22 वर्ष पुराने लेटर बम प्रकरण में राजेंद्र राठौड़ ने किया सतीश पूनिया का बचाव, पूनिया ने भी इस समय पत्र जारी होने को अजब सियासत की गजब कहानी बताया

22 वर्ष पुराने लेटर बम प्रकरण में राजेंद्र राठौड़ ने किया सतीश पूनिया का बचाव, पूनिया ने भी इस समय पत्र जारी होने को अजब सियासत की गजब कहानी बताया

22 वर्ष पुराने लेटर बम प्रकरण में राजेंद्र राठौड़ ने किया सतीश पूनिया का बचाव, पूनिया ने भी इस समय पत्र जारी होने को अजब सियासत की गजब कहानी बताया

जयपुर: 22 साल पुराने लेटर बम प्रकरण में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का बचाव किया है. राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि समय के चक्र के साथ समय काल और परिस्थितियां बदलती रहती है. 22 वर्ष पहले जो स्थितियां थीं वो आज नहीं है. उस वक्त भी पार्टी के प्लेटफॉर्म पर बात को कहा था. आज भी कोई व्यक्ति पार्टी के प्लेटफार्म पर कोई बात करे तो वह गलत नहीं है. परंतु बात जब बयानबाज़ी तक चली जाती है तो वह सही नहीं है!

उन्होंने कहा कि 22 वर्ष पहले मेरे समेत सभी लोग अपनी राजनैतिक धरती को मजबूत करने में लगे थे. पार्टी में आपस में छोटी मोटी प्रतिस्पर्धा चलती रहती है. हमारे प्रदेशाध्यक्ष जी के पत्र को कुछ लोग ढाल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. जो पार्टी से अलग हटकर सियासत करने की कोशिश में लगे हैं. मैं समझता हूं कि ये पार्टी हित की बात नहीं है

पूनिया ने लेटर बम को बताया अजब सियासत की ग़ज़ब कहानी: 
वहीं पूनिया ने भी इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देने के बाद आज एक बार फिर ट्वीट करते हुए लिखा कि 22 वर्ष पुराना पत्र इस समय जारी होना अजब सियासत की ग़ज़ब कहानी है; फिर भी; मैं तब भी कार्यकर्ताओं के साथ था अब भी साधारण कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधि हूँ; पार्टी के मंच पर कही गयी बात के बाद ही नेतृत्व ने मुझे पार्टी में महत्वपूर्ण दायित्व दिये जिनका मैंने निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया. 

22 वर्ष पुराना पत्र इस समय जारी होना अजब सियासत की ग़ज़ब कहानी है;फिर भी;मैं तब भी कार्यकर्ताओं के साथ था अब भी साधारण कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधि हूँ;पार्टी के मंच पर कही गयी बात के बाद ही नेतृत्व ने मुझे पार्टी में महत्वपूर्ण दायित्व दिये जिनका मैंने निष्ठा पूर्वक निर्वहन किया।

— Satish Poonia (@DrSatishPoonia) June 29, 2021

22 साल पुराने पत्र से प्रदेश भाजपा की राजनीति में हलचल:

आपको बता दें कि 22 साल पुराने पत्र से प्रदेश भाजपा (BJP) की राजनीति (Rajasthan Politics) में हलचल देखने को मिल रही है. सोशल मीडिया (Social Media) पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) का एक पुराना पत्र वायरल (Old Letter Viral) हुआ है. पत्र में सतीश पूनिया ने भाजपा दिग्गजों पर गंभीर आरोप लगाए थे. यह पत्र उन्होंने भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा देते समय लिखा था. इसमें भैरों सिंह शेखावत, ललित किशोर चतुर्वेदी और हरीशंकर भाभड़ा पर तीन पेज के लेटर में पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया था. 

पत्र में राजेंद्र राठौड़ और राम सिंह कस्वां को भी 'भस्मासुर' बताया था:
इसके साथ ही इस पत्र में राजेंद्र राठौड़ और राम सिंह कस्वां को भी 'भस्मासुर' बताया था. विधानसभा टिकट कटने पर नाराज सतीश पूनिया ने 1999 में यह पत्र लिखा था. सतीश पूनिया ने गुलाबचंद कटारिया को लिखा था कि युवा मोर्चा जिलाध्यक्षों के जरिए मेरे प्रति पूरे प्रदेशभर के लोगों ने अपनी बात रखी थी. मुझे तो घोर आश्चर्य है कि इस बार के चुनाव के उम्मीदवारों को लेकर प्रदेश में मंडल स्तर बड़े स्तर के कार्यकर्ता से लेकर आप तक पूरी तरह आश्वस्त थे. 

भैरो सिंह शेखावत, ललित किशोर चतुर्वेदी, हरिशंकर भाभड़ा ने मेरी पीठ में छुरा घोंपा:
उन्होंने आगे लिखा था कि पूर्व मुख्यमंत्री भैरो सिंह शेखावत, राजेंद्र राठौड़ और राम सिंह कसवा के प्रबल समर्थक रहे हैं. दिल्ली जाने तक मुझे चुनाव लड़ने का स्पष्ट संकेत दे चुके थे. पूनिया ने लिखा था कि मुझे जो विश्वस्त जानकारी मिली है उसके अनुसार इन लोगों ने दिल्ली में पासा पलटा. भैरो सिंह शेखावत, ललित किशोर चतुर्वेदी, हरिशंकर भाभड़ा ने मेरी पीठ में छुरा घोंपकर प्रदेशभर के कार्यकताओं की छाती पर पैर रखकर टिकट कटवाया है. प्रदेशभर के कार्यकर्ता इस अपमान को सहने की स्थिति में नहीं हैं. इतने दिन तक लगातार उपेक्षा से मैं क्षुब्ध हैं. मैं इस मानसिकता में नहीं कि मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष पद पर बना रहूं. 

इतने पुराने लेटर को आज सामने लाने के पीछे सियासी षड्यंत्र:
22 साल बाद एक बार फिर लेटर वायरल होने पर सतीश पूनिया ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इतने पुराने लेटर को आज सामने लाने के पीछे सियासी षड्यंत्र है. मैंने उस वक्त की राजनीतिक प​रिस्थितियों के हिसाब से फैसला किया था. इसलिए उसे उसी वक्त की परिस्थितियों के संदर्भ में ही देखना चाहिए. 
 

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