VIDEO: लॉकडाउन में हाउसिंग बोर्ड का कमाल, मई में RHB के प्रदर्शन ने किया सभी को अचंभित

VIDEO: लॉकडाउन में हाउसिंग बोर्ड का कमाल, मई में RHB के प्रदर्शन ने किया सभी को अचंभित

जयपुर: रियल एस्टेट मार्केट में किंग बन चुके हाउसिंग बोर्ड का जलवा लॉकडाउन में भी कायम रहा है.हाउसिंग बोर्ड ने मई के महीने में 49 प्रीमियम सम्पत्तियों के ई ऑक्शन से 110 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है.लॉक डाउन के बीच बोर्ड के ऐसे शानदार प्रदर्शन से रियल एस्टेट जगत के पंडित भी चकित हैं. कोरोना की दूसरी लहर के कारण प्रदेश में लॉकडाउन का दौर चल रहा है. लॉक डाउन के कारण सभी तरह के व्यापारों पर विपरीत असर पड़ा है. रियल एस्टेट मार्केट भी इससे अछूता नहीं रहा है.ऐसे समय मे जब रियल एस्टेट मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है.हाउसिंग बोर्ड ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को अचंभित कर दिया है.मई महीने में हाउसिंग बोर्ड ने एक के बाद एक 49 प्रीमियम सम्पत्तियों का ई ऑक्शन किया है. जिससे बोर्ड को 110 करोड़ का राजस्व मिला है.

लॉकडाउन में भी हाउसिंग बोर्ड की धाकड़ परफॉर्मेंस:
-लॉक डाउन और सख्त पाबंदियों वाले मई के महीने में किया कमाल
-49 प्रीमियम सम्पत्तियों की नीलामी से अर्जित किया 
-110 करोड़ का राजस्व
-किसी भी संस्थान ने मई महीने में ई ऑक्शन से अर्जित नहीं किया इतना राजस्व
-लॉकडाउन में रेस्पॉन्स नहीं मिलने के कारण अधिकतर संस्थाओं ने स्थगित किये अपने पूर्व निर्धारित ई ऑक्शन कार्यक्रम
-हाउसिंग बोर्ड के ई ऑक्शन में हर सम्पत्ति को खरीदने के लिए दिखी लोगों में प्रतिस्पर्धा

ई-ऑक्शन की खासबात:
हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने बताया कि जयपुर के आरएचबी आतिश मार्केट, राणा सांगा मार्केट और आयुष मार्केट सहित दौसा और बीकानेर की कुल 14 आवासीय एवं 35 व्यावसायिक सम्पत्तियों का ई- ऑक्शन किया गया. कमिश्नर ने बताया कि इस ई-ऑक्शन की खास बात यह रही है कि कुल विक्रय मूल्य 110 करोड़ रुपए की 15 प्रतिशत राशि 16 करोड़ 50 लाख रुपए तीन दिन में ही सफल बोलीदाताओं ने हाउसिंग बोर्ड कोष में जमा करा दी है.बाकी बची 35 प्रतिशत राशि 38 करोड़ 50 लाख रुपए और 50 प्रतिशत राशि 55 करोड़ रुपए आवंटन पत्र जारी होने के क्रमशः 240 दिन और 360 दिन में जमा होगी.

मई के माह में हुई रिकॉर्ड नीलामियों की खासबात:
मई के महीने में हुई रिकॉर्ड नीलामियों की खास बात यह भी है कि हाउसिंग बोर्ड ने 6 बड़े व्यावसायिक भूखंडों का भी ई ऑक्शन किया है.यह सभी भूखंड 2 हजार वर्गमीटर से बड़े हैं.इस साइज के बड़े भूखंडों को सामान्य तौर पर भी खरीददार नहीं मिलते हैं. लेकिन लॉकडाउन जैसे समय में भी इतने बड़े भूखंडों की नीलामी से बोर्ड ने एक बार फिर रियल एस्टेट जगत के पंडितों को हैरान कर दिया है.

हाउसिंग बोर्ड ने मई में तोड़े मिथक:
-लॉकडाउन में भी बना हुआ है लोगों के बीच हाउसिंग बोर्ड की सम्पत्तियों को खरीदने का क्रेज
-प्रतापनगर में 2 हजार वर्गमीटर से बड़े 6 भूखंडो के  ई ऑक्शन से सभी को चौंकाया
-तय विक्रय मूल्य से अधिक राशि मिलने का सिलसिला लॉकडाउन में भी रहा जारी
-RHB आतिश मार्केट में निर्धारित विक्रय मूल्य से 6 गुना कीमत पर बिकीं 2 कियोस्क
-अपनी विश्वनीयता और कमिटमेंट के दम पर सबसे बड़ा ब्राण्ड बना हुआ है हाउसिंग बोर्ड

जानिए कितने में बिके ये भूखंड: 
हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा ने बताया कि प्रताप नगर योजना में स्थित 2 हजार वर्गमीटर से बड़े 6 व्यावसायिक भूखंडों को ई- ऑक्शन के माध्यम से बेचा गया. यह भूखंड कुल 84 करोड़ 16 लाख 57 हजार रुपए में बिके. उन्होंने बताया कि मंडल की प्रतिष्ठित मानसरोवर योजना में विकसित आरएचबी आतिश मार्केट में दो कियोस्कों को ई- ऑक्शन  के माध्यम से बेचा गया था. यह कियोस्क अपने निर्धारित विक्रय मूल्य से लगभग 6 गुना कीमत पर बिके.  कियोस्क संख्या के-2 व के-3 का निर्धारित विक्रय मूल्य 85 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर रखा था.यह कियोस्क क्रमशः 4 लाख 81 हजार 797 रुपए प्रति वर्गमीटर और 5 लाख 21 हजार प्रतिवर्गमीटर में बिकीं हैं. 

सम्पत्तियों को खरीदने के लिए गजब का उत्साह:
उन्होंने बताया कि मंडल द्वारा जयपुर की प्रताप नगर योजना में द्वारकापुरी अपार्टमेंट्स के सामने वर्षों से अनुपयोगी पड़ी जमीन पर राणा सांगा मार्केट विकसित किया गया था.मई महीने में पहली बार यहां शोरूम भूखडों का ई- ऑक्शन किया गया. इसमें  रोचक बात यह रही है कि  यह सभी भूखंड पहली ही नीलामी में बिक गए और अधिकांश भूखंड अपने निर्धारित बिक्री मूल्य से भी दोगुना कीमत पर बिके हैं. यह हाउसिंग बोर्ड की विश्वसनीयता का ही प्रमाण है कि कोरोना की दूसरी लहर के व्यापक असर के बावजूद लोगों ने बोर्ड की सम्पत्तियों को खरीदने के लिए गजब का उत्साह दिखाया है. एक समय था जब बोर्ड को प्रीमियम सम्पत्तियों से लेकर सामान्य सम्पत्तियों के लिए खरीददार नहीं मिलते थे और अब ऐसा दौर है जब लॉकडाउन में भी बोर्ड की सम्पतियां निर्धारित विक्रय मूल्य से कई गुना अधिक राशि में बिक रही है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

और पढ़ें