Rajasthan Budget 2019 : राज्य की जनता को करों में 301 करोड़ रुपए की राहत

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/11 05:57

जयपुर: नवगठित कांग्रेस सरकार के पहले बजट में मुख्यमंत्री ने जहां सरकार ने किसान, महिला और युवाओं पर फोकस किया है, वहीं आम आम आदमी पर कोई नया कर भार नहीं डाल कर अप्रत्यक्ष राहत का प्रयास भी किया है. बजट भाषण के अंत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस बजट के माध्यम से मैं कोई नया कर नहीं लगा रहा, बल्कि राज्य की जनता को करों में 301 करोड़ रुपए की राहत की घोषणा कर रहा हूं. 

राहत का पिटारा:
राजस्थान विधानसभा में बुधवार सुबह ठीक 11 बजे शुरू हुए बजट भाषण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम जनता के लिए राहत का पिटारा खोला. "यकीन से आगे भी बढ़ना है, बहुत कुछ करने ऊंचाइयों पर चढ़ना है. वो हवाओं की आड़ में दीपक जलाते हैं, हम तो तुफानों से टकरा कर कारवां चलाते हैं " के शेर के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद कर बजट भाषण की शुरुआत की. मुख्यमंत्री ने बजट की शुरुआत में पिछली सरकार की नाकामियों का जिक्र करते हुए वित्तीय हालात का जिक्र भी किया और कहा कि सरकार रैवेन्यू डेफेसिट में है. मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में एक और शेर " उनके बेवजह, बे बजट फिजूलखर्ची के बहुत किस्से हैं. लगता है, इस बेपटरी गाड़ी को, ठीक करना, मेरे ही हिस्से है." कह कर मौजूदा राज्य सरकार की जिम्मेदारी का अहसास भी कराया.

सरकार की विकास को प्राथमिकता:
राज्य बजट 2019-20 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने जहां किसानों के लिए 1000 करोड़ के किसान कल्याण कोष की शुरुआत किए जाने की घोषणा कर किसानों से कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वायदे निभाने की पहल की, वहीं विभिन्न विभागों में 75 हजार नियुक्तियां किए जाने की बात कह कर बेरोजगार युवाओं को किए वायदे को पूरा करने की कोशिश की.बजट घोषणाओं में मुख्यमंत्री ने अच्छी शिक्षा, बेहतर चिकित्सा व कौशल विकास और रोजगार उपलब्ध कराने को सरकार की प्राथमिकता करार दिया है.राज्य बजट में सरकार ने इस साल कोई नया कर नहीं लगाते हुए जनता को 301 करोड़ रुपए की कर राहत दिए जाने का दावा किया है.खास बात यह भी है कि बजट में हर वर्ग की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए, सीमित संसाधनों के बावजूद हर वर्ग को कुछ न कुछ देने की कोशिश की है.

राज्य बजट में जाने किसे क्या मिला :
—ईज ऑफ डूइंग फार्मिंग के लिए 1000 करोड़ के किसान कल्याण कोष की घोषणा
—मिलेगा किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण
—75 हजार नई भर्तियों की घोषणा
—2022 तक शुरू होगी हमारी रिफाइनरी
—बजरी की समस्या के स्थाई निराकरण के लिए बनेगी नीति
—इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन के लिए बनेगी नीति
—निशुल्क दवा योजना में जुड़ेंगी 104 नई दवाएं
—अब 70 के स्थान पर 90 जांचे होगी निशुल्क
—राजस्थान में गली-मोहल्ले में खुलेंगे जनता क्लीनिक
—पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने का होगा प्रयास
—नेशनल गेम्स की तर्ज पर स्‍टेट गेम्स की होगी शुरुआत
—प्रदेश को मिलेगी 86 नई अदालतें 
—नए औद्योगिक क्षेत्र होंगे विकसित
—राज्य में आएगी बौद्धिक सम्पदा नीति
—शुरू होगी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना
—जयपुर में बनेगा गांधी संस्थान
—जयपुर बनेगा भिक्षा मुक्त शहर
—जयपुर में बनेगी हैरिटेज वॉक वे
—जयपुर में 21 करोड़ की लागत से बनेगा करियर कॉउंसलिंग सेंटर 
—महिलाओं के लिए इंदिरा प्रियदर्शनी निधि योजना की सौगात
—युवाओं को स्वरोजगार के लिए एक लाख रुपए तक का मिलेगा कर्ज
—शहीदों के परिवारों को स्टांप ड्यूटी में मिलेगी छूट
—पदक विजेताओं को मिलेंगे 25 लाख या 25 बीघा जमीन
—अस्पातलों में सीटी स्कैन और एमआरआई समेत 90 जांच मुफ्त कराने की घोषणा.
—इस साल पूरा कर्ज चुकाने वाले किसानों का ब्याज होगा माफ
—करीब 2200 किलोमीटर सड़कों का निर्माण
—आएगी नवीन सौर और पवन ऊर्जा नीति 
—हर घर की छत पर सौर उर्जा पैनल लगाने को दिया जाएगा बढ़ावा
—बिजली उत्पादन के लिए दस वर्षीय कार्ययोजना होगी लागू
—आवारा पशुओं से आजादी के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर खुलेगी नंदीशाला
—राजस्थान में चार नए राजमार्ग का होगा निर्माण
—पुष्कर और नाथद्धारा में विद्युत लाइनें होगी भूमिगत
—बिजली चोरी रोकने के लिए लगेंगे स्मार्ट मीटर
—अनुपयोगी जमीन पर लगेंगे सोलर प्लांट
—वैट मामलों में करदाताओं को राहत के लिए आएगी एमिनेस्टी योजना
—ITC मिस मेच को दूर करने के लिए प्रक्रिया का होगा सरलीकरण
—जयपुर और जोधपुर में खुलेंगी GST बैंच

राज्य बजट में मुख्यमंत्री ने घोषणाओं की बौछार करते हुए आम आदमी को अनेक सपने दिखाएं हैंं. विशेषज्ञों का कहना है कि केन्द्रीय बजट घोषणाओं के आधार पर इस साल राज्य सरकार को करीब 11 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा बजट के महज चार दिन पहले ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 4 फीसदी वेट में बढ़ोतरी कर अपने खाली खजाने को भरने का पूरा प्रयास किया है. इससे यह माना जा सकता है कि सरकार के पास बजट घोषणाएं पूरी करने में वित्त की कमी आड़े नहीं आएगी . बस जरूरत इच्छा शक्ति दिखाने की है. 

... संवाददाता विमल कोठारी की रिपोर्ट
 

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