जयपुर VIDEO: Railway Budget 2020: कैसे हैं पुरानी परियोजनाओं के हाल और इस बार क्या रहेंगी उम्मीदें

VIDEO: Railway Budget 2020: कैसे हैं पुरानी परियोजनाओं के हाल और इस बार क्या रहेंगी उम्मीदें

जयपुर: पिछले 5 सालों में रेलवे के विकास के लिए राजस्थान को अच्छा फंड मिला है. हर साल 5 से 6000 करोड़ की राशि रेलवे के विकास कार्यों के लिए मिलती है, ऐसे में प्रदेश में रेलवे का इन्फ्रास्ट्रक्चर अच्छा विकसित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद हालात बहुत अच्छे नजर नहीं आते, जब यह सामने आता है कि प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं, जहां अभी तक ट्रेन नहीं चल सकी है. कैसे हैं पुरानी परियोजनाओं के हाल और इस बार क्या रहेंगी उम्मीदें, देखिए ये विशेष रिपोर्ट: 

स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के टॉप 10 में राजस्थान के 6 स्टेशन:
उत्तर-पश्चिम रेलवे जो कि राजस्थान के अधिकांश हिस्से को समेटे हुए है. पिछले कुछ सालों में यहां पर रेलवे का विकास तेजी से हो रहा है. इसके सबूत के भी सामने आने लगे हैं, जब देश के टॉप 10 स्टेशनों में अकेले राजस्थान के 6 स्टेशन स्वच्छता सर्वेक्षण में थे. देशभर में जयपुर जंक्शन पहले और जोधपुर स्टेशन दूसरे स्थान पर रहा था. केवल स्वच्छता ही नहीं, रेलवे की परियोजनाओं को पूरा करने, विद्युतीकरण के कार्यों में भी अब राजस्थान तेज गति से आगे बढ़ रहा है. हालांकि अब तक प्रदेश के केवल भरतपुर और कोटा संभाग में ही विद्युतीकृत ट्रेनें संचालित होती रही हैं. वहीं दूसरी तरफ आज भी कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां पर या तो मीटरगेज की ट्रेनें चल रही हैं, या फिर कई हिस्सों में ट्रेन पहुंची ही नहीं है. प्रदेश के टोंक, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों को अभी भी रेल की पटरियों का इंतजार है. 

रेल बजट अलग से लाने की प्रक्रिया समाप्त:
वर्ष 2016 तक रेल बजट अलग से पेश होता आया था, लेकिन पिछले 3 बजट में रेल बजट अलग से लाने की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है. रेलवे से जुड़ी घोषणाओं को आम बजट में ही समाहित किया जाता है. वर्तमान में प्रदेश की सबसे बड़ी जरूरत सभी रेल रूटों को दोहरीकरण करते हुए इनका विद्युतीकरण करना है. रेलवे प्रशासन ने रेल बजट 2018 में सभी रूट पर विद्युतीकरण कार्य मंजूर कर दिए थे और अगले चार साल में इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. दोहरीकृत रूटों को यदि विद्युतीकृत कर दिया जाएगा, तो न केवल ट्रेनों को बीच में हाल्ट करने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही विद्युतीकृत होने से पर्यावरण संरक्षण होगा, ट्रेनों की गति बढ़ेगी और ईंधन खर्च में भी बचत होगी. प्रदेश में 3156 किमी रेल लाइनों को विद्युतीकृत किया जाना है, जिस पर करीब 3129 करोड़ रुपए खर्च होने हैं. कुल 17 रेलखंडों का विद्युतीकरण कार्य वर्ष 2018 के बजट में स्वीकृत किया गया था।

इन रेल परियोजनाओं को गति देने की दरकार:
दोहरीकरण:

1. बांदीकुई से आगरा फोर्ट 150 किमी दोहरीकरण अटका हुआ
- 1388 करोड़ की लागत से होना है कार्य, फंड की दरकार
2. डेगाना से राई का बाग 145 किमी दोहरीकरण भी अधर में
- 762 करोड़ की लागत से होगा दोहरीकरण, कुछ हिस्सों में काम बाकी
- इस साल 75 करोड़ मिले थे, जिससे काम तीव्र हुआ
3. बांगड़ग्राम से गुड़िया, 47 किमी क्षेत्र में दोहरीकरण होना है
- इस साल 62 करोड़ का फंड मिला, ज्यादातर कार्य पूरा, कुछ बाकी
4. रानी से मारवाड़ जंक्शन, 54 किमी के दोहरीकरण का कार्य
- इस साल 29 करोड़ मिले थे, अधिकांश कार्य तेजी से हो रहा
5. आबूरोड से पालनपुर तक दोहरीकरण
- आबूरोड से सरोत्रा रोड तक 23 किमी का दोहरीकरण, इस साल 10 करोड़ खर्च हुए
- सरोत्रा रोड से करजोडा तक 24 किमी का दोहरीकरण, इस साल 10 करोड़ खुर्च हुए

नई लाइन:
1. दौसा से गंगापुर सिटी 92.67  किमी
- इसा साल 100 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए थे, तेज गति से कार्य जारी
- 42 करोड़ के फंड की और दरकार, तभी पूरा हो सकेगा कार्य
2. अजमेर से टोंक होकर सवाईमाधोपुर तक
- 165 किमी लंबी रेल लाइन, सर्वेक्षण के बाद ज्यादा काम नहीं
3. रतलाम से बांसवाड़ा होकर डूंगरपुर तक
- पिछले 1 दशक से परियोजना में सुस्ती, 176  किमी लाइन डलेगी
- राज्य सरकार के साथ समन्वय नहीं होने से काम की गति धीमी
4. जैसलमेर से भभ्भर
- 339 किमी लम्बाई की नई रेल लाइन पिछले 5 साल से अटकी हुई

ब्रॉडगेज कर्न्वजन:
1. अजमेर से चित्तौड़गढ़-उदयपुर
- मावली से बड़ी सादड़ी के 82 किमी रेलखंड का होगा आमान परिवर्तन
- इस साल 100 करोड़ रुपए मिले थे, तेजी से किया जा रहा कार्य
- अभी 92 करोड़ के फंड की और जरूरत
- उदयपुर से उमरा तक 11 किमी का विस्तार भी होगा
2. जयपुर-रींगस-चूरू और सीकर-लोहारू
- 320 किमी हिस्से का कार्य अंतिम चरण में, अधिकांश कार्य पूरा
- इस साल 60 करोड़ फंड मिला था, जयपुर से सीकर कार्य भी पूरा हुआ
- रूट पर ट्रेनें शुरू, लेकिन अभी 5 नए स्टेशन बनाने का काम बाकी
- 25 करोड़ से बनेंगे कायमसर, रशीदपुर खोरी, गोरियां, लावरी ठीकरिया और छोटा गुढ़ा
3. उदयपुर से हिम्मतनगर आमान परिवर्तन
- वर्ष 2008-09 में स्वीकृत हुआ, 245 करोड़ रुपए मिले
- 25 करोड़ के फंड की और दरकार
- इस कारण खाखाचंदा-डूंगरपुर-रायमगढ़ के कार्य प्रभावित हो रहे हैं
4. मारवाड़-मावली 152 किमी आमान परिवर्तन होगा 1597 करोड़ से
- फंड की कमी के चलते फिलहाल प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ा
5. हिम्मतनगर-खेडब्रह्मा 54 किमी आमान परिवर्तन होगा 355 करोड़ से

जयपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग:
उत्तर-पश्चिम रेलवे में विकास कार्य कितनी तेज गति से पूरे हो रहे हैं, इसे जयपुर जंक्शन के उदाहरण से समझा जा सकता है. पिछले बजट में जयपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग के कार्य के लिए 10 करोड़ रुपए का फंड स्वीकृत किया गया था. रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने 2 माह से भी कम समय में इस कार्य को पूरा कर लिया गया. हालांकि इस दौरान जुलाई और अगस्त माह में बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन बाधित हुआ था, लेकिन 2 माह की परेशानी के बाद जयपुर जंक्शन पर ट्रेनों का आवागमन काफी हद तक सुगम हो गया है. यहां एक अतिरिक्त लाइन डाले जाने से ट्रेनों को आउटर में खड़े रखने की प्रक्रिया भी कम हुई है. 

कितना बजट मिला, अब कितनी उम्मीद:
- वर्ष 2018-19 में उत्तर-पश्चिम रेलवे को 5509.70 करोड़ फंड मिला था
- वर्ष 2019-20 में इस बार 5771.22 करोड का फंड आवंटित हुआ
- इस बजट में भी रेलवे को करीब 6000 करोड़ का फंड मिलने की उम्मीद

बजट से रेल कर्मचारियों की उम्मीदें ये होंगी:
- रेलवे में निगमीकरण और निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त की जाए
- रेलवे कुछ ट्रेनों को निजी हाथों में देने जा रहा, वो प्रक्रिया रुके
- रेलवे के सभी केन्द्रीय अस्पतालों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएं
- रनिंग स्टाफ, विशेष भत्ते देने के लिए आंदोलनरत है
- न्यू पेंशन स्कीम खत्म हो, पुरानी पेंशन स्कीम लागू हो

मानव रहित क्रॉसिंग्स अब लगभग समाप्त:
उत्तर-पश्चिम रेलवे पर मानव रहित क्रॉसिंग्स अब लगभग समाप्त हो चुके हैं और ज्यादातर फाटकों को ओवरब्रिज या अंडरब्रिज में तब्दील किया जा रहा है, इससे रेल हादसे रोकने में मदद मिलेगी. वहीं शेखावाटी में मीटरगेज को ब्रॉडगेज में बदलने का आमान परिवर्तन कार्य भी लगभग अंतिम चरण में है. दोहरीकरण और विद्युतीकरण के प्रोजेक्ट भी अब प्रदेश में तेज गति से पूरे किए जा रहे हैं. कुल मिलाकर यदि इस बार बजट में रेलवे को अच्छा फंड मिला तो न केवल प्रोजेक्ट्स की गति बढ़ सकेगी, साथ ही रेलवे प्रशासन आम यात्रियों को स्टेशनों पर और ट्रेनों में बेहतर सुविधाएं देने के भी प्रयास करेगा।

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 
 

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