जयपुर सतीश पूनिया के विधानसभा में संबोधन के दौरान जमकर बरपा हंगामा, स्पीकर ने सत्ता पक्ष को दे डाली नसीहत

सतीश पूनिया के विधानसभा में संबोधन के दौरान जमकर बरपा हंगामा, स्पीकर ने सत्ता पक्ष को दे डाली नसीहत

सतीश पूनिया के विधानसभा में संबोधन के दौरान जमकर बरपा हंगामा, स्पीकर ने सत्ता पक्ष को दे डाली नसीहत

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के विधानसभा में संबोधन के दौरान जमकर हंगामा बरपा. विधानसभा की कार्रवाई को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा. स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को फटकार लगाई और सत्ता पक्ष से साफ कहा कि राज करने वालों को बोलने वालों की बात सुननी पड़ेगी, लोकतंत्र को बचाने में सत्ता पक्ष की भूमिका विपक्ष से ज्यादा है. स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने हंगामा करने वाले सदस्यों को फटकार लगाई और लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए संसदीय मर्यादाओं का पाठ पढ़ाया. 

बजट पर वाद विवाद के दौरान जब सदन में सतीश पूनिया बोल रहे थे तब जमकर हंगामा खड़ा हो गया. सभापति राजेंद्र पारीक को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, आधे घंटे की कार्रवाई स्थगित होने के बाद जब स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी सदर में आए तब हालात नियंत्रण में आए.  स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने हंगामा करने वाले सदस्यों को फटकार लगाई और लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए संसदीय मर्यादाओं का पाठ पढ़ाया. 

पूनिया की इस बात को लेकर बरपा सदम में हंगामा:
सतीश पूनिया कहा कि प्रदेश के अस्पताल बीमार है लगता है सरकार लचर व लाचार है, इस बजट से लग रहा है जैसे मध्यावधि चुनाव का बजट है, इस सरकार का दीया लगता है अब टिमटिमाने लगा है. सतीश पूनिया को बीच में ठोका मंत्री परसादी मीणा ने और राजेंद्र सिंह गुढ़ा की टोका टाकी शुरू हो गई. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने भी संबोधन पर आपत्ति की और कहा कि यह असत्य बोल रहे. सभापति राजेंद्र पारीक ने हंगामा करने वाले को जमकर फटकार लगाई, संसदीय मूल्यों का पाठ भी पढ़ाया लेकिन हंगामा थमा नहीं. कोटा के जेके लोन अस्पताल के मामले में शांति धारीवाल व सतीश पूनिया उलझ गए, शांति धारीवाल ने कहा आप उस अस्पताल को जा कर देखिए मैं आप को चुनौती देता हूं, इस पर सतीश पूनिया ने कहा मैंने खुद उस अस्पताल के नजारे देखे हैं. बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर जमकर नारेबाजी की.

सीपी जोशी ने सत्ता पक्ष को मर्यादाओं का पाठ पढ़ा दिया:
विवाद बढ़ा तो सदन की कार्रवाई सभापति राजेंद्र को आधे घंटे तक के लिए स्थगित करना पड़ी. स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी आसन पर आए और विवाद को थामा लेकिन सत्ता पक्ष को मर्यादाओं का पाठ पढ़ा दिया. स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी ने कहा सत्ता पक्ष राज करता है लेकिन लोकतंत्र में विपक्ष की बात सुननी पड़ेगी, राज करने वालों को बोलने वालों की बात सुननी पड़ेगी, नहीं तो मुझे कठिन व कड़वा काम करना पड़ेगा. नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अगर बात रख रहा, नहीं बोलने दिया जाएगा तो यह दुर्भाग्य पूर्ण है,  जरूरी नहीं यह सदन चलाना हमारी ही जिम्मेदारी है. सदनचले भले ही तीन साल नहीं चले, मंत्री ऐसा व्यवहार करे यह अशोभनीय, विशेषकर संसदीय कार्य मंत्री उन्हे क्षमा मांगनी चाहिए , जिसको आना चाहे वो आ जाए मैदान में और मेरी पार्टी इतना दम रखता है नहीं चलने देंगे सदन को. धारीवाल ने कहा हम अध्यक्ष के आदेश से बंधे है लेकिन विपक्ष को भी यह बात समझनी होगी कि वो मंत्री या अन्य सदस्य को लेकर कोई टीका टिप्पणी ना करे.

वाद-विवाद के दौरान सदन का 1 घंटा बर्बाद हो गया: 
विधानसभा में आज जिस तरह का घटनाक्रम बजट पर वाद-विवाद के दौरान देखने को मिला उससे सदन का 1 घंटा बर्बाद हो गया. हास-परिहास, ठिठोली-विवाद और उत्तेजना यह सब इस दौरान देखने को मिले, लेकिन सबसे खास रहा स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी का एक जज की तरह निर्णय देना. सत्ता पक्ष को उनकी भूमिका से अवगत कराया तो वहीं विपक्ष को कहा कि वह भी मर्यादा में रहें. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए नरेश शर्मा के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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