ढाई-ढाई वर्ष पावर शेयरिंग फॉर्मूले की भूलभुलैया ! राजस्थान को लेकर अब इस बारे में आलाकमान से जुड़े सूत्र ने किया खुलासा

ढाई-ढाई वर्ष पावर शेयरिंग फॉर्मूले की भूलभुलैया ! राजस्थान को लेकर अब इस बारे में आलाकमान से जुड़े सूत्र ने किया खुलासा

जयपुर: कांग्रेस सरकार के ढाई-ढाई वर्ष पावर शेयरिंग फॉर्मूले की भूलभुलैया को लेकर पार्टी हाईकमान सक्रिय हो गया है. यह फॉर्मूला छत्तीसगढ़ में जरूर बना था और उसी के अनुरुप अब बघेल की विदाई हो रही है. लेकिन क्या राजस्थान में भी बना था ऐसा फॉर्मूला? अब इस बारे में आलाकमान से जुड़े सूत्र ने खुलासा करते हुए कहा कि राजस्थान में ढाई-ढाई वर्ष फॉर्मूले की कोई बात नहीं थी. 

अलबत्ता कांग्रेसी क्षेत्रों में उन दिनों इसकी चर्चा जरूर हुई थी और जब यह चर्चा सोनिया गांधी तक पहुंची तो उन्होंने बाकायदा AICC से जुड़े एक बड़े नेता को बाकायदा तलब किया. इसके साथ ही पूछा कि क्या उन्होंने किसी स्तर पर ऐसी कोई बात या कोई आश्वासन दिया था? इस सवाल के जवाब में बड़े नेता ने दो टूक शब्दों में अपनी "ना" कही थी. उसके बाद उसी दिन रात को बाकायदा गहलोत को फोन कर इस घटनाक्रम की जानकारी दी थी. कल आलाकमान से जुड़े एक सूत्र ने इस दो वर्ष पुरानी घटना का जिक्र किया. 

पायलट ने राहुल और प्रियंका गांधी से की मुलाकात:
वहीं दूसरी ओर आपको बता दें कि राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल की अटकलों के बीच एक बार फिर सचिन पायलट ने शुक्रवार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की. पायलट ने पिछले सप्ताह भी गांधी से मुलाकात की थी. पंजाब के घटनाक्रम के बाद से ही कांग्रेस के सत्ता के गलियारे में राजस्थान को लेकर चर्चा है. पायलट की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से हुई मुलाकात में क्या चर्चा हुई इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बैठक में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल पर चर्चा की गई. 

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