जयपुर Rajasthan: मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों की तस्वीर हुई साफ ! पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Rajasthan: मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों की तस्वीर हुई साफ ! पढ़िए पूरी रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों (Cabinet expansion and political appointments) की तस्वीर साफ हो गई है. इस पर प्रियंका गांधी वाड्रा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजय माकन की मुहर लग गई है. 

वहीं मंत्रिमंडल में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने की संभावना जताई जा रही है. इसके साथ ही एक व्यक्ति एक पद सिद्धांत के आधार पर तीन मंत्री इस्तीफा देंगे. मौजूदा 9 रिक्त पदों को मिलाकर कुल 12 नए मंत्री बनेंगे. इनमें पायलट ग्रुप के पुराने चार-पांच सदस्य शामिल होंगे. इसके साथ ही सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री का पद नहीं रहेगा. 

गृह और वित्त विभागों के भविष्य को लेकर अभी भी जिज्ञासा:
अलबत्ता महेश जोशी के मंत्री बनने की स्थिति में एक नए चीफ व्हिप की नियुक्ति हो सकती है. इसी प्रकार किसी को डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. गृह और वित्त विभागों के भविष्य को लेकर अभी भी जिज्ञासा है. अलबत्ता इस सारी एक्सरसाइज में खुद सचिन पायलट का कोई जिक्र नहीं है. संभवत: उन्हें AICC में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी. 

अब आज गहलोत मिल सकते सोनिया गांधी से: 
दूसरी ओर संगठन में भी व्यापक बदलाव होंगे. डोटासरा के पीसीसी चीफ रहते मंत्रियों के विभागों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल होगा और अजय माकन द्वारा किए गए इस 'होमवर्क' पर सब लोगों की सर्वसम्मत मंजूरी हुई. अब आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज सोनिया गांधी से मिल सकते हैं. ये केवल शिष्टाचार मुलाकात होगी और इस मुलाकात में मंत्रिमंडल तथा राजनीतिक नियुक्तियों पर चर्चा की संभावना नहीं है. क्योंकि सोनिया के लेवल पर पहले ही 'होमवर्क' पूरा चुका है.  

14 नवंबर के बाद किसी भी दिन और किसी भी क्षण हो सकती राजभवन में शपथ: 
वहीं 13 नवंबर को राज्यपाल जयपुर लौटेंगे और 14 नवंबर को जवाहर लाल नेहरू की जयंती है. इस प्रकार 14 नवंबर के बाद किसी भी दिन और किसी भी क्षण राजभवन में शपथ हो सकती है. एक सूत्र के अनुसार इस फेरबदल के बाद मंत्रिमंडल का पूरा चेहरा बदल जाएगा. इसी प्रकार 2023 के लिए भी गहलोत ने रोडमैप बनाया है. 

2022 में देखने को मिलेगा गहलोत का एक नया रूप:
मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों के बाद अब गहलोत का 2023 में कांग्रेस सरकार की वापसी का नया एजेंडा है. इसके लिए 2022 में उनका एक नया रूप देखने को मिलेगा. गहलोत अपने मौजूदा कार्यभार में से 85% विभाग छोड़ सकते हैं और उनका पूरा ध्यान 2023 की रणनीति बनाने पर रहेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री गहलोत 2022 में यदा कदा ही CMO जा पाएंगे और पूरे प्रदेश में गांव-गांव में उनके धुआंधार दौरे होंगे. अब CMO गहलोत के इस नए एजेंडे की रुपरेखा बनाएगा.    

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