VIDEO: कांग्रेस में आए BSP विधायकों ने कहा- वफादार और गैर वफादार में फर्क तो होना चाहिए, जिन्होंने बगावत की वो प्रेशर बना रहे

VIDEO: कांग्रेस में आए BSP विधायकों ने कहा- वफादार और गैर वफादार में फर्क तो होना चाहिए, जिन्होंने बगावत की वो प्रेशर बना रहे

जयपुर: मंगलवार को एक बार फिर BSP से कांग्रेस (Congress,) में आए विधायकों ने संदीप यादव (Sandeep Yadav) के आवास पर बैठक की. इसके बाद प्रेस वार्ता को संबोधित किया. इस दौरान राजेंद्र सिंह गुढ़ा (Rajendra Singh Gudha) ने कहा कि वाजिब भाई विदेश में हैं और दीपचंद जी का स्वास्थ्य नासाज है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हमारे नोटिस चल रहे हैं. हम बीएसपी से कांग्रेस में इसलिए आए कि कांग्रेस मजबूत रहे. 

उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव जीते उनके विचार आप सुन रहे हैं. विधायक गुढ़ा ने कहा कि वर्तमान में हमारे साथ न्याय तो नहीं हुआ लेकिन सीएम गहलोत ने हमारे खूब काम किए. इसके साथ ही उन्होंने एक मुहावरा बोलते हुए कहा कि मुर्गे ने जान दे दी लेकिन खाने वालों ने कहा मजा नहीं आया. इससे आगे बोलते हुए राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि वफादार और गैर वफादार में फर्क तो होना चाहिए. सरकार को हमने बचाया, निर्दलीय का भी हमसे कंपेरिजन नहीं हो सकता है. जो लोग बगावत करते हैं उनका पलक पांवड़े बिछाकर घर वापसी में स्वागत हो यह ठीक नहीं है. अशोक गहलोत हमारे नेता थे और भविष्य में भी रहेंगे. 

हमने त्याग किया है हमें दूसरी निगाह से नहीं देखा जाना चाहिए:
वहीं जोगिंदर सिंह अवाना (Joginder Singh Awana) ने कहा कि हमने त्याग किया है हमें दूसरी निगाह से नहीं देखा जाना चाहिए. आज असली और नकली की जरूरत है. इससे आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत मेरे नेता हैं और रहेंगे. हम बिना शर्त कांग्रेस में आए थे और किसी तरह का कोई दबाव हम नहीं बना रहे हैं. हमारे क्षेत्र में जोरदार काम हुए है. सीएम गहलोत के प्रति सबका विश्वास है. मेरी मंत्री बनने की कोई मांग नहीं है. 

जिन्होंने बगावत की वो प्रेशर बना रहे हैं: 
वहीं प्रेस वार्ता में संदीप यादव ने कहा कि जिन्होंने बगावत की वो प्रेशर बना रहे हैं, वो बार-बार दबाव बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ गद्दारी कर सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की उनकी वजह से तो अब तक सरकार गिर चुकी होती. सरकारी हमारी वजह से बची है. निर्दलीय और हम लोगों ने मिलकर सरकार बचाई है. ऐसे में हाईकमान को उनकी बात नहीं सुननी चाहिए. जिन लोगों ने सरकार बचाई उनको ईनाम मिलना चाहिए. वहीं लाखन सिंह मीणा ने फोन टेप के आरोप निराधार बताए. 

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