय के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. ED मुख्यालय की तरफ जाने वाले सभी मार्गों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं. ED ने कांग्रेस नेता से सोमवार को 10 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी. इसके बाद ED ने राहुल गांधी से मंगलवार को दोबारा पेश होने के लिए कहा था.

इलाके में धारा 144 लगू कर रखा है:
उधर, कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने कांग्रेस मुख्यालय से लगे इलाके में धारा 144 लगू कर रखा है.

मुख्य विपक्षी दल ने अपने नेता से ED की पूछताछ को ‘असंवैधानिक’ करार देते हुए यह दावा भी किया कि सरकार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष से परेशानी इसलिए है कि उन्होंने किसानों, नौजवानों, मजदूरों की आवाज उठाई तथा कोरोना संकट एवं सीमा पर चीन की आक्रामकता को लेकर मोदी सरकार को घेरा.

कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया:
कांग्रेस के अनुसार, मंगलवार को पुलिस ने पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, उप नेता गौरव गोगोई, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी तथा कई अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया.

वेणुगोपाल ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है. कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति के तहत कार्रवाई की जा रही है. कांग्रेस सच के साथ है. हम झुकने और डरने वाले नहीं हैं.

चिदंबरम समेत उसके कई नेताओं को चोट आई: 
कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में ED कार्यालयों के बाहर ‘सत्याग्रह’ किया और मार्च निकाला था, जिसे पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है. मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया कि दिल्ली पुलिस की धक्कामुक्की के कारण पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम समेत उसके कई नेताओं को चोट आई हैं. हालांकि, पुलिस ने कहा है कि उसकी तरफ से कोई बल प्रयोग नहीं किया गया और पुलिसकर्मियों के कारण किसी के चोटिल होने की जानकारी उसके पास नहीं है.

फिलहाल सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं: 
ED धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत राहुल गांधी का बयान दर्ज कर रही है. इसी मामले में ED ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को 23 जून को पेश होने के लिए कहा है. सोनिया गांधी कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अस्वस्थ हैं और फिलहाल सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं.
अधिकारियों के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और गांधी परिवार से पूछताछ ED की जांच का हिस्सा है, ताकि ‘यंग इंडियन’ और ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (एजेएल) के हिस्सेदारी पैटर्न, वित्तीय लेन-देन और प्रवर्तकों की भूमिका को समझा जा सके.

पार्टी और उसका नेतृत्व झुकने वाले नहीं है: 
‘यंग इंडियन’ के प्रवर्तकों और शेयरधारकों में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी सहित कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य शामिल हैं. कांग्रेस का कहना है कि उसके शीर्ष नेताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं तथा ED की कार्रवाई प्रतिशोध की राजनीति के तहत की जा रही है. उसने यह भी कहा कि पार्टी और उसका नेतृत्व झुकने वाले नहीं है.

अधिकार प्राप्त करने के लिए केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया:
दिल्ली की एक निचली अदालत द्वारा ‘यंग इंडियन’ के खिलाफ आयकर विभाग की जांच का संज्ञान लिए जाने के बाद एजेंसी ने पीएमएलए के आपराधिक प्रावधानों के तहत एक नया मामला दर्ज किया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस संबंध में वर्ष 2013 में एक शिकायत दर्ज कराई थी. स्वामी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर धोखाधड़ी की साजिश रचने एवं धन के गबन का आरोप लगाया था और कहा था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली का अधिकार प्राप्त करने के लिए केवल 50 लाख रुपये का भुगतान किया, जो एजेएल पर कांग्रेस का बकाया था. सोर्स-भाषा 

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