एसएमएस अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज क्यों नहीं - राजस्थान हाईकोर्ट

एसएमएस अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज क्यों नहीं - राजस्थान हाईकोर्ट

एसएमएस अस्पताल में कोरोना मरीजों का इलाज क्यों नहीं - राजस्थान हाईकोर्ट

जयपुर: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस में कोरोना मरीजों का इलाज नहीं करने और उन्हें एडमिट नहीं करने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वप्रेणा प्रसंज्ञान लिया है. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने स्वप्रेणा प्रसंज्ञान से जनहित याचिका दायर करते हुए याचिका की प्रति राज्य के महाधिवक्ता को देने के निर्देश दिये है. 

नोटिस जारी करते हुए 12 अक्टूबर तक जवाब मांगा:  
साथ ही राज्य के मुख्य सचिव, एसीएस चिकित्सा और एसएमएस अधीक्ष को नोटिस जारी करते हुए 12 अक्टूबर तक जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ ने राज्य के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में कोरोना मरीजों का ईलाज नही होने को गंभीर मानते हुए ये आदेश दिया है. खण्डपीठ ने मामले की सुनवाई मोहनसिंह की ओर से दायर जनहित याचिका के साथ सूचीबद्ध करने के आदेश दिये है.

सरकार के नियत्रंण में लेने की गुहार लगायी गयी: 
गौरतलब है कि मोहनसिंह की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर एसएमएस सहित विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज करने...कोरोना से जुड़े सभी टेस्ट और इलाज निशुल्क करने, राज्य के निजी अस्पतालों और होटलों को सरकार के नियत्रंण में लेने की गुहार लगायी गयी है. याचिका में बीपीएल, गरीब और जरूरमंदों कोरोना मरीजों का निशुल्क इलाज करने की गुहार की गयी है. 

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