राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाइट ने बनाया एक नया रिकॉर्ड, बना देश का पहला हाईकोर्ट

Nizam Kantaliya Published Date 2019/03/23 08:50

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट के ईकोर्ट प्रोजेक्ट के तहत देशभर की अदालतों में कई नए बदलाव देखने को मिले है, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए हाईकोर्ट की वेबसाइट के लिए पैरेलल डाटा रिप्लेकिशन स्क्रीप्ट का प्रयोग करने वाला देश का पहला हाईकोर्ट बन गया है। 25 जून 2018 को नए सिरे से तैयार हुई राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाईट ने अपने नाम एक नया रिकॉर्ड भी कायम किया है। 

देशभर की अदालतों को नेटवर्क के जरिए सुप्रीम कोर्ट से जोड़ने के ईकोर्ट प्रोजेक्ट को यू तो देशभर से तारीफे मिल रही है, और हाल ही डिजीटल इंडिया के तहत इस प्रोजेक्ट के मोबाईल एप्प को भी प्लेटिनम अवार्ड से नवाजा गया है । पिछले एक साल में राजस्थान हाईकोर्ट ने भी ई कोर्ट प्रोजेक्ट को गति देते हुए कई नए आयाम स्थापित किये है। 25 जूना 2018 को हाईकोर्ट की वेबसाईट अपडेट करने के बाद 9 माह में ही इसे रिकॉर्ड सवा करोड़ बार देखा जा चुका है। प्रतिदिन करीब 40 हजार से भी अधिक लोग राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाईट को सर्च कर रहे है। बढ़ते ट्रेफिक को नियत्रिंत करने के लिए हाईकोर्ट के आईटी विभाग ने 62 नए हाई कॉफिगुरेशन सर्वर अपडेट किये है। एनआईसी ने वेबसाईट को क्रेश होने से बचाने के लिए नए फीचर डाले है तो वही सुरक्षा के लिए कैपचा का प्रयोग कर रहा है। 

राजस्थान हाईकोर्ट वेबसाईट के लिए पैरेलल डाटा रिप्लेकिशन स्क्रीप्ट का प्रयोग करने वाला देश का पहला हाईकोर्ट बन गया है। इस स्क्रीप्ट के जरिए राजस्थान हाईकोर्ट के डाटा को सुप्रीम कोर्ट सर्वर के साथ हाईकोर्ट अपने सर्वर पर भी मौजुद रख सकता है। जिससे वेबसाईट सर्च करने वाले व्यक्ति को डाटा सर्च करने में बहुत कम समय लगता है। राजस्थान हाईकोर्ट में 23 लाख फाईल्स को कम्प्यूटराईज्ड कर डाटा को स्टोर किया गया है जिसे नए अपग्रेडेशन के बाद मात्र 3 से 4 सैकण्ड में सर्च किया जा सकेगा। यही कारण है कि इस स्क्रीप्ट को अब देशभर के हाईकोर्ट में प्रयोग किया जा रहा है तो दूसरी ओर हाईकोर्ट के मोबाईट एप्प को 25 जून से अब तक करीब 10 हजार 500 से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके है। 

बहरहाल राजस्थान हाईकोर्ट अपनी वेबसाईट को अपग्रेड करने में जुटा है। कैस मैनेजमेंट सिस्टम सॉफटवेयर 3.0 को शीघ्र ही 3.1 में अपडेट किया जायेगा तो वही 25 मार्च तक इस सर्वर बदलने का कार्य भी पूर्ण होगा। उम्मीद है आने वाले समय में इसका फायदा अधिवक्ताओं के साथ साथ आम पक्षकारो को भी होगा । 
 

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