VIDEO: खान विभाग की रिकॉर्ड कमाई, 2020-21 में 4 हजार 920 करोड़ से अधिक का मिला राजस्व

VIDEO: खान विभाग की रिकॉर्ड कमाई, 2020-21 में 4 हजार 920 करोड़ से अधिक का मिला राजस्व

जयपुर: कोरोना प्रभावित वित्त वर्ष में खान विभाग ने राजस्व अर्जन के मामले में रिकॉर्ड सफलता अर्जित की है. विभाग ने 4920 रुपए राजस्व अर्जित किया है जो सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्य से 350 करोड रुपए अधिक है. विभाग की सफलता पर खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने अफसरों की पीठ थपथपाई है और निर्देश दिए हैं कि 1 अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष में भी इसी टीम भावना से काम जारी रखना है. कोरोना के चलते लाॅकडाउन के बावजूद समग्र व समन्वित प्रयासों से खनन विभाग ने हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में गत वर्ष की तुलना में करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए का अधिक राजस्व अर्जित किया है. 

खनन गतिविधियों के सुचारु संचालन कराने के उठाएं कदम: 
खान एवं पेट्रोलियम मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया है कि आरंभिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 के दौरान विभाग ने 4920 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित किया है जबकि इससे पहले के वर्ष 2019-20 मेें विभाग ने 4576 करोड़ 84 लाख रुपए का राजस्व अर्जित किया था. मंत्री भाया ने बताया कि कोरोना लाॅकडाउन के कारण प्रभावित खनन गतिविधियों को कोरोना प्रोटोकाल की पालना कराते हुए पटरी पर लाना मुश्किल व जोखिम भरा काम होने के बावजूद विभाग ने योजनावद्ध तरीके से खनन गतिविधियों के सुचारु संचालन कराने के कदम उठाएं हैं.

खोज और खनन कार्य को गति देने के प्रयासों में लाई गई तेजी:
विभाग ने एक और खनन गतिविधियों को पुनः संचालित करने के प्रयास किए वहीं खोज व खनन कार्य को गति देने के प्रयासों में तेजी लाई गई. उन्होंने बताया कि इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले दिनों बजरी के विकल्प के रुप में एम सेंड पाॅलिसी जारी की वहीं पोटाश की खोज के लिए एमईसीएल के साथ एमओयू किया गया. प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा ने बताया कि कोरोना लाॅकडाउन के कारण रुकी हुई खनन गतिविधियों को शुरु कराने, राजस्व छीजत पर प्रभावी रोक लगाने और राजस्व संग्रहण की नियमित मोनेटरिंग का ही परिणाम है कि हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इससे पहले के साल की तुलना में अधिक राजस्व मिला है.

राजस्व संग्रहण की नियमित मोनेटरिंग का परिणाम:
उन्होंने बताया कि अप्रेल, 20 में अप्रेल, 19 के 251 करोड 23 लाख रुपए के राजस्व की तुलना में मात्र 37 करोड़ 43 लाख का राजस्व अर्जित हुआ था. यह 85 प्रतिशत से कम राजस्व था. इसके बाद मई माह में भी 39.33 फीसदी कम राजस्व प्राप्त हुआ. उन्होंने बताया कि राजस्व संग्रहण की नियमित मोनेटरिंग का परिणाम रहा कि जून, 20 तक 333 करोड़ रुपए से भी कम प्राप्त राजस्व दिसंबर आते-आते पिछली साल की तुलना में करीब 50 करोड़ रुपए अधिक हो गया और मार्च, 21 में 42.53 प्रतिशत की ऊंची छलांग लगाते हुए राजस्व संग्रहित किया गया. उन्होंने बताया कि आरंभिक सूचनाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में 2020-21 में समग्र रुप से करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए अधिक संग्रहित किए गए हैं.

4920.42 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित:
शुरुआती सूचनाओं के अनुसार विभाग द्वारा 4920.42 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित किया गया है. प्रमुख सचिव अजिताभ शर्मा ने बताया कि राज्य में लाॅकडाउन के कारण 1 अप्रेल को खनन गतिविधियों के लगभग बंद होने के कारण ई-रवन्ना की संख्या ओसतन प्रतिदिन 125-130 के न्यूनतम स्तर पर आ गई थी जिसे लगातार प्रयासों से ओसतन लगभग 33 हजार प्रतिदिन पर लाया गया है. उन्होंने बताया कि राजस्थान देश का प्रमुख खनिज बहुल प्रदेश हैं और राज्य में लेड जिंक, राॅक फास्फेट, आयरन ओर, काॅपर, सिल्वर, लाइम स्टोन आदि के साथ ही सेंड स्टोन, मार्बल, ग्रेनाइट, मैसेनरी स्टोन, सोप स्टोन, फेल्सपार आदि की खनन गतिविधियां संचालित हो रही है.

राज्य में करीब 33 हजार खनन लीज जारी:
राज्य में करीब 33 हजार खनन लीज जारी है. कोविड-19 को देखते हुए खनन गतिविधियों में भी केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी हेल्थ प्रोटोकाल व एडवाइजरी की पालना सुनिश्चित करवाने की सख्त हिदायत है.  विभाग द्वारा राजस्व बढ़ोतरी के प्रयास और छीजत पर रोक के लिए नियमित समीक्षा की गई. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि विपरीत परिस्थितियों में जिस टीम भावना से खान विभाग ने काम किया है उसे जारी रखा गया था विभाग चालू वित्त वर्ष में भी इस रिकॉर्ड को कायम रख सकता है. 

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