राजस्थान: बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति, BJP विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति

राजस्थान: बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति, BJP विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति

राजस्थान: बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति, BJP विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति

जयपुर: भाजपा विधायक दल की बैठक में तय किया गया है कि सत्तापक्ष को घेरने के लिए कोर कमेटी रोजाना मुद्दे तय करेगी. सुबह 10 बजे कोर कमेटी की बैठक आयोजित होगी और उसके बाद सत्तापक्ष को घेरा जाएगा. इन सबके अलावा विधायक दल की बैठक में सत्ता पक्ष को मुद्दों के आधार पर घेरने की रणनीति, विधायकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और अनुशासन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा विधानसभा के बाहर विधायक प्रताप सिंह सिंघवी के बयान ने गुटबाज़ी को भी जाहिर किया.

सदन में सरकार का घेराव करने की तैयारी: 

राजस्थान विधानसभा के बुधवार से शुरू हो रहे बजट सत्र को लेकर भाजपा ने अपराध, बेरोजगारी, किसानों की कर्जमाफी सहित जनमानस से जुड़े सभी मुददों को लेकर भाजपा सदन में सरकार का घेराव करने की तैयारी कर ली है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी का गठन किया है जो सत्र के दौरान रोजाना सुबह 10 बजे बैठकर सदन में उठाए जाने वाले मुददे तय करेगी. विधायक दल की बैठक की शुरुआत में किरण माहेश्वरी सहित चार दिवंगत विधायकों और उत्तराखंड त्रासदी को लेकर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद विधायकों को सत्र के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश दिए गए.

कटारिया की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी का गठन: 

साथ ही कटारिया की अध्यक्षता में एक कोर कमेटी का गठन किया गया. इस कमेटी में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां सहित वरिष्ठ विधायक शामिल किए गए हैं. बैठक में करीब एक दर्जन विधायक देरी से पहुंचे. कई विधायक बैठक से नदारद भी रहे. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि अनुपस्थित रहने वाले विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष को नहीं आने का कारण बता दिया था. बैठक में देर से आने वाले नेताओं में विधायक धर्म नारायण जोशी, निर्मल कुमावत, रामलाल शर्मा सहित करीब एक दर्जन विधायकों के नाम शामिल हैं. राठौड़ के अनुसार इन विधायकों से पार्टी कुछ राशि पेनल्टी के रूप में भी लेती है, जो देर से आते हैं.

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी शामिल हुए

बैठक बीजेपी विधायक दल की बैठक में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर भी शामिल हुए. अपने संबोधन में उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे समर्पण निधि अभियान का भी जिक्र किया और पार्टी विधायकों द्वारा इसमें पूर्ण सहयोग करने की अपील भी की. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुई. उनकी पुत्रवधु के बीमार होने की वजह से राजे बैठक में नहीं आई. बताया जा रहा है कि बजट पेश होने वाले दिन राजे सदन में उपस्थित हो सकती हैं. 

भाजपा ने 50 से ज्यादा मुददों को छांटा: 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि सरकार का आधा कार्यकाल गुजर चुका है. बचा हुआ कार्यकाल बेहद कठिन रहेगा. सवा दो साल के कुशासन में इतने वर्ग पीड़ित है. वो सरकार से सड़क पर जवाब मांगेंगे. हम सदन में जवाब मांगेंगे. इन्हें ना लोकतंत्र और ना शासन की परवाह हैं. सरकार पर जिस तरह की अंगुलियां उठने लगी है. मुझे लगता है कि ये सरकार को ले डूंबेंगे. 50 से ज्यादा मुददों को भाजपा ने छांटा है, जिन्हें सदन में उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा. राहुल गांधी ने दस तक की गिनती करने वाले राहुल गांधी राजस्थान में किसान आंदोलन को हवा देने आ रहे हैं. हम जवाब मांगेंगे कि किसानों की कर्जमाफी का क्या हुआ. सरकार अपना आधा कार्यकाल लगभग गुजार चुकी है. लेकिन पूर्व में की गई 70 फीसदी घोषणाओं पर भी अब तक अमल नहीं हो पाया है. ऐसे में मौजूदा बजट सत्र के दौरान सरकार विपक्षियों के साथ अपनों से भी घिरी नजर आएगी. 

महेश जोशी ने किए भाजपा की गुटबाजी को लेकर कटाक्ष : 

भारतीय जनता पार्टी ने सरकार को घेरने की तैयारी तो कर दी है लेकिन दूसरे ही तरफ महेश जोशी ने भी भारतीय जनता पार्टी को बिना मुद्दों की राजनीति करने वाली करार देते हुए कहा है कि सदन में सत्तापक्ष सकारात्मक रणनीति रहती है. सदन अच्छे से चले नियम कानून और परंपराओं के साथ चले अध्यक्ष महोदय सबके साथ समान व्यवहार करते है. भाजपा नॉन इशू को इशू बनाने की कोशिश करती है. बिना मुद्दों को भाजपा बढ़ाती है तो गतिरोध पैदा होता है. निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत भाजपा को नजर नहीं आ रही है. भाजपा को किसानों की कर्ज माफी नजर नहीं आती. जो कांग्रेस ने कहा है वही किया है. झूठ बोलने में भाजपा पारंगत है. इस दौरान महेश जोशी ने भाजपा की गुटबाजी को लेकर भी कटाक्ष किए. बरहाल देखना यह होगा कि इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के अंदाज से और सियासत से आम जनता को कितना लाभ होता है तो दूसरी तरफ देखना यह भी होगा कि पिछली बार जब आरएलपी भारतीय जनता पार्टी का साथ दे रही थी तो ऐसे में अब अलग होने के बाद आरएलपी किन मुद्दों पर भाजपा का विपक्ष में साथ देती है. और किन मुद्दों पर भाजपा से परे सियासत करती है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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