जयपुर दिवाली से पहले कांग्रेस नेताओं को सियासी गिफ्ट ! राजनीतिक नियुक्तियों के आसार; लेकिन सत्ता के गलियारों में गूंज रहे ये यक्ष प्रश्न भी...

दिवाली से पहले कांग्रेस नेताओं को सियासी गिफ्ट ! राजनीतिक नियुक्तियों के आसार; लेकिन सत्ता के गलियारों में गूंज रहे ये यक्ष प्रश्न भी...

जयपुर: दिवाली से पहले कांग्रेस नेताओं को सियासी गिफ्ट का इंतजार है. इसी माह में सियासी नियुक्तियों की सौगात के आसार है. संवैधानिक पदों से जुड़ी नियुक्तियों को पहले चरण में हरी झंड़ी मिल सकती है. निचले स्तर पर पांच हजार से अधिक सियासी नियुक्तियों को अमलीजामा पहनाया जा सकता है.

विधानसभा उप चुनाव परिणाम से पहले सियासी नियुक्तियों की एक सूची सामने आ सकती है. संवैधानिक आधार पर बने पदों पर पहले राजनीतिक नियुक्तियों को फाइनल शेप दी जा सकती है. महिला आयोग, किसान आयोग, एस सी आयोग और एस टी आयोग पदों पर नियुक्ति दी जा सकती है. 

माना जा रहा कि उन नेताओं को नियुक्तियां देंगे जो समर्पित रहे है, जिनकी कांग्रेस पार्टी के प्रति निष्ठा रही है, गुटबाजी से परे जिन्होंने कांग्रेस की सच्ची सेवा की, अनुभवी और कर्मठ चेहरों को प्राथमिकता मिलेगी, उप चुनावों में सफलतापूर्वक टास्क निभाने वाले चेहरों को वरियता मिलेगी. किसान आयोग, हाउसिंग बोर्ड, आर टी डी सी, बीज निगम, एससी आयोग, एस टी आयोग, महिला आयोग, हज हाउस, देवनारायण बोर्ड, खादी आयोग, देवस्थान बोर्ड, खादी बोर्ड, अकादमी, केशकला बोर्ड, हिन्दी अकादमी, यूथ बोर्ड, क्रीडा परिषद, विप्र बोर्ड, माटी कला बोर्ड समेत विभिन्न यू आ टी में नियुक्तियां होनी है.

राजनीतिक नियुक्तियों से पहले यक्ष प्रश्न गूंज रहा है सत्ता के गलियारों में:
सवाल उठ रहा है कि कांग्रेस टिकट पर बीते लोकसभा और विधानसभा चुनाव हार चुके नेताओं को क्या राजनीतिक नियुक्ति मिलेगी? क्या उन्हें मिलेगी नियुक्ति जिन्हे नहीं मिली थी पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट. क्या चुनाव हार चुके नेताओं को मिलेगी सियासी नियुक्तियां ! क्या पिछली गहलोत सरकार में पद पा चुके नेताओं को फिर अवसर ! क्या उन्हें मिलेगी नियुक्ति जिन्हें नहीं मिला था टिकट. राजनीतिक नियुक्तियों से पहले यक्ष प्रश्न गूंज रहा है सत्ता के गलियारों में. पराजित नेताओं ने अजय माकन से मिलकर दावेदारी जताई है.

करीब 5 हजार से अधिक नियुक्तियों की बात सामने आ रही:
अब तक प्रदेश भर में निचले स्तर पर करीब 5 हजार से अधिक नियुक्तियों की बात सामने आ रही है. इनमें प्रदेश और जिला स्तर पर समितियां भी शुमार है. निचले स्तर पर सर्वाधिक नियुतियां निकायों में हुई है. करीब 1 हजार नियुक्तियां निकायों में अब तक हुई है, पहली बार कुछ ऐसी कमेटियों में नियुक्तियां हुई जिन पर आज से पहले ध्यान नही दिया गया था. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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