Rajasthan By Elections 2021: राजसमंद का चुनाव बेहद दिलचस्प, दीप्ति माहेश्वरी को जिताने के लिए महिला ब्रिगेड ने लगाया दम

Rajasthan By Elections 2021: राजसमंद का चुनाव बेहद दिलचस्प, दीप्ति माहेश्वरी को जिताने के लिए महिला ब्रिगेड ने लगाया दम

जयपुर: तीन उपचुनाव में एक ही महिला उम्मीदवार चुनावी समर में उतरी हुई है और वह है राजसमंद से बीजेपी उम्मीदवार दीप्ति माहेश्वरी. दीप्ति को चुनाव जिताने के लिए और रणनीति बनाने के लिए बीजेपी ने कई प्रमुख महिला चेहरों को मैदान में उतार दिया है.

राजसमंद का चुनाव बेहद दिलचस्प है बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवार अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ रहे हैं लेकिन सबसे खास बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने यहां महिला फेस को चुनावी समर में उतारा है, वह है दिवंगत विधयक किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी.

3 विधानसभा उपचुनाव में ही है एकमात्र सीट है जहां से कोई महिला उम्मीदवार चुनावी समर में है. दीप्ति माहेश्वरी तो खुद महिला है ही उन्हें जिताने और रणनीति बनाने का काम भी बीजेपी का महिला नेतृत्व भी कर रहा है. चुनाव प्रचार में भी बीजेपी की महिला नेता प्रभावी भूमिका निभा रही है. बीजेपी ने प्रमुख महिला नेताओं को यहां चुनावी समर में उतार रखा है. इनमें सबसे प्रमुख चेहरा तो राजसमंद सांसद दीया कुमारी का है जो लगातार चुनाव प्रचार कर रही और रणनीति बनाने का काम कर रही है. आज तो उनके ट्विट ने प्रदेश की सियासत को हिला कर रख दिया है. बहरहाल राजसमंद का चुनाव महिला नेताओं का चुनाव है. बीजेपी के प्रचार अभियान को देख कर तो यही कहा जा सकता है. 

- बीजेपी महिला विधायक अनीता भदेल ने यहां बखूबी मोर्चा संभाल रखा है. भदेल वैसे भी किरण माहेश्वरी के काफी नजदीक थी. अनिता भदेल लंबे समय से डटी हुई है और चुनावी संरचना के काम को देख रही है. वे ना केवल चुनावी रणनीति के काम से जुड़ी है बल्कि दलित वोट बैंक को भी प्रभावित करने का काम यहां कर रही है. अनिता भदेल मूल रूप से अजमेर से विधायक है और कद्दावर दलित नेता भी हैं.

- पूर्व विधायक और बीजेपी की राष्ट्रीय सचिव अलका सिंह गुर्जर राजसमन्द में आक्रमक चुनावी समर में डटी हुई है, वे लगातार आक्रमक चुनाव प्रचार यहां कर रही है. ओजस्वी भाषण देने की कला उनको आती है और इसी के जरिए हुए ध्यान आकर्षित कर रही हैं राष्ट्रीय नेता होने के कारण अलका सिंह गुर्जर अन्य चुनाव क्षेत्रों में भी जाकर सभाएं कर रही है. उनकी कोशिश है मतदाताओं को प्रभावित करने की उनकी कोशिश है दौसा के बांदीकुई से वह विधायक रह चुकी है.

- नगर से विधायक रह चुकी अलका गुर्जर भी लंबे समय से राजसमंद में है, किरण माहेश्वरी के साथ अलका गुर्जर भी विधायक रही हैं और महेश्वरी को बड़ी बहन समान मानती थी, यही कारण अब उनकी बेटी के पक्ष में जोर-शोर से यहां डटी है.

- बीजेपी महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अलका मूंदड़ा ने भी यहां डेरा डाल रखा है और कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रखा है.

- भरतपुर के सांसद और दलित नेता रंजीता कोली ने भी राजसमंद में मोर्चा संभाल रखा है, दीप्ति माहेश्वरी के लिए घर-घर जनसंपर्क कर रही है. दलित वोट को प्रभावित करने की कोशिश है.

- सोजत से विधायक और दलित नेता शोभा चौहान की राजसमंद में दीप्ति माहेश्वरी के लिए चुनाव प्रचार कर रही हैं. 

- बीजेपी की प्रदेश मंत्री मधु कुमावत की भूमिका राजसमंद में बेहद है अहम है, राजसमंद में कुम्हार और प्रजापत वोट बड़ी तादाद है वे अपने समाज के बीच जाकर मधु कुमावत सघन जनसंपर्क कर रही है.

दीप्ति माहेश्वरी के पक्ष में बीजेपी की महिला नेता केवल यूं ही चुनाव प्रचार में नहीं डटी है बल्कि रणनीति के साथ उन्होंने  मोर्चा संभाल रखा है. अनिता भदेल और अलका गुर्जर तो काफी पहले ही राजसमंद पहुंच चुकी थी तमाम महिला नेता दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी के प्रति आस्था रखती आई है और इसी सोच के साथ चुनावी समर में मौजूद है. राजसमंद सांसद दिया कुमारी यहां बीजेपी के लिए ट्रंप कार्ड है, वे किस तरह दिया यहां दीप्ति के लिए चुनावी जीत की राह प्रशस्त करती है यह परिणाम बताएंगे, फिर भी यह कहा जा सकता है कि सुजानगढ़, सहाड़ा और राजसमंद में सर्वाधिक महिला नेता अगर कहीं प्रचार करती हुई नजर आ रही है तो वह है राजसमंद. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट


 

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