जयपुर VIDEO: कोरोना की मार, सिस्टम लाचार, सबसे बड़े कोविड अस्पताल RUHS की ग्राउण्ड रिपोर्ट

VIDEO: कोरोना की मार, सिस्टम लाचार, सबसे बड़े कोविड अस्पताल RUHS की ग्राउण्ड रिपोर्ट

जयपुर: कोरोना के कोहमार के बीच प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल में सिस्टम लाचार हो गया है.अस्पताल में क्षमता से डेढ़ गुना तक मरीज भर्ती है, जिसके चलते पूरा सिस्टम हांपने लगा है.हालात ये कि इमरजेंसी में उखडती सांसों के बीच मरीजों को एडमिट होने के लिए भी दो-दो घंटे इंतजार करना पड़ रहा है.इतना ही नहीं इमरजेंसी हो या आईपीडी, कमोबेश हर जगह मरीज खचाखच भरे हुए है.कोरोना के कोहराम के बीच अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर आईपीडी तक की ग्राउड रिपोर्ट ली हमारे संवाददाता विकास शर्मा ने

ये सिस्टम है लाचार !
-इलाज के मंदिर में दो-दो घंटे का इंतजार
-कोरोना मरीजों की उखड रही अस्पताल के द्वार पर सांसे
-फिर भी उन्हें नहीं मिल पा रही चिकित्सकीय सुविधा
-क्योंकि एकाएक बढ़े मरीजों से सिस्टम पूरी तरह ओवर लोड
-न इमरजेंसी में पैर रखने की जगह, न ही वार्ड में कोई खाली बैड
-ऐसे में जमीन पर लेटकर इलाज कराने को मजबूर कोरोना मरीज
-प्रशासन का तर्क, डेढ़ गुना तक मरीजों का लोड झेल रहा अस्पताल
-जितनी ऑक्सीजन की उपलब्धता, उतने मरीज ही कर सकते भर्ती
-ऐसे में सवाल ये, आखिर कब केन्द्र स्तर से सुनी जाएगी गुहार
-अब तो हर मरीज के मुहं से निकल रही चित्कार, हमें ऑक्सीजन दो सरकार

1 आइए अब आपको बताते है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी मरीजों को किसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है
वाक थूं : 

2 अब देखिए अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए कैसे कैसे इंतजाम कर रही है सरकार, क्योंकि जिन्दगी बचाना है मकसद....हालांकि, ऑक्सीजन और जीवनरक्षक इंजेक्शनों की किल्लत के चलते मरीज जरूर है हैरान-परेशान

ये है राजस्थान का कोविड अस्पताल:
-इमरजेंसी फूल, वार्ड में नो बैड जैसे हालात
-मजबूरन कोरिडोर और चौक में इलाज करवा रहे मरीज
-अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत
-हालांकि, अस्पताल प्रशासन मरीजों के दबाव के बावजूद कर रहा मैनेजमेंट
-लेकिन फिर भी अस्पताल में संसाधनों की फूल रही सांसे

-क्षमता से डेढ़ गुना मरीजों के चलते अस्पताल में हालात चिंताजनक
-इमरजेंसी से लेकर आईपीडी तक हर जगह खचाखच मरीज
-इमरजेंसी में दो-दो घंटे तक इंतजार भर्ती होने का इंतजार
-उखडती सांसों के बीच मरीज-परिजन हो रहे बेहाल
-हालांकि, सरकार की जिन्दगी बचाने की जंग अस्पताल में जारी
-लेकिन सीमित संसाधनों के चलते हांपने लग रहा सिस्टम
-ऑक्सीजन की किल्लत के चलते दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट हो रहे मरीज

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