जयपुर मुख्यमंत्री गहलोत के तीन बड़े फैसले, प्रोबेशन के दौरान मिल सकेगा अवकाश

मुख्यमंत्री गहलोत के तीन बड़े फैसले, प्रोबेशन के दौरान मिल सकेगा अवकाश

मुख्यमंत्री गहलोत के तीन बड़े फैसले, प्रोबेशन के दौरान मिल सकेगा अवकाश

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज एक के बाद एक तीन बड़े फैसले किए हैं. सीएम ने पहला फैसला करते हुए राज्य सेवा में चयनित प्रोबेशनर ट्रेनी कार्मिकों एवं अधिकारियों को प्रोबेशन अवधि के दौरान उच्च अध्ययन अथवा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए असाधारण अवकाश की स्वीकृति देने का संवेदनशील निर्णय लिया है. दूसरे बड़े फैसले के अनुसार सीएम ने राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सेवा नियम, 2021 के प्रारूप को मंजूरी दे दी है. इस विभाग में अभी स्थाई कैडर पर बहुत कम अधिकारी उपलब्ध हैं. अधिकतर अधिकारी प्रतिनियुक्ति अथवा विशेष सलेक्शन के माध्यम से अन्य सरकारी विभागों से अस्थाई तौर पर रखे गए हैं. इससे विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही थी. 

विशेष कौशल रखने वाला स्थाई कैडर हो सकेगा सृजित:
नए सेवा नियम बनने से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में विभाग की जरूरत के अनुसार विशेष कौशल रखने वाला स्थाई कैडर सृजित हो सकेगा. तीसरा बड़ा फैसला करते हुए सीएम ने  सरकारी कार्मिक की मृत्यु के उपरांत आश्रित द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन के 54 प्रकरणों में शिथिलता प्रदान की है. गहलोत के इस संवेदनशील निर्णय से इन परिवारों को सम्बल मिल सकेगा. न्यूनतम आयु सीमा एवं विलम्ब अवधि के 39, अधिक आयु सीमा के 4 तथा विलम्ब से आवेदन के 11 प्रकरणों में शिथिलता दी है.

मुख्यमंत्री का युवा कार्मिकों के लिए फैसला:
-प्रोबेशन के दौरान मिल सकेगा अवकाश
-पढ़ाई या परीक्षा की तैयारी के लिए अवकाश मिलेगा
-असाधारण अवकाश की स्वीकृति के नियमों में संशोधन होगा
-यदि कोई प्रोबेशनर राजकीय सेवा में नियुक्ति से पहले
-किसी उच्च अध्ययन कोर्स में अध्ययनरत है
-तो उसे कोर्स पूरा करने के लिए असाधारण अवकाश मिलेगा
-प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए भी अवकाश मिलेगा

अनुकम्पा नियुक्ति के 54 प्रकरणों में शिथिलता दी:
-न्यूनतम आयु सीमा एवं विलम्ब अवधि के 39 प्रकरण
-अधिक आयु सीमा के 4 प्रकरण
-विलम्ब से आवेदन के 11 प्रकरणों में शिथिलता दी
-दो वर्ष में 3182 अनुकम्पा नियुक्तियां दी गई है

राजस्थान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सेवा नियम 2021 बनेंगे:
-नियमों के प्रारूप को मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
-विभाग में अभी स्थाई कैडर पर बहुत कम अधिकारी उपलब्ध हैं
-अधिकतर अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर रखे गए हैं
-इससे विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही थी
-अब विशेष कौशल रखने वाला स्थाई कैडर सृजित हो सकेगा
-कर्मचारियों को पदोन्नति के अवसर मिल सकेंगे

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