अनाथ बच्चों की मांग को लेकर CMR के बाहर अचानक पहुंचे भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, इंटेलीजेंस को फिर दिया चकमा

अनाथ बच्चों की मांग को लेकर CMR के बाहर अचानक पहुंचे भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, इंटेलीजेंस को फिर दिया चकमा

जयपुर: भाजपा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा (BJP MP Dr. Kirori Lal Meena) अनाथ बच्चों के लिए पैकेज और योजना की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. सांसद मीणा यहां अनाथ बच्चों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने हाथ में स्लोगन लिखी हुई तख्ती ले रखी है. मामले की जानकारी मिलने पर मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सांसद मीणा से बात करने पहुंचे हैं. 

आपको बता दें कि इससे पहले सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा CMR के बाहर बिना सूचना के अचानक अनाथ बच्चों के लिए मांग करने पहुंच गए. इस दौरान CMR के बार सुरक्षाकर्मियों में हलचल मच गई. किरोड़ी लाल मीणा के इस कदम की इंटेलीजेंस को भी खबर नहीं लगी. अब मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास उनसे इस मामले में समझाइश कर रहे हैं. 

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इंटेलीजेंस को फिर चकमा दिया किरोड़ी ने:
किरोड़ी ने इंटेलीजेंस को एक बार फिर चकमा दिया है. इससे पहले वो अप्रैल में अचानक पुजारी का शव लेकर सिविल लाइंस आए थे. तब भी इंटेलीजेंस को कानोकान खबर नहीं लगी थी. आज भी बच्चों के साथ किरोड़ी अचानक सीएमआर पहुंच गए. किरोड़ी तख्तियां हाथ में लेकर पूरी तैयारी के साथ आए. लेकिन पुलिस व इंटेलीजेंस को इसका पता ही नहीं लगा. जब किरोड़ी के काफिले की गाड़ियां अचानक CMR के बाहर के बाहर रुकी तब उन्हें देखकर पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई. बता दें कि एक बार CMR के बाहर आत्महत्या का प्रयास हुआ था. नागौर के एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाया था. तब भी इंटेलीजेंस को कोई खबर नहीं मिली थी. आज की इंटेलीजेंस फेल पर अब गाज गिरेगी. 

सीएम गहलोत ने किया था विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बड़ा ऐलान:
गौरतलब है कि विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok gehlot) ने प्रदेश के लिए बड़ा ऐलान किया था. राज्य स्तरीय वेबिनार में प्रदेश पर मंथन के दौरान ने CM गहलोत ने मुख्यमंत्री कोरोना बाल एवं विधवा कल्याण योजना (Chief Minister Corona Child and Widow Welfare Scheme) का ऐलान किया था. इस योजना में कोरोना (Coronavirus) से अनाथ हुए बालक, बालिका और विधवा महिला को एक लाख का अनुदान मिलेगा. अनाथ बच्चों को 18 साल की उम्र तक 2500 रुपए की मासिक सहायता मिलेगी, जबकि उन्हें 18 साल की उम्र पूरी होने पर 5 लाख की सहायता दी जाएगी.
 

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