राजस्थान हाईकोर्ट ने कोरोना काल की चुनौती को बनाया अवसर, वीसी के जरिए सर्वाधिक केसों की सुनवाई 

राजस्थान हाईकोर्ट ने कोरोना काल की चुनौती को बनाया अवसर, वीसी के जरिए सर्वाधिक केसों की सुनवाई 

जयपुर: कोरोना महामारी के चलते देशभर में मार्च के तीसरे सप्ताह के बाद से ही सबकुछ बदल गया है.यूं तो कोरोना देश और दुनिया के सामने बड़ी चुनौति बनकर सामने आया लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने इस चुनौति को एक अवसर के रूप में बदल दिया.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की पहल का नजीता है कि कोरोना कॉल में वाट्सप, स्काईप से लेकर जीटस सॉफटवेयर के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कर सर्वाधिक केसो की सुनवाई करने वाला हाईकोर्ट बन गया है.यहीं नहीं कोरोनाकाल और लॉकडाउन के दौरान सर्वाधिक कार्य दिवस पर सुनवाई करने वाला भी राजस्थान हाईकोर्ट ही है.जब देश के अधिकांश हाईकोर्ट में सुनवाई पूर्णतया बंद हो चुकी थी तब भी राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से लेकर सभी जज अपने निवास से लेकर चैंबर से सुनवाई कर रहे थे.

22 मार्च से 26 जून तक 18 हजार प्रकरण:
कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट ने वीसी के जरिए सभी कार्य दिवस पर सुनवाई की. 22 मार्च से 26 जून तक वीसी के जरिए राजस्थान हाईकोर्ट ने अति आवश्यक प्रकृति के 18238 मामलो की सुनवाई की है.वहीं प्रदेश की निचली अदालतों में 40905 मामलों की सुनवाई कि गई. यहां तक इसी अवधी के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने जयपुर जेल के कैदियों में कारेाना संक्रमण के मामले में रविवार को अवकाश के बावजूद विशेष सुनवाई की.

वीसी के जरिए विदाई समारोह से हुआ था आगाज:
देश में लॉकडाउन लागू होने से पूर्व ही राजस्थान हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये कुछ मामलो की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेसिंग जरिए कि थी.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति ने जनवरी और फरवरी माह में जोधपुर और जयपुर पीठ में एक साथ एक ही केस की सुनवाई की थी जिसके चलते राजस्थान हाईकोर्ट में वीसी की सुनवाई का सेटअप तैयार हो चुका था.गुर्जर आरक्षण आंदोलन पहला केस था जिसकी सुनवाई जोधपुर और जयपुर हाईकोर्ट में एक साथ कि गयी थी.लेकिन उससे पहलेे ही सितंबर 2019 में जस्टिस पी के लोहरा का विदाई रेफरेंस ही वो पहला कार्यक्रम था जिसके जरिए पहली बार दो पीठ के बीच वीसी का ट्रायल किया गया था.उस ट्रायल के दौरान कुछ मुश्किेल जरूर सामने आयी लेकिन एक नई राह जरूर खुल गई. 

पूर्व सीजे जस्टिस भट्ट ने दिखायी थी राह:
राजस्थान हाईकोर्ट देश का एकमात्र हाईकोर्ट है जिसका एक कोर्ट रूम पुरी तरह से वीडियो कॉफ्रेसिंग वीडियो उपकरणो से सुसज्जित रखा गया है.जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने नवंबर 2019 में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर नई बिल्डिंग भवन के उद्घाटन के साथ किया था.जिसमें समान प्रकृति के मामलों की एकसाथ सुनवाई करने के लिए जयपुर जोधपुर में वीसी रूम तैयार करवायें थे.जो कोरोना काल में राजस्थान हाईकोर्ट के लिए एक वरदान साबित हुए है.पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रविन्द्र भट्ट की ये सोच थी जिन्होने सुप्रीम कोर्ट के ई कोर्ट प्रोजेक्ट से प्रेरणा लेते हुए भविष्य की संभावओं को हकीकत का रूप दिया था.

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सीजे महांति के नेतृत्व में टीम ने बना दिया आसान:
राजस्थान हाईकोटर् के 35 वे मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेने के साथ जस्टिस इन्द्रजीत महांति ने ई कोर्ट प्रोजेक्ट या यो कह तो तकनीक के प्रयोग का महत्व समझते हुए एक नई टीम बनाई.इस टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी स्टेयरिंग कमेटी के चैयरमेन जस्टिस अरूण भंसाली ने.जिनके नेतृत्व में ना केवल राजस्थान हाईकोर्ट बल्कि प्रदेश की जिला न्यायालयों में कम्प्यूटर और वीसी की सुविधाओं को मजबूत किया गया.रजिस्ट्रार कम सीपीसी हेमंतसिंह बाघेला और एनआईसी के संजय मिश्रा सहित करीब 15 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने भी इसमें महति भूमिका निभायी.जिसके चलते कोरोना काल में बिना किसी अतिरिक्त खर्च के लिए सभी जजो ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सुनवाई की.यहां यह भी उल्लेख करना जरूरी है कि राजस्थान हाईकोर्ट के जजो ने भी इसमें अपना बेहतर योगदान दिया.जिन्होंने शुरूआत में मोबाईल से केसो की सुनवाई करना स्वीकार किया.ये उनके लिए भी एक नया प्रयोग था जिसे आसानी से ना केवल समझे बल्कि उससे अब भविष्य के लिए भी सुनवाई करना आसान हो गया है.

2 साल बाद शुरू होने वाली कई प्रोजेक्ट भी किये लागू:
कोरोना काल के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट ने ई फाईलिंग से लेकर ई पेमेंट सिस्टम, ई कोर्ट फीस भी लागू किया है.देश में ई फाईलिंग को पूर्णतया लागू करने वाला देश का पहला हाईकोर्ट बन गया है.यहां तक कि मोबाईल से सुनवाई करने वाला भी देश के गिने चुने हाईकोर्ट में शामिल हुआ है और सबकुछ आसान हुआ क्योकि मुख्य न्यायाधीश ने इसके लिए शुरूआत की.हाईकोर्ट में इन प्रोजेक्ट को लागू करने से पहले ही तकनीकि टीमें सुप्रीम कोर्ट से प्रशिक्षण ले चुकी थी जिसका फायदा कोरोना काल में हुआ.

रेगुलर कोर्ट के बाद अब वीसी के जरिए सुनवाई भी रेगुलर:
29 जून से राजस्थान हाईकोर्ट सहित अधिनस्थ अदालतों में रेगुलर सुनवाई शुरू कर दि गई है.रेगलुर अदालतो में अधिवक्ता उपस्थित होकर पैरवी कर रहे है, लेकिन अधिकांश वरिष्ठ अधिवक्ता वीडियो कॉलिंग के जरिए अपने घर या कार्यालय से ही पैरवी कर रहे है.राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनो ही तरीको से सुनवाई जारी रखी है.ये इसलिए भी जरूरी है कि आने वाले समय में वीडियो कॉलिंग से सुनवाई एक जरूरी हिस्सा होगा.जो जेल में कैदियों की सुनवाई से लेकर अहम मामलो में गवाहों की गवाही के लिए एक मजबूत जरिया बन सकता है.

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