Rajasthan ByPolls Results: सुजानगढ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल की बड़ी जीत,  बीजेपी के खेमाराम को हराया

Rajasthan ByPolls Results: सुजानगढ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल की बड़ी जीत,  बीजेपी के खेमाराम को हराया

Rajasthan ByPolls Results: सुजानगढ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल की बड़ी जीत,  बीजेपी के खेमाराम को हराया

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के लिए हुए तीन उप चुनाव की तस्वीर साफ हो गई हैं. सुजानगढ में कांग्रेस के मनोज मेघवाल बड़े अंतर से जीते हैं. बीजेपी के खेमाराम मेघवाल को हराया. मनोज मेघवाल करीब 35 हजार मतों से जीत हासिल की हैं. थोड़ी देर में आधिकारिक घोषणा होगी. मंत्री भंवर सिंह भाटी ने टीम को बधाई दी हैं. भंवर सिंह भाटी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और गहलोत सरकार के काम को जनमत मिला हैं. अशोक गहलोत के कार्यों पर जनता ने मुहर लगाई हैं. 36 कौमों का मिला साथ,कांग्रेस एकजुट होकर लड़ी हैं. आपको बता दें कि मनोज मेघवाल कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सुजानगढ़ में हैं. वे जय निवास पर घर से ही चुनावी परिणाम देखें. पॉजिटिव आने के बाद मनोज ने खुद को होम आइसोलेट किया हैं. 

गायत्री देवी एवं मनोज मेघवाल को विजयी होने पर बधाई:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गायत्री देवी एवं मनोज मेघवाल को विजयी होने पर बधाई दी. सीएम गहलोत ने कहा कि राजसमंद उपचुनाव भी सभी ने एकजुट होकर लड़ा. यहां भाजपा की जीत का अंतर बेहद सामान्य रहा है. कांग्रेस प्रत्याशियों को अपना आशीर्वाद और समर्थन देकर क्षेत्र की जनता ने हमारी सरकार को और अधिक मजबूती प्रदान की है.विकास की कड़ी-से कड़ी जोड़ी है. इसके लिए मैं मतदाताओं के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं. कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी बधाई देता हूं.

नए चेहरे मनोज मेघवाल को उतारा था:
इससे पहले सुजानगढ़ रिजर्व सीट पर कांग्रेस की और से नए चेहरे मनोज मेघवाल को उतारा था, उनके सामने बीजेपी ने खेमाराम मेघवाल को टिकट दिया था. खेमाराम पहले विधायक और मंत्री रह चुके है. शेखावाटी का सुजानगढ़ दिवंगत मास्टर भंवर लाल मेघवाल के कारण राजनीतिक नक्शे पर हमेशा चर्चा में रहता था. लेकिन उनके पुत्र मनोज मेघवाल कभी भी राजनीति में चमकते सितारे नहीं बन पाए, कारण साफ था मास्टर भंवरलाल मेघवाल की राजनीतिक बारिश के तौर पर उनकी बेटी बनारसी मेघवाल को माना जाता था ,बीते दिनों मेघवाल परिवार पर वज्रपात हुआ मास्टर साहेब भी इस दुनिया से चले गए और उनकी बेटी बनारसी की चली गई. और कांग्रेस पार्टी को राजनीति में अपरिपक्व मनोज मेघवाल को टिकट देना पड़ा. 

मनोज मेघवाल को चुनौती मिली अनुभवी नेता खेमा राम मेघवाल से जिन्होंने उनके पिता को भी चुनाव हराया था. सहानुभूति फैक्टर पर सवार होकर चुनाव लड़ रहे मनोज मेघवाल और खेमाराम मेघवाल अपने अनुभव पर, लेकिन सुजानगढ़ का चुनाव RLP ने त्रिकोणीय बना दिया था. हनुमान बेनीवाल के दलित उम्मीदवार ने गणित बिगाड़ने का काम अभी तक दोनों दलों का किया है ,बेनीवाल ने यहां दो मेघवाल के मुकाबले नायक को उम्मीदवार बनाया है. आरएलपी यहां चुनाव परिणामों पर असर डालती हुई नजर आएगी. कांग्रेस पार्टी को सर्वाधिक उम्मीद सुजानगढ़ सीट से है. मंत्री भंवर सिंह भाटी, साले मोहम्मद , पूसाराम गोदारा की साख यहां पर दांव पर थी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की प्रतिष्ठा भी सुजानगढ़ से जुड़ी है.

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