Rajasthan Budget 2021: बजट भाषण में बोले गहलोत- हम 56 इंच नहीं बल्कि 60 इंच का सीना रखते हैं, पूर्व सीएम राजे को दी इस काम के लिए बधाई

Rajasthan Budget 2021: बजट भाषण में बोले गहलोत- हम 56 इंच नहीं बल्कि 60 इंच का सीना रखते हैं, पूर्व सीएम राजे को दी इस काम के लिए बधाई

Rajasthan Budget 2021: बजट भाषण में बोले गहलोत- हम 56 इंच नहीं बल्कि 60 इंच का सीना रखते हैं, पूर्व सीएम राजे को दी इस काम के लिए बधाई

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में भामाशाह डेटा सेंटर की तारीफ करतो हुए कहा कि इसके लिए वसुंधरा जी को बधाई. सीएम गहलोत ने कहा कि यह काम आपने किया है ऐसे में इसका श्रेय आपको मिलना चाहिए. जब मैंने इस सेंटर का दौरा किया था तब मैंने मीडिया को भी कहा था कि इसकी स्थापना के लिए मैं पूर्व सरकार को धन्यवाद देता हूं. इससे आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी योजनाओं को बंद करने का धंधा हम नहीं करते हैं. यह आप करते हो, हम 56 इंच नहीं बल्कि 60 इंच का सीना रखते हैं. 

इससे पहले बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विपक्ष पर व्यंग्य बाण भी किया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सड़कों के लिए 5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. इस पर सीएम गहलोत ने जब तक ताली नहीं बजी तब तक चुटकी लेते हुए कहा कि व्हिप जारी हुआ है क्या? फिर बोले कि व्हिप जारी करेगा कौन आपके चीफ व्हिप ही नहीं है. मुझे नहीं लगता कि आपके चीफ व्हिप बन पाएगा. 

वसुंधरा जी ने एक बार भी पानी नहीं पीया था:
वहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट भाषण के दौरान एक रोचक वाकया भी बताया. उन्होंने कहा कि वसुंधरा जी ने एक बार बजट पेश किया था. तब उन्होंने एक बार भी पानी नहीं पीया, लेकिन मैं अब तक सात बार पानी पी चुका हूं. दरअसल, मेरा गला बचपन से खराब है इसलिए पानी पीता हूं. इस पर विपक्षी सदस्यों ने की टिप्पणी, तो गहलोत ने जवाब दिया. कहा-मैं पानी पी पी कर आपको कोस नहीं रहा हूं. 

गाय का मामला है, कम से कम ताली तो बजा दो:
इससे पहले भी पशु चिकित्सा उपलब्ध कराने के की घोषणा करते वक्त CM गहलोत ने चुटकी ली. प्रतिपक्ष के सदस्यों को कहा-यह तो गाय का मामला है, कम से कम ताली तो बजा दो. क्यों मुंह नीचे करके बैठे हो.

बजट भाषण के बीच मोदी-शाह पर भी ली चुटकी:
बजट भाषण में गहलोत ने विपक्षी सदस्यों की तरफ देखते हुए मोदी व शाह पर चुटकी लेते हुए कहा कि आप दिल्ली को समझाओ. दिल्ली को समझाओ, दिल्ली को समझाओ. मैं तमाम विपक्ष के सदस्यों से कहना चाहता हूं, ​प्लीज....प्लीज...प्लीज.....दिल्ली को समझाओ. प्रेम मोहब्बत, सद्भावना से देश चलता है. नफरत और गुस्से से देश नहीं चलता है. लोकतंत्र में असहमति का भी स्थान होता है. वो देशद्रोही नहीं है. वे भी आपके देश के नागरिक है. 
 

और पढ़ें