Live News »

कोरोना वायरस से बचाव के लिए रेलवे की कवायद, बढ़ाई प्लेटफार्म टिकट की दरें

कोरोना वायरस से बचाव के लिए रेलवे की कवायद, बढ़ाई प्लेटफार्म टिकट की दरें

जयपुर: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच रेलवे प्रशासन ने स्टेशनों पर भीड़ कम करने की दिशा में कवायद शुरू कर दी है. एक तरफ जहां रेलवे प्रशासन स्टेशनों और ट्रेनों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दे रहा है, वहीं अब स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए प्लेटफार्म टिकट को महंगा कर दिया है. 

VIDEO: कोरोना वायरस को लेकर धर्मगुरुओं की प्रेसवार्ता, कहा- घर से ही करें ईश्वर की प्रार्थना 

भीड़ को रोकन के लिए बढ़ाई टिकट की दरें:
दरअसल स्टेशनों पर यात्रियों के साथ काफी लोग उनको छोड़ने अंदर तक जाते हैं. ऐसे में रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्मों पर यात्रियों की भीड़ लग जाती है. इसे रोकने के लिए टिकट दर 10 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दी गई है. यह बढ़ोतरी आज रात 12 बजे से लागू होगी और 31 मार्च तक प्लेटफार्म टिकट 50 रुपए का मिलेगा. 

कोरोना वायरस के चलते कैला माता का लक्खी मेला 31 मार्च तक स्थगित 

और पढ़ें

Most Related Stories

CM का 151 कर्मचारी संगठनों से संवाद, कहा- कोरोना की जंग में कर्मचारियों का अहम योगदान

CM का 151 कर्मचारी संगठनों से संवाद, कहा- कोरोना की जंग में कर्मचारियों का अहम योगदान

जयपुर: प्रदेश में कोरोना की लड़ाई में राज्य सरकार के कर्मचारी भी कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं. सरकार के आह्वान पर कर्मचारियों ने हर संभव मदद की है और इसी कारण आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशभर से जुड़े करीब 151 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया. मुख्यमंत्री आवास से हुई वीसी में गहलोत ने कहा कि कोविड-19 की विकट चुनौती से निपटने में सरकारी और गैर-सरकारी कार्मिकों का तन-मन-धन से जो सहयोग सरकार को मिला है उसी का परिणाम है कि राजस्थान कोरोना की जंग में देश में सबसे आगे खड़ा है. 

बसपा का कांग्रेस में विलय पर हाईकोर्ट का रोक लगाने से इनकार, विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब 

बैठक में कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद: 
मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा, मुख्य सचिव राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह रोहित कुमार सिंह, महानिदेशक पुलिस भूपेन्द्र यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम सुबोध अग्रवाल, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव कार्मिक रोली सिंह, शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति हेमन्त गेरा तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. 

Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा- पीएम मोदी 

सभी अधिकारी और कर्मचारी समर्पण भाव से कार्य करें:
कर्मचारी नेताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से लड़ाई अभी लंबी चलेगी, लेकिन आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाना जरूरी है. इसके लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी समर्पण भाव से कार्य करें. करीब 6 माह से हमने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, उद्यमियों, धर्मगुरूओं सहित समाज के सभी वर्गों से लगातार संवाद कर जो फैसले लिए उससे कोरोना से लड़ने में बड़ी सहायता मिली है। वीसी में चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि कार्यस्थलों पर कोरोना संक्रमण रोकना जरूरी है, वहीं मुख्य सचिव राजीव स्वरूप ने कहा कि कर्मचारी पूरे सुरक्षात्मक उपायों के साथ जिम्मेदारी निभाएं. सरकार कर्मचारियों की वाजिब समस्याओं को हल करेगी. इस बैठक में कर्मचारी नेता आयुदान कविया, गजेंद्र सिंह राठौड़, राजसिंह चौधरी, विजय सिंह धाकड़, मेघराज पंवार व कुलदीप यादव मौजूद थे. 

मैं आज अत्यन्त प्रसन्न हूं, हम राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे - राज्यपाल कलराज मिश्र

मैं आज अत्यन्त प्रसन्न हूं, हम राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे - राज्यपाल कलराज मिश्र

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि मैं आज अत्यन्त प्रसन्न हूं. हम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध थे. आज हमारी प्रतिबद्वता पूर्ण हो रही है. मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बने, ऐसी हमने कल्पना की थी. आज हमारी कल्पना साकार रूप ले रही है. हम सदैव यह चाहते थे कि मंदिर के निर्माण से भारत की दुनिया में प्रतिष्ठा ओर बढ़े. यह मंदिर सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय एकता और वसुधैव कुटुम्बकम के प्रतीक के रूप में स्थापित होगा.

बसपा का कांग्रेस में विलय पर हाईकोर्ट का रोक लगाने से इनकार, विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब 

आज शाम परिजनों के साथ सुंदरकाण्ड का पाठ करेंगे: 
उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले, आम सहमति और जनभावना के अनुरूप यह कार्य हो रहा है. मैं राम मंदिर आन्दोलन से जुडे़ करोड़ों संतो, सभी नागरिकों का अभिनन्दन करता हूं तथा प्रधानमंत्री जी को बधाई व धन्यवाद देता हूं. राज्यपाल कलराज मिश्र आज शाम राजभवन में अपने परिजनों के साथ सुंदरकाण्ड का पाठ करेंगे. राज्यपाल मिश्र राजभवन में शाम को 101 दीप प्रज्जवलित कर मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम से देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना करेंगे.  

Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा- पीएम मोदी 

बसपा का कांग्रेस में विलय पर हाईकोर्ट का रोक लगाने से इनकार, विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब

बसपा का कांग्रेस में विलय पर हाईकोर्ट का रोक लगाने से इनकार, विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब

जयपुर: बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से इंकार करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है. भाजपा विधायक मदन दिलावर और बसपा ने अपील दायर कर विधायकों के कांग्रेस में विलय पर एक्स पार्टी रोक लगाने की मांग की थी. जिसे मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने इंकार करते हुए ये आदेश दिये है. साथ ही मामले में विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए गुरूवार सुबह 10.30 बजे तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. 

Ram Mandir Bhoomi Pujan: राम मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा- पीएम मोदी 

राजस्थान हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई: 
बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में बसपा और मदन दिलावर की ओर से दायर अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान बसपा की ओर से राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने विलय को असंवैधानिक बताते हुए एक्स पार्टी स्टे देने की मांग की. बसपा के साथ साथ भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायक गहलोत कैम्प में बाड़ेबंदी में बंद हैं. ऐसे में उन्हें नोटिस तामील नहीं हो पा रहे हैं. ऐसे में मामले में सुनवाई नहीं हो सकती है. इस पर मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहन्ती की खण्डपीठ ने विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी करते हुए गुरुवार को सुबह 10.30 बजे तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. गुरूवार को सुबह फिर से हाईकोर्ट मामले पर सुनवाई करेगी.

Ram Mandir Bhoomi Pujan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी राम मंदिर की आधारशिला, अयोध्या में रचा गया इतिहास  

11 अगस्त तक उसका जवाब देने को कहा था:
गौरतलब है कि इस मामले में बसपा और दिलावर दोनों ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती दे रखी है. पहले एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई के बाद 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे. लेकिन विलय के फैसले पर स्टे देने से इनकार कर दिया था. गौरतलब है कि इस मामले में बसपा और दिलावर दोनों ने एकलपीठ के फैसले को चुनौती दे रखी है. पहले एकलपीठ ने इस मामले में सुनवाई के बाद 30 जुलाई को नोटिस जारी किए थे. एकलपीठ ने विधानसभा अध्यक्ष, विधानसभा के सचिव और बसपा छोड़ने वाले छह विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक उसका जवाब देने को कहा था. लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देने और बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस विधायक के तौर पर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोकने की दलील को स्वीकार नहीं किया.

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाई कोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर कल सुबह 10.30 बजे तक मांगा जवाब

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय का मामला, हाई कोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर कल सुबह 10.30 बजे तक मांगा जवाब

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय मामले पर आज हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. मदन दिलावर की ओर से हरीश साल्वे ने बहस की है. हरीश साल्वे लंदन से VC के जरिए जुड़े थे. हाई कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी कर कल सुबह 10.30 बजे तक जवाब मांगा है. ऐसे में अब इस मामले पर कल सुनवाई होगी. 

रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

बता दें कि बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ के 30 जुलाई के आदेश को अब खण्डपीठ में चुनौती दी गयी थी. अपील पेश करने के साथ बसपा और भाजपा विधायक मदन दिलावर के अधिवक्ताओं की ओर से शीघ्र सुनवाई की अर्जी भी पेश की गयी. इसी के चलते हाईकोर्ट ने दोनों ही अपीलों पर शीघ्र सुनवाई की अर्जी मंजूर करते हुए बुधवार को सुनवाई के लिए रखा. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ बुधवार को इन अपीलों पर सुनवाई हुई. 

विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं: 
बहुजन समाज पार्टी और भाजपा विधायक मदन दिलावर की ओर से अपील पेश कर विलय को रद्द करने की भी गुहार लगायी गयी है. अपील में कहा गया है कि एकलपीठ ने उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विलय को लेकर कोई अंतरिम राहत नहीं दी है. विधानसभा अध्यक्ष सचिव और बसपा विधायकों को केवल नोटिस ही जारी किये गये है. जबकि वर्तमान हालात में बसपा के सभी 6 विधायक जैसलमेर की एक होटल में है और उन्हे नोटिस सर्व कराना आसान नहीं है. उनके परिजन भी नोटिस प्राप्त कर रहे हैं. गौरतलब है कि 30 जुलाई को जस्टिस महेन्द्र गोयल की एकलपीठ ने मदन दिलावर और बसपा की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है. लेकिन एकलपीठ ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 

क्या है मामला:
18 सितंबर 2019 को बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के आदेश जारी हुए थे. जिस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए भाजपा विधायक मदन दिलावर ने 16 मार्च 2020 को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत में बसपा विधायको का कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देते हुए रद्द करने की मांग कि गई. 4 माह तक जब शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो 17 जुलाई केा पुन: विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर कार्यवाही करने की मांग की. विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस पर भी कोई कार्यवाही नहीं करने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कि गई. 

दीया कुमारी बोलीं, मैं वसुंधरा राजे का बहुत सम्मान करती हूं, पहली बार संगठन में मंत्री उन्होंने ही बनाया

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग: 
याचिका की सुनवाई के दौरान विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जानकारी दी गयी की 24 जुलाई को ही शिकायत खारिज कर दी गयी है. विधानसभा अध्यक्ष के जवाब के आधार पर याचिका को सारहीन मानते हुए हाईकोर्ट ने मदन दिलावर की याचिका को खारिज कर दिया. लेकिन साथ ही मदन दिलावर को मामले में नयी याचिका पेश करने की छूट दी. बाद में सशोधित याचिका पेश कर मदन दिलावर ने बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय को अमान्य करार देने की मांग की. बहुजन समाज पार्टी ने भी इसमें शामिल होते हुए अलग से याचिका दायर की. हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 जुलाई को दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और बसपा के 6 विधायकों को नोटिस जारी किये. लेकिन बसपा विधायकों के विलय को अमान्य घोषित करने के मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी. 

रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

रैपिड टेस्ट के बाद अब सवालों के घेरे में एंटीजन टेस्ट! चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने फिर उठाए केन्द्र पर सवाल

जयपुर: देशभर में कोरोना स्क्रीनिंग के विवादित रैपिड टेस्ट के बाद अब एंटीजन टेस्ट सवालों के घेरे में है.राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने केंद्र सरकार से अधिकृत एंटीजन किट के सैंपल टेस्ट कराया, जिसमें 50 फ़ीसदी से अधिक मरीजों के रिजल्ट डिफरेंट मिले है.सूबे के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने खुद सैंपल टेस्ट का खुलासा करते हुए एंटीजन टेस्ट पर सवाल उठाए हैं. राजस्थान के चिकित्सा विभाग ने रेपिड किट के बाद अब केंद्र सरकार के अधिकृत एंटीजन टेस्ट को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.चिकित्सा विभाग ने कुछ समय पहले कोरोना से जुड़ी रेपिड टेस्टिंग किट पर सवाल उठाए थे और कहा था कि रैपिड टेस्टिंग किट पॉजिटिव मरीजों को भी नेगेटिव बता रहा है.इसके बाद हरकत में आए आईसीएमआर ने किट के उपयोग पर देशभर में पाबंदी लगाई. यह मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब आईसीएमआर की ओर से एक कोरियन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई जा रही एंटीजन टेस्टिंग किट पर भी चिकित्सा विभाग ने सवाल उठाए हैं.

आईसीएमआर से इस एंटीजन किट की मांग की:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने बताया कि हमने आईसीएमआर से इस एंटीजन किट की मांग की लेकिन अभी तक राजस्थान को यह किट उपलब्ध नहीं हुए हैं.ऐसे में विभाग ने फोर्टिस अस्पताल से यह एंटीजन किट बतौर सैंपल टेस्ट के लिए ली.चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा की माने तो 100 पॉजिटिव मरीजों की जांच एंटीजन टेस्टिंग किट द्वारा की गई तो करीब 50% पॉजिटिव मरीजों को भी इस किट ने नेगेटिव बताया है.ऐसे में चिकित्सा विभाग ने कोरियन कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे एंटीजन टेस्टिंग किट पर सवाल उठाए हैं हालांकि मंत्री ने कहा है कि करीब 100 मरीजों पर एक बार फिर से इस किट द्वारा टेस्टिंग की जाएगी और अगर इसके बाद भी नतीजे पहले जैसे रहते हैं तो आईसीएमआर को इसके बारे में अवगत कराया जाएगा. 

स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट! करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव

एंटीजन टेस्ट के सैंपल रिजल्ट पर निराशा:
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने एंटीजन टेस्ट के सैंपल रिजल्ट पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना के माहौल में आईसीएमआर द्वारा किए जा रहे यह प्रयोग काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं.चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जब देश में प्रतिदिन 55 हजार से ज्यादा पॉजीटिव केसेज आ रहे हो, ऐसे में मरीजों पर प्रायोगिक परीक्षण करना उनका जीवन खतरे में डालने जैसा है. उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों के कम विश्वसनीय टेस्ट को मंजूरी देकर केंद्र सरकार लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है. उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी आईसीएमआर द्वारा मान्यता प्राप्त रैपिड टेस्टिंग किट के नतीजों को लेकर राजस्थान सरकार ने सवाल उठाए थे और आईसीएमआर ने उन्हें सही मानकर देश भर में रैपिड टेस्टिंग किट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई
-चिकित्सा मंत्री ने कहा, अधिकांश केस वर्क प्लेसेज, इण्डस्ट्री, दुकानें, घरेलु नौकर,
-सामाजिक समारोह, पिंकनिक स्पॉट पर लापरवाही के चलते आ रहे है
-रोजाना 30 हजार टेस्ट होने से भी एकाएक बढ़े है कोरोना के केस
-ऐसे में लोगों की सावधानी काफी जरूरी हो गई है कोरोना रोकथाम के लिए 

अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी:
डॉ.शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 115 लोगों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा चुकी है। इसका शत-प्रतिशत परिणाम रहा है. जयपुर, जोधपुर, कोटा के बाद उदयपुर और बीकानेर में भी प्लाज्मा थेरेपी के जरिए लोगों को जीवनदान दिया जा रहा है. अजमेर में  भी शीघ्र ही प्लाज्मा थेरेपी से इलाज मिलने लगेगा. उन्होंने बताया कि जयपुर के बाद हाल ही कोटा में भी प्लाज्मा बैंक की शुरुआत कर दी गई है. जल्द ही सभी पुरानी मेडिकल कॉलेजों में भी प्लाज्मा बैक खोले जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिल सके. उन्होंने कोरोना को हरा चुके लोगों से प्लाज्मा दान देकर लोगों को नया जीवन देने की भी अपील की. 

रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए:
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 40 हजार की लागत के जीवनरक्षक इंजेक्शन (टोसिलीजूमेब व रेमडीसीविर) भी आमजन को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के जरिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब तक 176 लोगों को ये इंजेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनका परिणाम भी सुखद रहा है. उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए बजट की कोई कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मंशा है कि प्रदेश के रिकवरी रेशो को बढ़ाया जाए और मृत्युदर को कम किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.57 फीसद मृत्युदर है. प्लाज्मा थेरेपी एवं जीवनरक्षक इंजेक्शन सहित समुचित उपचार के जरिए राज्य में मृत्यु दर को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

मरीजों को होम क्वारंटीन करवाने के निर्देश:
डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टर्स को ज्यादा कोरोना पॉजीटिव्स आने की स्थिति में स्थानीय लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू लगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. ज्यादा केसेज आने पर मरीजों को होम क्वारंटीन करवाने के निर्देश भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि यदि लोग होम क्वारंटीन का उल्लंघन करते पाए जाएं तो उन्हें संस्थागत क्वारंटीन में रखा जा सकता है.ऐसे में उम्मीद यही है कि लोग भी कोरोना की गंभीरता को समझेंगे और गाइडलाइन की पालना करेंगे. 

दीया कुमारी बोलीं, मैं वसुंधरा राजे का बहुत सम्मान करती हूं, पहली बार संगठन में मंत्री उन्होंने ही बनाया

दीया कुमारी बोलीं, मैं वसुंधरा राजे का बहुत सम्मान करती हूं, पहली बार संगठन में मंत्री उन्होंने ही बनाया

जयपुर: पिछले दिनों लगातार सोशल मीडिया में दीया कुमारी के महामंत्री बनाए जाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं थी लेकिन जब दिया कुमारी से मंगलवार को वसुंधरा राजे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह उनका बहुत सम्मान करती है पहली बार संगठन में मंत्री उन्हें वसुंधरा राजे ने ही बनाया था. साथ ही विधायक बनने के पीछे भी दीया कुमारी ने वसुंधरा राजे को श्रेय दिया. उन्होंने सोशल मीडिया से लेकर पार्टी के गलियारों में चल रही चर्चाओ को सिरे से खारिज किया. नई जिम्मेदारी मिलने पर जेपी नड्डा सतीश पूनियां व चंद्रशेखर का खास आभार जताया.

बागी विधायकों के खिलाफ राजद्रोह केस से पीछे हटी सरकार, आरोपी विधायकों के वॉयस सैंपल लेने से भी किया इनकार

हम राम के वंशज है हमारे लिए यह गर्व की बात:
इस दौरान उन्होंने प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्र शेखर से भी मुलाकात की और  आभार जताया. पूनिया और चंद्रशेखर ने उन्हें नई जिम्मेदारी की बधाई और शुभकामनाएं दी. दिया कुमारी ने कहा की पार्टी ने मुझे जो इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है. मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करूंगी जितना भी मुझे पार्टी की और काम दिया जाएगा उसको पूरी तरह से निभाउंगी. वहीं दीया कुमारी ने राम मंदिर के शिलान्यास को लेकर कहा की हम राम के वंशज है हमारे लिए यह गर्व की बात है की पांच सौ साल बाद राम मंदिर बनेगा.

अभयारण्यों की बुरी स्थिति को लेकर नाराजगी भी जताई:
कल देश में एतिहासिक काम होने जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी प्रहार करते हुए कहा कि सरकार ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है और प्रदेश की जो वर्तमान में स्थिति है वह जनता के सामने है साथ ही उन्होंने कहा कि 2 दिनों में बाघों की मौत होने को लेकर वह प्रकाश जावड़ेकर से बातचीत करेंगे और उन्हें पत्र भी लिखेंगी. प्रदेश के अभयारण्यों की बुरी स्थिति को लेकर नाराजगी भी जताई. दीया कुमारी ने कहा है कि अब वह समयबद्ध रूप से पार्टी कार्यालय आती रहेंगी. प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के लिहाज से संगठन में सतत मेहनत और परिश्रम करेंगे. दीया कुमारी से संवाददाता ऐश्वर्य प्रधान ने खास बातचीत की .

स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट! करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव

स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट! करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मंगलवार को जयपुर के स्वास्थ्य भवन में कोरोना का बड़ा विस्फोट हुआ है. करीब 24 अधिकारी-कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य भवन में हड़कंप मच गया है. दो दिन पहले एक चिकित्सक और एक स्टाफ पॉजिटिव आया था. ऐहतियातन चिकित्सा विभाग की टीम ने निदेशालय से सैम्पल उठाए हैं. 

ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला ने समझा किसानों का दर्द! कुसुम योजना के सफल किसानों को लेकर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र

विभागीय टीमों ने दिनभर में 250 से अधिक कोरोना सैम्पल उठाए:
मंगलवार शाम को आई रिपोर्ट में 14 अधिकारी-कर्मचारी पॉजिटिव पाये गए. इससे पहले सुबह की रिपोर्ट में 8-9 कार्मिकों में कोरोना की पुष्टि हुई.चिंता की बात यह, कोरोना मॉनिटरिंग सेल के कार्मिक भी जद में आए. IDSP सेल में अतिरिक्त निदेशक से लेकर आधा दर्जन स्टाफ पॉजिटिव पाया गया. विभागीय टीमों ने दिनभर में 250 से अधिक कोरोना सैम्पल उठाए हैं. उधर,चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में भी एक कार्मिक पॉजिटिव आया.

बागी विधायकों के खिलाफ राजद्रोह केस से पीछे हटी सरकार, आरोपी विधायकों के वॉयस सैंपल लेने से भी किया इनकार

बागी विधायकों के खिलाफ राजद्रोह केस से पीछे हटी सरकार, आरोपी विधायकों के वॉयस सैंपल लेने से भी किया इनकार

 बागी विधायकों के खिलाफ राजद्रोह केस से पीछे हटी सरकार, आरोपी विधायकों के वॉयस सैंपल लेने से भी किया इनकार

जयपुर: कांग्रेस के बागी विधायकों के खिलाफ विधायक खरीद फरोख्त और सरकार को गिराने की साजिश में एसओजी के तहत दर्ज किया गया राजद्रोह का केस सरकार वापस लेने जा रही है.मामले के आरोपी संजय जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एसओजी ने सीजेएम कोर्ट में कहा कि इस मामले में उनकी जांच में राजद्रोह का केस नहीं बनता है.केवल भष्ट्राचार निवारण अधिनियम की धारा 8-12 का ही अपराध बनता है ऐसे में एसओजी में दर्ज तीनों एफआईआर को एसीबी कोर्ट को भेज दिया जाये.इसके साथ ही एसओजी ने मामले की जांच के लिए भंवरलाल शर्मा और गजेन्द्रसिंह की आवाज के नमूनों की जांच की जरूरत से भी इनकार किया है.

खरीद-फरोख्त मामले में राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला:
विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए बागी विधायक भंवर लाल शर्मा पर दर्ज राजद्रोह के मुकदमे को वापस लेना तय किया है.इसके साथ ही सीजेएम कोर्ट में सरकार ने यह भी कहा है कि वह कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा, विश्वेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की आवाज की जांच नहीं करना चाहती है.गौरतलब है पहले एसओजी ने आडियो टेप के आधार पर इनके वॉयस सैंपल की मांग की थी.

हाईकोर्ट में भी सरकार ने कहा नहीं बनता राजद्रोह का केस:
निचली अदालत के साथ राजस्थान हाई कोर्ट में भी सरकार ने भवंरलाल शर्मा की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कहा कि अब इस मामले में राजद्रोह का केस नहीं बनता है इसलिए मामले को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप से लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी को सौपना चाहते है.चुकि अब इस मामले को लेकर दायर याचिकाए सारहीन हो गई है इसलिए विधायक भवंरलाल शर्मा की याचिकाओं को खारिज किया जाये.

दो याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई:
कांग्रेस से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा की ओर से दायर दो याचिकाओं पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.सुनवाई के दौरान शर्मा की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और एस एस होरा ने पैरवी करते हुए कहा कि.राजस्थान सरकार ने गलत तरीके से उन्हें फंसा कर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है, लिहाजा इस मामले की जांच एनआईए से कराई जाए.वहीं राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लुथरा और एडवोकेट अनिल उपमन ने अदालत को बताया कि विधायक भवंरलाल शर्मा की याचिकाए सारहीन हो गई है क्योंकि इस मामले में एसओजी की जाचं में राजद्रोह का केस बनना नही पाया है और निचली अदालत में सभी पत्रावली को एसओजी से एसीबी में ट्रांसफर के लिए प्रार्थना कि गई है.सरकार ने कहा कि हम राजद्रोह का मुकदमा आगे नहीं चलाना चाहते हैं.बहस सुनने के बाद जस्टिस सतीश शर्मा की एकलपीठ ने विधायक भवंरलाल शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में दायर सभी चार याचिकाओं को एक साथ टैग कर 11 अगस्त को सुनवाई के लिए रखा है.

प्रदेश की जेलों में शराब, मादक पदार्थ और मोबाइल मिलने का मामला: जेल डीजी को हाईकोर्ट में पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश

क्या सता रहा है एनआईए का डर:
सरकार के राजद्रोह केस में यु टर्न के बाद माना जा रहा है कि सरकार को मामले में एनआईए की एन्ट्री का डर है.राजस्थान सरकार नही चाहती कि टेप कांड की जांच एसओजी से निकलकर एनआईए के पास चली जाए.क्योंकि राजद्रोह के केस में एनआईए भी जांच शुरू कर सकती है.ऐसे में पुरा मामला राज्य सरकार के हाथ से निकलकर केन्द्र सरकार के अधीन जा सकता है जिसके बाद स्थिती बदल सकती है. ऐसे में समय रहते सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए राजद्रोह के केस में बैकफुट आना ही उचित समझा.

या पिघल रही है बर्फ:
वहीं राजनैतिक हलकों में ये भी माना जा रहा है कि पिछले दो दिनों में कांग्रेस हाईकमान से मिले निर्देशों के बाद ही दोनों खेमों के बीच की जमी बर्फ पिघलने लगी है.इसे गहलोत खेमे और पायलट खेमे के बीच की दूरिया कम होने की ओर से शुरूआत माना जा रहा है.रविवार को दिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.जब मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर बागी विधायक हाईकमान से माफी मांगते है तो मैं गले लगाने को तैयार हूं. उसके बाद सोमवार को मानेसर गई हुई एसओजी की तीनों टीमे भी वापस राजस्थान लौट आयी.इसके अगले ही दिन यानी आज सुबह निचली अदालत में एसओजी ने राजद्रोह का केस वापस लेने और वॉयस सैंपल की जरूरत नहीं होने की बात कहते हुए पुरा मामला एसीबी को ट्रांसफर करने की मांग की.दोपहर होते होते सरकार ने हाईकोर्ट में भी राजद्रोह केस नही बनने की बात कबूल की.कहा तो ये तक जा रहा है कि राजद्रोह का केस वापस लेने के बाद ही पायलट खेमे के कुछ विधायकों द्वारा गहलोत को सकारात्मक संदेश मिला है लेकिन बातचीत में मुख्य पेच राजद्रोह केस था.पायलट खेमे के विधायकों से संकेत मिलने के बाद बाद ही आनन फानन में एसओजी की टीम को वापस बुलाने के साथ ही अदालत से भी राजद्रोह का केस वापस लेने की बात कही गई. इस पूरे मामले में एक अधिवक्ता की भी अहम भूमिका समझी जा रही है. 

ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला ने समझा किसानों का दर्द! कुसुम योजना के सफल किसानों को लेकर केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र

Open Covid-19