कांग्रेस को बहस में हस्तक्षेप का अधिकार, लेकिन पक्षकार नहीं, हाईकोर्ट ने कांग्रेस का पक्षकार बनने का प्रार्थना पत्र किया निस्तारित

कांग्रेस को बहस में हस्तक्षेप का अधिकार, लेकिन पक्षकार नहीं, हाईकोर्ट ने कांग्रेस का पक्षकार बनने का प्रार्थना पत्र किया निस्तारित

जयपुर: बसपा विधायकों से जुड़ी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ही राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्य सचेतक महेश जोशी की ओर से पक्षकार बनने की अर्जी पेश की गई. कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ वकील विवेक तनखा ने बसपा के सभी 6 विधायक विधानसभा अध्यक्ष के 18 सिंतबर 2019 के आदेश से अब कांग्रेस पार्टी के विधायक है.अब तक विधानसभा अध्यक्ष का आदेश लागू है.

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इस पूरे मामले में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं:
अदालत के किसी भी फैसले से कांग्रेस प्रभावित होती है.ऐसे में कोई फैसला करने से पहले उनको भी सुना जाना चाहिए. बसपा की ओर से वरिष्ठ वकील सतीश मिश्रा ने कांग्रेस की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि विधायक बसपा के है और इनका कांग्रेस में शामिल करने का आदेश विधानसभा अध्यक्ष ने दिया है इस पूरे मामले में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं है और बसपा विधायक और विधानसभा अध्यक्ष ही इस मामले में दो महत्वूपर्ण पक्षकार है ऐसे में कांग्रेस को पक्षकार नहीं बनाना चाहिए.

कांग्रेस के प्रार्थना पत्र को निस्तारित करने के दिए आदेश:
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस महेंद्र गोयल की एकलपीठ ने मामले में कांग्रेस को बहस करने के लिए हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया है लेकिन पक्षकार नही बनाया है.साथ ही अदालत ने कांग्रेस के प्रार्थना पत्र को निस्तारित करने के आदेश दिये है.अब कांग्रेस की ओर से वकील मामले में बहस कर सकेंगे लेकिन वे इस केस में पक्षकार नहीं होंगे.

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