VIDEO: मुख्यमंत्री जन आवास योजना को लेकर बड़ी खबर, जयपुर में कितने भूखण्ड व मकान गरीबों के लिए हैं आरक्षित!

VIDEO: मुख्यमंत्री जन आवास योजना को लेकर बड़ी खबर, जयपुर में कितने भूखण्ड व मकान गरीबों के लिए हैं आरक्षित!

जयपुर: गरीबों के लिए राजधानी में कहां-कहां और कितने भूखण्ड और मकान किए गए हैं आरक्षित, आखिरकार चार साल बाद इसका खुलासा हो ही गया. इस खुलास के साथ ही कई कारगुजारियां भी उजागर हो गई. 

क्या है पूरा मामला:
वर्ष 2015 में प्रदेश में मुख्यमंत्री जन आवास योजना लागू की गई थी. इस योजना के विभिन्न प्रावधानों के तहत आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए भूखण्ड व मकान उपलब्ध कराए जाते हैं. आज जेडीए आयुक्त गौरव गोयल की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री जन आवास योजना की प्रगति की मैराथन समीक्षा की गई. आपको बताते हैं कि योजना में गरीबों के लिए मकान उपलब्ध कराने के क्या नियम-कायदे हैं और किस तरह इनमें हो रही कारगुजारियों का आज बैठक में खुलासा हुआ.

योजना के कायदे और इनमें की जा रही कारगुजारियां:
-योजना के प्रावधान 1 ए के तहत निजी टाउनशिप व ग्रुप हाउसिंग योजना में निश्चित अनुपात में गरीबों के लिए भूखण्ड व मकान आरक्षित करना जरूरी है.
-गरीबों को मकान उपलब्ध कराने के बदले बिल्डर्स को बिना बेटरमेंट लेवी चुकाए अतिरिक्त निर्माण की नि:शुल्क छूट दी जाती है.
-भूखण्ड व मकान का आवंटन संबंधित प्रमोटर की ओर से गरीबों से आवेदन लेकर लॉटरी के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है.
-इस प्रावधान के तहत आखिर कितने भूखण्ड व मकान गरीबों के लिए आरक्षित है इसकी एकजाई सूचना जेडीए को नहीं थी.
-इन चार सालों में समय-समय पर जेडीए आयुक्त रहे अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी मांगी,लेकिन कवायद असफल रही.
-जेडीए के संबंधित अधिकारियों की ओर से इस बारे में एकजाई जानकारी नहीं दी गई.
-लेकिन वर्तमान जेडीए आयुक्त गौरव गोयल के प्रयासों से आखिरकार आज की बैठक में इसका खुलासा हो ही गया.
-इस खुलासे के मुताबिक प्रावधान 1 ए के तहत गरीबों के लिए 106 टाउनशिप योजनाओं में करीब 5 हजार भूखण्ड हैं.
-इसी प्रकार 29 ग्रुप हाउसिंग योजनाओं में गरीबों के लिए करीब 3 हजार फ्लैट्स आरक्षित हैं.
-प्रावधान 1 ए के तहत आरक्षित भूखण्ड व मकान गरीबों को ही मिले,इसके लिए जेडीए निर्धारित प्रपत्र में संबंधित प्रमोटर से सूचना लेता है.
-इस प्रपत्र में 22 कॉलम निर्धारित किए गए थे,लेकिन कुछ जरूरी कॉलम मनमर्जी से हटा दिए गए.
-खुद की भूमि पर गरीबों के लिए मकान देने वाले प्रावधान की स्कीम्स की जानकारी तो इस प्रपत्र के माध्यम से जेडीए को मिल रही है.
-लेकिन प्रावधान 1 ए के तहत स्कीम्स की एकजाई जानकारी जेडीए आयुक्त को नहीं मिल पाई थी. 

गरीबों को आशियाना देने के मामले में खुलासे: 
आज की समीक्षा बैठक में गरीबों को आशियाना देने के मामले में हुए खुलासे को जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने गंभीरता से लिया. जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने भवन मानचित्र शाखा के आला अधिकारी और जोन उपायुक्तों को सख्त हिदायत दी कि गरीबों को उनका घर देने की इस पुनीत योजना में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. योजना के तहत जरूरतमंद को मकान व भूखण्ड निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलबध कराने के लिए आज की बैठक में कई बड़े फैसले किए गए.

बैठक में कई बड़े फैसले:

-सीएम जन आवास योजना के विभिन्न प्रावधानों में उपलब्ध भूखण्ड व मकानों का समस्त डाटा अब गूगल ड्राइव पर अपलोड किया जाएगा.
-जेडीए की वेबसाईट पर इसके लिए लिंक उपलब्ध होगा,जिस पर प्रमोटर को स्कीम की क्रियान्वित नियमित अपलोड करनी होगी.
-प्रावधान 1 ए के तहत सभी बिल्डर्स व डवलपर्स से लिखित में जवाब तलब किया जाएगा.
-बिल्डर्स व डवलपर्स से पूछा जाएगा कि गरीबों के लिए आरक्षित भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने अब तक क्या कार्यवाही की.
-योजना के नियम के अनुसार नक्शा अनुमोदन के 60 दिन में मकान या भूखण्ड देने के लिए प्रमोटर की ओर से आवेदन मांगा जाना जरूरी है.
-जेडीए को शिकायतें मिली हैं कि कई स्कीम्स में बिना आवेदन आमंत्रित किए ही लॉटरी निकाल दी.
-योजना के नियमों की अनदेखी करने वाले प्रमोटर्स को दी गई सभी प्रकार की छूटें जेडीए वापस लेगा,उनसे पूरा शुल्क वसूला जाएगा.
-गरीबों के लिए राजधानी में कहां कितने भूखण्ड व मकान उपलब्ध हैं,इसका सार्वजनिक रूप से खुलासा किया जाएगा.
-जेडीए की वेबसाईट पर इसकी पूरी जानकारी अपलोड की जाएगी.

जेडीए आयुक्त गौरव गोयल की यह कवायद होगी सफल: 
भय बिन प्रीत न होय जी हां मुख्यमंत्री जन आवास योजना की पिछली समीक्षा बैठक में जेडीए आयुक्त गौरव गोयल ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को प्रावधान 1 के तहत उपलब्ध मकान व भूखण्डों की जानकारी देने की सख्त हिदायत दी थी. साथ ही बार-बार मांगने के बावजूद यह डाटा नहीं देने पर पर कड़ी नाराजगी भी जताई थी. उसका ही असर रहा कि आज की बैठक में इस बारे में पूरा खुलासा हो पाया है. उम्मीद है कि जेडीए आयुक्त गौरव गोयल की यह कवायद सफल होगी और गरीब को उसके सपनों का आशियाना मिल पाएगा.
 

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