Rajasthan ByElection: विस उपचुनावों को लेकर कांग्रेस का होमवर्क पूरा, सीएम गहलोत ने वल्लभनगर, राजसमंद के नेताओं से की चर्चा 

Rajasthan ByElection: विस उपचुनावों को लेकर कांग्रेस का होमवर्क पूरा, सीएम गहलोत ने वल्लभनगर, राजसमंद के नेताओं से की चर्चा 

जयपुर: राजस्थान में चार विधानसभा सीटों के उपचुनाव को लेकर अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सत्ताधारी कांग्रेस ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चारों विधानसभा सीटों वल्लभनगर, सुजानगढ़ सहाड़ा और राजसमंद को लेकर अपनी तरफ से नाम लगभग तय कर लिए हैं. पिछले कई दिनों से इन चारों विधानसभा सीटों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर बैठकों का दौर जारी है. आज भी मुख्यमंत्री आवास पर वल्लभनगर व राजसमंद के स्थानीय नेताओं के साथ सीएम गहलोत ने प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की मौजूदगी में संवाद किया. प्रभारी मंत्री, पीसीसी के पदाधिकारी और स्थानीय नेताओं के साथ फीडबैक कार्यक्रम के दौरान मिले नामों में से पैनल लगभग तैयार हो गया है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार का भी ऐलान कर देगी.

कांग्रेस के उम्मीदवार लगभग तय:

इन चारों सीटों में से तीन सीट (सुजानगढ़, वल्लभनगर व सहाडा) कांग्रेस के कब्जे में थी, ऐसे में यहां पर कांग्रेस ने दिवंगत विधायकों के परिजनों को ही टिकट देना फाइनल कर लिया है. वहीं भाजपा के कब्जे वाली राजसमंद सीट पर कांग्रेस नया चेहरा उतार सकती है. कांग्रेस के सूत्रों की अगर मानें तो चारों विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस के उम्मीदवार लगभग तय हो गए हैं. इनमें सुजानगढ़ से मनोज मेघवाल, वल्लभनगर से प्रीति कुंवर राजसमंद से तनसुख बोहरा व सहाड़ा से राजेन्द्र त्रिवेदी कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं. मनोज मेघवाल मास्टर भंवरलाल के बेटे है.

प्रीति कंवर का नाम भी माना जा रहा है तय:

पार्टी ने इनको ही सबसे पहले संकेत दिए थे. मनोज ने क्षेत्र में चुनावी तैयारी शुरू भी कर दी है. हाल ही डूंगरगढ के धनेऊ में हुई सभा में मनोज का भाषण दिलाकर संकेत दे दिए गए थे. वल्लभनगर सीट से दिवंगत विधायक गजेंद्र शक्तावत की पत्नी प्रीति कंवर का नाम भी तय माना जा रहा है. यहां पर हालांकि कुछ अन्य दावेदारों ने भी ताल ठोंकी है, लेकिन आज मुख्यमंत्री आवास पर प्रीति कुंवर के समर्थकों ने सीएम से मिलकर अपनी ताकत दिखा दी. सहाडा से राजेंद्र त्रिवेदी का नाम सबसे ऊपर है. वे दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी के छोटे भाई हैं. यानी 3 सीटों पर कांग्रेस पार्टी दिवंगत विधायकों के परिजनों को ही चुनावी मैदान में उतार सकती हैं.

निकाय चुनाव में परिणाम देखकर कांग्रेस उत्साहित:

इन चारों विधानसभा सीटों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दो टूक शब्दों में प्रभारी मंत्री और प्रभारी पदाधिकारियों को कह दिया है चारों सीटें कांग्रेस के खाते में जानी जरूरी है. राजसमंद सीट के लिए कांग्रेस को ज्यादाहोमवर्क करना पड़ रहा है. यहां पर भाजपा की किरण माहेश्वरी विधायक थी और यह सीट भाजपा की परंपरागत सीट है, लेकिन निकाय चुनाव में अपने पक्ष में परिणाम देखकर कांग्रेस उत्साहित है.

राजसमंद के कई नेता भी मिल चुके है सीएम गहलोत से:

राजसमंद के कई नेता भी तीन-चार दौरे में सीएम गहलोत से मिल चुके है. उपचुनाव एक तरीके से राजस्थान सरकार में तीसरे साल में चल रही कांग्रेस सरकार के लिए जनता का फीडबैक भी होगा. ऐसे में गहलोत सरकार बजट घोषणाओं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, कोरोनाकाल के मैनेजमेंट और संगठन की सक्रियता के सहारे इन चारों सीटों की वैतरणी पार करना चाहती है. चारों विधानसभा क्षेत्र में दिवंगत विधायकों के नाम से सरकारी बालिका कॉलेज खोलकर गहलोत ने इमोशनल कार्ड पहले ही चल दिया है, साथ ही इस बजट में उपचुनाव के मद्देनजर इन चारों क्षेत्रों का खास ध्यान रखा गया है.

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