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कुंभ मेले के लिए रेलवे-रोडवेज के इंतजाम

कुंभ मेले के लिए रेलवे-रोडवेज के इंतजाम

जयपुर। प्रयागराज में कुंभ मेला शुरू हो रहा है। यहां पर श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए रेलवे और रोडवेज प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। रेलवे प्रशासन ने जहां बंद हो चुकी जयपुर-इलाहाबाद ट्रेन का संचालन दुबारा शुरू कर दिया है। वहीं रोडवेज प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए आधा दर्जन बसें शुरू कर रहा है। 

मकर संक्रांति से शुरू हो रहे कुंभ मेले में स्नान करने के लिए जयपुर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज जाएंगे। इसके लिए लोगों ने ट्रेनों में बुकिंग शुरू कर दी है। प्रयागराज में कुंभ मेला मार्च माह के मध्य तक चलेगा। इसे देखते हुए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। जयपुर से इलाहाबाद के बीच संचालित होने वाली ट्रेन को पूर्व में रेलवे प्रशासन ने कोहरा होने के चलते आंशिक रूप से रद्द कर दिया था। यह ट्रेन इलाहाबाद से मथुरा तक ही संचालित हो रही थी और जयपुर के लिए इसे रद्द रखा गया था, लेकिन अब यह फिर से शुरू हो रही है। इसके साथ ही रेलवे प्रशासन ने 2 अन्य ट्रेनों का ठहराव भी प्रयागराज के नजदीकी स्टेशनों पर शुरू किया है। यह ठहराव केवल कुंभ मेले की अवधि के लिए ही रहेगा। इसके अलावा रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किराए में भी रियायत दी है। रेलवे प्रशासन ने मेला सरचार्ज को खत्म कर दिया है।अब मेला स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों का सरचार्ज नहीं लगेगा। अब तक साधारण श्रेणी में 5 रुपए, स्लीपर क्लास में 10 रुपए, थर्ड एसी में 20 रुपए, सेकंड एसी में 30 रुपए और फर्स्ट एसी में 40 रुपए सरचार्ज लगता था।

- इलाहाबाद-जयपुर-इलाहाबाद का पुन: संचालन
- ट्रेन संख्या 12403 इलाहाबाद-जयपुर सुपरफास्ट 13 जनवरी से चलेगी
- ट्रेन संख्या 12404 जयपुर-इलाहाबाद सुपरफास्ट 14 जनवरी से चलेगी
- ट्रेन जयपुर से 14 जनवरी, 15, 16, 17, 20, 21, 22 व 23 जनवरी को चलेगी
- 3 फरवरी, 4, 5, 6, 9, 10, 11 व 12 फरवरी को चलेगी
- उत्तर-पश्चिम रेलवे की 2 ट्रेनों का नजदीकी स्टेशनों पर ठहराव
- सियालदाह-अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस इटावा में ठहरेगी
- 13 जनवरी से 23 जनवरी तक इटावा स्टेशन पर ठहरेगी ट्रेन
- सियालदाह से आते हुए शाम 4:12 बजे 1 मिनट रुकेगी
- अजमेर से जाते हुए रात 9:28 बजे 1 मिनट रुकेगी
- हावड़ा-जोधपुर/बीकानेर एक्सप्रेस का ठहराव
- 2 फरवरी से 21 फरवरी तक विन्ध्याचल स्टेशन पर रुकेगी
- हावड़ा से आते हुए सुबह 11:11 बजे 1 मिनट रुकेगी
- जोधपुर-बीकानेर से जाते हुए दोपहर 3:10 बजे रुकेगी

कुंभ मेले के लिए इंतजाम करने में राजस्थान रोडवेज प्रशासन भी पीछे नहीं है। यूपी रोडवेज की जयपुर से प्रयागराज के लिए कई एक्सप्रेस बसें चल रही हैं। इसे पीछे छोड़ते हुए राजस्थान रोडवेज 2 सुपरलग्जरी बसें प्रयागराज के लिए शुरू कर रहा है। इनमें एक बस एसी स्लीपर होगी जबकि दूसरी बस वोल्वो या स्कानिया श्रेणी की होगी। इसके अलावा 4 एक्सप्रेस बसें शुरू करने के लिए भी परमिट लेने की प्रक्रिया चल रही है।

राजस्थान रोडवेज की श्रद्धालुओं के लिए बड़ी पहल
- 12 जनवरी से शुरू होगी सुपर लग्जरी बस स्कानिया-वोल्वो बस
- जयपुर से हर रोज शाम 7 बजे, प्रयागराज से रोज शाम 7 बजे चलेगी
- 1716 रुपए किराया लगेगा, 14 घंटे का होगा सफर
- 12 जनवरी से ही एसी स्लीपर बस संचालित होगी प्रयागराज के लिए
- जयपुर और प्रयागराज से हर रोज शाम 6 बजे रवाना होगी
- 1248 रुपए किराया लगेगा, स्लीपर सीट के लिए 50 रुपए अतिरिक्त
- महिलाओं और वृद्धजनों के लिए राजस्थान की सीमा में किराए में 30 फीसदी छूट

कुल मिलाकर रेलवे और रोडवेज के इंतजामों से यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। वे श्रद्धालु जो इस बार सुरक्षित तरीके से कुंभ मेले पर गंगा में स्नान करना चाहते हैं, रोडवेज और रेलवे की पहल से लाभान्वित हो सकेंगे।
- काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता ही जा रहा है. प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या दस हजार के करीब पहुंच गई है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 68 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. इसमें झालावाड़ में सर्वाधिक 23 मरीज मिले हैं. इसके अलावा बारां में 4, भरतपुर में 20, जयपुर में 16, कोटा में 2, सवाईमाधोपुर में 1 केस और अन्य राज्य से 2 मरीज आये पॉजिटिव चिन्हित किए गए हैं. ऐसे में अब प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ बढ़कर 9930 पहुंच गया है. वहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या 213 हो गई है. 

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राजस्थान में कुल रिकवर मरीज 7162:
वहीं दूसरी ओर राहत वाली खबर यह है कि प्रदेश में अब तक कुल 7162 मरीज रिकवर हुए हैं. ऐसे में अब एक्टिव केसों की संख्या 2555 पहुंच गई है. इसके साथ ही राजस्थान में कुल प्रवासी पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2859 है. 

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गुरुवार को 210 नए पॉजिटिव केस सामने आये:
इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में 4 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 210 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. जयपुर, भरतपुर, सवाई माधोपुर और एक अन्य राज्य के मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 49 केस अकेले भरतपुर में सामने आये है. अजमेर 6, बारां 8, बाड़मेर 3, भीलवाड़ा 5 पॉजिटिव, बीकानेर 1, बूंदी 2, चित्तौड़गढ़ 8, चूरू 25, जयपुर 12 पॉजिटिव, जालोर 6, झुंझुनूं 6, जोधपुर 29, करौली एक, कोटा 7 पॉजिटिव, नागौर 6, पाली 5, राजसमंद तीन, सवाई माधोपुर 1 पॉजिटिव, सीकर 12, सिरोही 2, उदयपुर में 8 और दूसरे राज्य के 5 पॉजिटिव सामने आये है. 


 

VIDEO: Sodium Hypochlorite छिड़काव में Kota ने Jaipur को छोड़ा पीछे

जयपुर: प्रदेश में जब से लॉकडाउन लागू हुआ है तब से अब तक प्रदेश के शहरी निकाय कोरोना वायरस के संग्रमण से बचाव के लिए सोडियम हाइपो क्लाराईट का छिड़काव कर रहे हैं. वहीं शहरों की स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट्स भी वितरित कर रहे हैं. 

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प्रदेश भर में जब मार्च के अंतिम सप्ताह में लॉक डाउन लागू किया गया था. तब प्रदेश के नगर निगम नगर परिषद और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों को अलग रखा गया था. ये कर्मचारी तब से लॉकडाउन में भी काम कर रहे थे. स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने निर्देश दिए थे कि सभी शहरी इलाकों में सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जाए. इस काम को प्राथमिकता से किया जाए. इसके अलावा गरीब मजदूर और जरूरतमंद परिवारों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराने की भी अहम जिम्मेदारी दी गई थी. शहरी निकायों को सौंपे इन दो प्रमुख कार्यों की स्वायत शासन विभाग के स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है अब तक सभी शहरों में 42 लाख 35 हजार 204 लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव किया जा चुका है इसी तरह निकायों ने स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से 3 करोड़ 62 लाख 98 हजार 984 भोजन के पैकेट का अब तक वितरण किया है. आपको सब से पहले बताते हैं कि किस संभाग के निकायों ने कितना काम किया है. 

- अजमेर संभाग के निकायों ने 2 लाख 27 हजार 205 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 31 लाख 23 हजार 354 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- भरतपुर संभाग के निकायों ने 1 लाख 74 हजार 476 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 6 लाख 5 हजार 342 फूट पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- बीकानेर संभाग के निकायों ने 1 लाख 24 हजार लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 43 लाख 84 हजार 33 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- जयपुर संभाग के निकायों ने 5 लाख 22 हजार 745 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 1 करोड़ 88 लाख 68 हजार 889 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- जोधपुर संभाग के निकायों ने 1 लाख 71 हजार 691 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 31 लाख 66 हजार 871 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- कोटा संभाग के निकायों ने 28 लाख 93 हजार 506 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 38 लाख 1 हजार 174 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

- उदयपुर संभाग के निकायों ने 1 लाख 21 हजार 524 लीटर रसायन का छिड़ाव किया वहीं 8 लाख 38 हजार 375 फूड पैकेट्स का वितरण किया गया. 

संभागवार निकाय की ओर से किए काम का आकलन करे तो रसायन छिड़काव के मामले में पहले स्थान पर कोटा, दूसरे पर जयपुर, तीसरे पर अजमेर,  चौथे पर भरतपुर, पांचवे पर जोधपुर, छठे पर बीकानेर और आखिरी नम्बर पर उदयपुर संभाग है. जबकि फूड पैकेट्स वितरण को देखें तो पहले स्थान पर जयपुर संभाग, दूसरे स्थान पर बीकानेर, तीसरे स्थान पर कोटा, चौथे स्थान पर जोधपुर, पांचवे स्थान पर अजमेर, छठे स्थान पर उदयपुर और सबसे आखिरी स्थान पर भरतपुर है. इन आकड़ों की दो महीने पहले के आकड़ों से तुलना की जाए तो कोटा संभाग ने रसायन छिड़काव के मामले में जयपुर को पीछे छोड़ दिया है. अजमेर संभाग अपने तीसरे स्थान पर कायम है. दो महीने पहले छठे स्थान पर रहने वाला भरतपुर संभाग अब चौथे स्थान पर आ गया है. जबकि जोधपुर संभाग चौथे से पांचवे स्थान पर फिसल गया है. जबकि उदयपुर संभाग इस मामले में दो महीने पहले की तरह अब भी सबसे फिसड्डी ही है. इसी प्रकार जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट़्स बांटने के मामले में जयपुर पहले स्थान पर बना हुआ है. अब आपको बताते हैं शहर के सात बड़े निकायों की इस लिहाज से स्थिति क्या है...

- जयपुर नगर निगम ने 1 लाख 4 हजार 991 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 1 करोड़ 56 लाख 95 हजार 806 फूड पैकेट्स का वितरण किया 1

- अजमेर नगर निगम ने 10 हजार 254 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 13 लाख 61 हजार 949 फूड पैकेट्स बांटे  5

- भरतपुर नगर निगम ने 4 हजार 62  लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 1 लाख 11 हजार 892 फूड पैकेट्स बांटे 7

- उदयपुर नगर निगम ने 36 हजार 120 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 10 लाख 39 हजार 339 फूड पैकेट्स बांटे 6

- कोटा नगर निगम ने 28 लाख 14 हजार 510 लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 29 लाख 22 हजार 93 फूड पैकेट्स बांटे 2

- बीकानेर नगर निगम ने 48 सौ लीटर रसायन का छिड़काव किया वहीं 22 लाख 55 हजार 719 फूड पैकेट्स बांटे 3

- जोधपुर नगर निगम ने 15 हजार 918 लीटर रसायन का छिड़काव किया और 18 लाख 70 हजार 424 फूड पैकेट्स बांटे  4

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दो महीने पहले की स्थिति से तुलना करें तो रसायन छिड़काव के मामले में कोटा नगर निगम पहले स्थान पर ही बना हुआ है. पहले की ही तरह जयपुर भले ही दूसरे नम्बर पर है लेकिन अब भी कोटा नगर निगम से इस मामले में काफी पीछे है. जोधपुर नगर निगम तीसरे से चौथे नंबर पर और अजमेर नगर निगम पहले की तरह ही पांचवे नम्बर पर बना हुआ है. भरतपुर नगर निगम चौथे स्थान से सीधे आखिरी पायदान पर पहुंच गया. जबकि उदयपुर नगर निगम मामले में प्रगति करते हुआ छठे स्थान से तीसरे स्थान पर आ गया है. जबकि भोजन पैकेट्स की वितरण का काम देखें तो जयपुर नगर निगम इस काम पहले की तरह ही अव्वल है. अजमेर नगर निगम दूसरे से पांचवे स्थान पर कोटा नगर निगम तीसरे से दूसरे स्थान पर और बीकानेर नगर निगम पांचवे से तीसरे स्थान पर आ गया है. उदयपुर नगर निगम और भरतपुर नगर निगम अब भी पहले की तरह सबसे पीछे छठे और सातवें स्थान पर बने हुए हैं. 

सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरा शराब की दुकान खोलने का निर्णय, राजस्थान में करीब 1000 करोड़ रुपए की शराब बिकी

सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरा शराब की दुकान खोलने का निर्णय, राजस्थान में करीब 1000 करोड़ रुपए की शराब बिकी

जयपुर: राज्य सरकार ने जिस उम्मीद से लॉक डाउन में शराब की दुकान खोलने का जो साहसिक निर्णय लिया था 1 महीने में ही यह निर्णय सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरा है. इस 1 महीने की अवधि में प्रदेश में करीब 1000 करोड़ रुपए की शराब बिकी है जिससे सरकार को करीब 400 करोड़ रुपए आबकारी राजस्व के तौर पर मिला है. 

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शराब की दुकान खोलने को लेकर सरकार को आलोचना भी झेलनी पड़ी: 
लॉक डॉन में शराब की दुकान खोलने को लेकर सरकार को आलोचना भी झेलनी पड़ी थी और शुरुआती 2 दिन में जिस तरह से लोग शराब खरीदने के लिए शराब के ठेकों पर टूटकर पड़े उससे भी एक बार सरकार के इस निर्णय को लेकर अलग अलग राय सामने आई थी. कोरोना संकट के चलते केंद्र और राज्य सरकार ने लॉक डाउन की घोषणा की थी इसके बाद प्रदेश में 23 अप्रैल को सभी शराब की दुकानों को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया था. लॉक डाउन की अवधि में केंद्र से अपेक्षित मदद न मिलने और राज्य के सभी आर्थिक संसाधन अवरुद्ध हो जाने से सरकार शराब की दुकान खोलने को लेकर पसोपेश में थी. इस दौरान मार्च के अंत में यानी 31 मार्च को वर्ष 2019-20 का आबकारी बंदोबस्त भी समाप्त हो चुका था. 

नए लाइसेंसी भी लाइसेंस फीस जमा कराने से कतरा रहे थे:
अचानक लॉक डाउन में शराब दुकान बंद होने से वित्त वर्ष के अंतिम 8 दिनों में पुराने अनुज्ञाधारियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था. सरकार के सामने चुनौती थी कि 1 अप्रैल से शुरू हुए नए वित्त वर्ष में कैसे नए आबकारी बंदोबस्त को लागू किया जाए. इस दौरान जो सबसे बड़ी समस्या थी वह यह थी कि पुराने अनुज्ञाधारियों से वित्तीय सेटलमेंट भी करना था और नए अनुज्ञाधारियों से लाइसेंस फीस जमा कराने की भी बड़ी चुनौती थी. दरअसल लॉक डाउन के चलते नए लाइसेंसी भी लाइसेंस फीस जमा कराने से कतरा रहे थे. ऐसे में वित्त विभाग के एसीएस निरंजन आर्य, एसएसआर डॉ पृथ्वी और आबकारी आयुक्त बीसी मलिक ने अपनी पूरी टीम के साथ कड़ी मशक्कत की और अधिकतर अनुज्ञाधारियों से लाइसेंस फीस जमा करवाने में सफल रहे. हालांकि अभी भी प्रदेश की होटल, क्लब और resto-bar बंद हैं जिनकी संख्या करीब 1000 है. इनमें से चार सौ से ज्यादा होटल, क्लब और resto-bar ने अभी तक अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं करवाया है. बहरहाल तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आबकारी विभाग ने अंग्रेजी और देसी शराब के अनुज्ञाधारियों से फीस वसूल कर ली.

करीब 41 दिन बंद रखने के बाद 4 मई को खोली शराब की दुकान:
अब चुनौती इस बात की थी की लॉक डाउन के दौरान शराब दुकानों को कैसे और कब खोला जाए ? लॉक डाउन में करीब 41 दिन बंद रखने के बाद आखिर 4 मई को प्रदेश में शराब दुकानों को खोल दिया गया. इसके लिए बाकायदा गाइडलाइन जारी की गई. सीधे तौर पर अनुज्ञाधारियों को कहा गया कि वे अपनी दुकान पर बैरिकेडिंग कराएं, सोशियल डिस्पेंसिंग की सख्ती से पालना करें, मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर का उपयोग हो और समय सीमा को भी सुबह 10 बजे से रात्रि 8 बजे के स्थान पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही रखा गया. 4 मई को जैसे ही शराब दुकानों को खोला गया सुरा प्रेमियों का धैर्य का बांध मानो टूट गया और ऐसा महसूस हुआ जैसे उन्होंने शराब दुकानों पर धावा बोल दिया हो. पहले ही दिन आरएसबीसीएल और गंगानगर शुगर मिल के डिपो से करीब 74 करोड रूपए की शराब बेची गई. इसके अगले दिन 59 करोड़ फिर 65 करोड़ की शराब बिकी. पिछले 1 महीने में प्रदेश में करीब 1000 करोड रुपए की अंग्रेजी व देशी शराब लिखी है.

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अब करीब 20 करोड़ से 25 करोड़ रुपए औसतन रोजाना की शराब बिक रही:
इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और अब करीब 20 करोड़ से 25 करोड़ रुपए औसतन रोजाना की शराब बिक रही है. गर्मी के चलते वैसे भी इस समय शराब की बिक्री ज्यादा होती है लेकिन पर्यटन स्थल बंद होने से और विदेशी पर्यटकों की आवक लगभग बंद होने से अपेक्षित बिक्री नहीं हो पा रही है. सरकार को शराब दुकान खोलने के 1 महीने के अंदर ही करीब 400 करोड रुपए आबकारी शुल्क के तौर पर राजस्व मिला है. 3 दिन पहले ही राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर अंग्रेजी व देशी शराब पर प्राकृतिक आपदाओं और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए ₹5 से लेकर ₹30 तक सर चार्ज भी लगाया है. वैसे भी राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 12500 करोड रुपए का आबकारी राजस्व का लक्ष्य रखा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में शराब की बिक्री तो बढ़ेगी ही सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी. 

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जयपुर: राजधानी जयपुर के होम्योपैथी चिकित्सकों ने वैश्विक बीमारी कोरोना का सटीक ट्रीटमेंट खोजने का दावा किया है. होम्योपैथी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर डॉ अजय यादव ने सवाई मानसिंह अस्पताल और महिला चिकित्सालय में भर्ती 80 कोविड मरीजों पर न सिर्फ अध्ययन किया, बल्कि उनमें से 44 मरीजों को ब्रोमियन और क्लोरम दवा के काम्बिनेशन से ठीक भी किया.

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कई ऐसे कोरोना मरीज पूरी तरह ठीक हो गए: 
कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप बोरड की प्रेरणा से किए गए शोध में खास बात ये रही कि कई ऐसे कोरोना मरीज पूरी तरह ठीक हो गए, जो न्यूरो की प्राब्लम से भी ग्रसित थे. बोरड और डॉ यादव ने अपने शोध को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की और उनसे शोध को लेकर लिखी पुस्तक "मिस्ट्री ऑफ कोरोना" का विमोचन भी करवाया. इस दौरान डॉ यादव और बोरड से खास बातचीत की फर्स्ट इंडिया संवाददाता विकास शर्मा ने...


 

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जयपुर: आज रात साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है. यह ग्रहण वास्तविक चंद्र ग्रहण ना होकर एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. इस ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं माना गया. इसके साथ ही उप छाया ग्रहण का कोई सूतक भी नहीं लगता है. आज लगने वाला उपछाया चंद्र ग्रहण रात में 11 बजकर 11 मिनट से शुरू होगा और रात में 2 बजकर 34 मिनट पर खत्म होगा. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं जो चंद्रग्रहण के बाद करना शुभ माने जाते हैं.

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- चंद्रग्रहण के बाद मंदिर को साफ-सुथरा करके यदि आपके घर में भगवान की प्रतिमा है तो उन्‍हें गंगाजल से स्नान करके नए वस्त्र पहनाएं. उसके बाद पूजा करके भोग लगाएं और खुद भी अन्न और जल ग्रहण करें. 

- चंद्रग्रहण के बाद सफेद वस्‍तुओं का दान करना मंगलकारी होता है. ग्रहण के बाद गुरुजनों, ब्राह्मणों और पुरोहितों एवं जरूरतमंदों को दान करना चाहिए. 

- राणों में चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के बाद स्‍नान को बेहद आवश्‍यक बताया गया है. एक बात का ध्‍यान रखें कि स्‍नान कपड़े पहनकर करें. शास्‍त्रों में नग्‍न होकर स्‍नान करना वर्जित बताया गया है. 

- ग्रहण के बाद घर में हर जगह गंगाजल का छिड़काव करें. साथ ही पूजा स्‍थल को भी पवित्र करें और सभी मूर्तियों पर गंगाजल छिड़कें. 

- चंद्रग्रहण के बाद रात के बचे हुए पके भोजन को न खाएं. आप चाहें तो इसे सुबह पशुओं को खिला सकते हैं. 

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Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 4 लोगों की मौत, 210 नए पॉजिटिव केस आये सामने, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 9862

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में 4 लोगों की मौत, 210 नए पॉजिटिव केस आये सामने, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 9862

जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस के मरीज बढ़ते जा रहे है. गुरुवार रात 8.30 बजे तक 4 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 210 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब तक 213 लोगों की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो चुकी है. वहीं कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 9 हजार 862 पहुंच गई. राजस्थान में पॉजिटिव से नेगेटिव कुल 7104 मरीज हुए. अस्पताल से कुल 6490 मरीज डिस्चार्ज किए गए. कुल 2545 एक्टिव मरीज अस्पताल में उपचाररत है. कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 2843 पहुंच गई है.

जयपुर एयरपोर्ट से आज रहीं 7 फ्लाइट रद्द, स्पाइसजेट की 4, इंडिगो की 2 फ्लाइट रहीं रद्द

सर्वाधिक 49 केस अकेले भरतपुर में आये सामने:
जयपुर,भरतपुर,सवाई माधोपुर और एक अन्य राज्य के मरीज की मौत हो गई. सर्वाधिक 49 केस अकेले भरतपुर में सामने आये है. अजमेर 6, बारां 8, बाड़मेर 3, भीलवाड़ा 5 पॉजिटिव, बीकानेर 1, बूंदी 2, चित्तौड़गढ़ 8, चूरू 25, जयपुर 12 पॉजिटिव, जालोर 6, झुंझुनूं 6, जोधपुर 29, करौली एक, कोटा 7 पॉजिटिव, नागौर 6, पाली 5, राजसमंद तीन, सवाई माधोपुर 1 पॉजिटिव, सीकर 12, सिरोही 2, उदयपुर में 8 और दूसरे राज्य के 5 पॉजिटिव सामने आये है. 

जयपुर में कोरोना का बढ़ता दायरा:
राजधानी जयपुर में कोरोना वायरस का दायरा बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटे में एक मरीज की मौत हो गई. जबकि 12 पॉजिटिव केस सामने आये है. सबसे ज्यादा चांदपोल बगरू वाले के रास्ते में 4 मरीज,  इसके अलावा ब्रह्मपुरी में एक, जेएनयू में एक, बनीपार्क 1 पॉजिटिव, नाहरी का नाका एक, गणगौरी बाजार एक, सेन्ट्रल जेल 2 पॉजिटिव, पानीपेच में एक मरीज पॉजिटिव मिला है. जयपुर में अब तक 101 मरीजों की कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है. वहीं कुल मरीजों की संख्या 2136 पहुंच गई है. 

सीएम गहलोत के प्रयास लाए रंग, बदलने लगी प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर

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जयपुर: जीवन के साथ आजीविका भी जरूरी है, यह कहना है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का. सीएम  गहलोत के प्रयासों के बाद अब प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदलने लगी है. प्रदेश की अनेक एमएसएमई इकाइयों ने नवाचारों के प्रयोग के साथ उत्पादन शुरू कर दिया और श्रमिकों को भी अब काम मिलने लगा है. 

औद्योगिक गतिविधियां अब फिर से सांस लेने लगी:
दो महीने के लॉकडाउन के दौरान ठप हुई प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियां अब फिर से सांस लेने लगी है. राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए शुभ संकेत आने लगे हैं और कोटा, भीलवाड़ा, भरतपुर, भिवाड़ी, बीकानेर, चित्तोडगढ़, जोधपुर, जयपुर, अजमेर आदि की अधिकांश बड़ी इकाइयों ने उत्पादन शुरु कर दिया है. सीमेंट, टैक्सटाइल्स, पत्थर, आयल, फूड प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर, केमिकल, ग्लास सहित अनेक बड़ी इकाइयों में उत्पादन शुरु हो गया है.

-लॉकडाउन-1 में 1840 इकाईयां चालू थी, 44 हजार श्रमिक कार्यरत थे
-लॉकडाउन-2 में 6290 इकाईयों में  1 लाख 40 हजार श्रमिक काम कर रहे थे
-लॉकडाउन-3 में 7790 इकाईयां चालू हो गई, 53 हजार मजदूर रोजगार से जुड़े
-लॉकडाउन-4 में 21728 इकाईयां और खुली, 94700 लोग रोजगार से जुड़े
-अब तक 37 हजार 648 इकाईयां प्रदेश में काम कर रही
-3 लाख 33 हजार से अधिक श्रमिक कर रहे हैं काम
-440 से अधिक बड़ी व मेगा इकाईयां शुरू हो चुकी है प्रदेश में

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लॉकडाउन की वजह से परिस्थितियों में आया बदलाव:
मुख्यमंत्री गहलोत ने दो बार औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, उद्योगपतियों व औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करके उनको आश्वासन दिया था कि सरकार उद्योग जगत को हर संभव सहयोग देगी. इसी का असर है कि अब उद्योग जगत में विश्वास जगा है प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियां पटरी पर आने लगी है. पूरे प्रदेश की बात करें, तो अब तक 43 फीसदी यूनिट्स शुरू हो चुकी है और 27 फीसदी श्रमिक काम पर लौट आए हैं. एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने लॉक डाउन के कारण परिस्थितियों में बदलाव आया है. उन्होंने अधिकारियों को उद्यमियों के विश्वास पैदा करने, सरकारी पैकेजों का लाभ दिलाने में सहयोग करने और उनसे संवाद कायम रखते हुए प्रदेश के औद्योगिक सिनेरियोें और अधिक बेहतर बनाने के समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए. विभाग ने अब उद्योगों और बाहर से आने वाले स्थानीय श्रमिकों के बीच समन्वय बनाने के निर्देश दिए. इससे स्थानीय श्रमिकों को यहां ही रोजगार मिल सकेगा. राज्य में 80 प्रतिशत से अधिक 547 में से 440 वृहदाकार इकाइयों ने उत्पादन शुरु हो गया है. वहीं करीब 30 फीसदी एमएसएमई इकाइयां उत्पादन कार्य में लग गई है. जापानी जोन में भी 45 में से 38 इकाइयों में उत्पादन होने लगा है.

-वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में टैक्सटाइल उद्योग ने रफ्तार पकड़ी
-पाली व बालोतरा में भी उद्योग पटरी पर आने लगे
-मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुबोध अग्रवाल ने की वीसी
-उद्योग जगत के साथ मंथन किया एसीएस सुबोध ने
खुद मुख्यमंत्री भी दो बार कर चुके हैं उद्योग जगत से संवाद
-स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने पर दिया जा रहा जोर
-सीएम के निर्देश पर श्रम विभाग भी आंकड़े जुटा रहा
-प्रदेश के श्रमिकों को किया जाएगा स्किल्ड

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कोरोना से जंग में कारगर हथियार, कोरोना गीत ने यूट्यूब पर मचाई धूम

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जयपुर: कोरोना वायरस खतरनाक है और इस वायरस का अदृश्य होना इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाता है. इसे लेकर मुंबई के आर्टिस्ट्स ने गीत पिक्चराइज्ड करके प्रजेंट किया है.बॉलीवुड सिंगर उदित नारायण के सुर से सजे इस गीत को आम जनता में प्रचारित करके खास तौर पर कंटेनमेंट जोन में तमाम एहतियात को लागू करने का बीड़ा उठाया एडीजी क्राइम बीएल सोनी ने और इन सामूहिक कोशिशों का ही नतीजा यह निकला कि यह गीत यूट्यूब पर तो धूम मचा ही रहा है लेकिन खास तौर पर कंटेनमेंट जोन में संक्रमण फैलाव से रोकने का बड़ा कारगर हथियार भी साबित हो रहा है. कोविड 19 में बचाव और सावधानी सबसे बड़ा हथियार है. इसके मद्देनजर एडीजी क्राइम बीएल सोनी ने एक कविता के जरिये लोगों को जागरुक करने का बीड़ा उठाया. जब कंटेनमेंट जोन जयपुर के रामगंज इलाके में इस कविता के असर का पता चला तब इसके लेखक की खोज हुई. तब पता चला कि इसके कवि कोटा निवासी शरद गुप्ता हैं जो अभी मुंबई में आरपीएफ में कमांडिंग अधिकारी हैं. 

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म्यूजिक कंपोजिंग की प्रेरणा जगी:
तब आपसी बातचीत के जरिये इसके गीत के रूप में म्यूजिक कंपोजिंग की प्रेरणा जगी जिसका बीड़ा उठाया नामी म्यूजिक डायरेक्टर आमोद भट्ट ने.इसे जब बॉलीवुड सिंगर पद्मभूषण उदित नारायण ने सुना तो खुद गाया और फिर आमोद भट्ट की इस मुहिम से संगीत नियोजक के रूप में गुवाहाटी के आलाप दुदुल सैकिया और गीतकार के रूप में शकील अख्तर जुड़े तो वीडियो के लिए सतीश,राजेन्द्र गुप्ता और हेमंत पांडे ने अपना योगदान दिया. इसमें यह संदेश दिया गया है कि कोराना जंग जारी है और इससे दमखम से लड़ने के साथ एहतियात बेहद जरूरी है.

1 जून को यूट्यूब पर रिलीज हुआ गीत:
इसमें बताया गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग,मास्क और सुरक्षा संबंधी नियम मानने होंगे और बेवजह बाहर नहीं निकला जाए. यह गीत 1 जून को यू ट्यूब पर रिलीज हो गया. इस गीत की खासियत यह है कि संगीत तैयार होने के बाद सिंगर उदित नारायण की डबिंग भी मोबाइल के जरिये ही हुई. अब यू ट्यूब पर इस गाने को हजारों लोग देखकर लाइक कर रहे हैं तो आप भी खुद सुरक्षित रहकर औरों को भी दें जागरुकता का यह संदेश.      

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