वरिष्ठ नागरिकों के लिए अभिनव योजना की तैयारी कर रही गहलोत सरकार, बुजुर्गों की सुरक्षा और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध होंगी सुविधाएं

वरिष्ठ नागरिकों के लिए अभिनव योजना की तैयारी कर रही गहलोत सरकार, बुजुर्गों की सुरक्षा और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध होंगी सुविधाएं

जयपुर: शहरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षा उपलब्ध कराने और उनकी उम्र के हिसाब से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot government) संवेदनशील है. सरकार ऐसे लोगों के लिए एक अभिनव योजना (Abhinav Yojana) लाने की तैयारी कर रही है. 

आज तेजी से बदल रही परिस्थितियों में संयुक्त परिवार खत्म होते जा रहे हैं और रोजगार के अच्छे अवसर की तलाश में या विभिन्न कारणों से एकल परिवार की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है. ऐसे में गरीब और बेसहारा बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम्स चलाए जा रहे हैं. लेकिन इनके अलावा इस बुजुर्ग आबादी का एक बड़ा वर्ग है जो आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर तो है. लेकिन सुरक्षा और उनकी उम्र के हिसाब से जो सुविधाएं उन्हें चाहिए उनका इस वर्ग के पास अभाव है. वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार देश में 7 करोड़ 60 लाख आबादी 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की थी. वर्ष 2011 की जनगणना में यह बढ़कर 10 करोड़ 40 लाख हो गई. संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुमान के मुताबिक 2050 तक यह आबादी बढ़कर 24 करोड़ हो जाएगी. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की सिफारिश है कि बुजुर्ग आबादी को देखते हुए सरकारों को एक विशेष संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आवास योजना लाने की तैयारी कर रही है.

विशेष आवास योजना बुजुर्गों की जरूरतों के हिसाब से बहुत ही खास होगी:
वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाई जा रही है विशेष आवास योजना बुजुर्गों की जरूरतों के हिसाब से बहुत ही खास होगी. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर इस योजना का खाका तैयार किया गया है. इस योजना के तहत प्राइवेट बिल्डर्स अपनी ग्रुप हाउसिंग स्कीम ला सकेंगे. आपको बताते हैं कि इस योजना की क्या होंगी विशेषताएं

विशेष आवास योजना की विशेषताएं:
- यह ग्रुप हाउसिंग स्कीम मौजूदा आवासीय योजना में ही विकसित की जाएगी 
- वर्तमान में आउटडोर और इंडोर मरीजों की सुविधाओं वाले अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में यह ग्रुप हाउसिंग योजना होगी 
- ताकि इलाज के लिए यहां रहने वाले बुजुर्गों को दूर जाना नहीं पड़े
- योजना के मकान 60 वर्ष या यह उम्र पार करने वाले बुजुर्गों को ही आवंटित किए जाएंगे 
- ऐसे व्यक्ति जो 60 वर्ष के नहीं हुए हैं वह भी चाहें तो योजना में मकान बुक करा सकेंगे लेकिन वह तभी इस मकान में रह पाएंगे जब वह 60 वर्ष के हो जाएंगे 
- कोई भी आवंटी 60 वर्ष से कम उम्र वाले किसी अन्य व्यक्ति को अपना मकान किराए पर नहीं दे पाएगा 
- योजना के मकान में विवाहित पुत्र या पुत्री या अन्य पारिवारिक सदस्य अस्थाई तौर पर ही रह सकेंगे 
- किसी प्राकृतिक आपदा, आतंकवादी हमले, दंगों या अन्य किसी कारण से अनाथ हुए बेसहारा बच्चों को वरिष्ठ नागरिक अपने मकान में रख सकेंगे 
- यह प्रावधान इसलिए शामिल किया गया है ताकि ऐसे बच्चों को आर्थिक व सामाजिक संबल मिल सके 
- यहां रहने वाले बुजुर्गों को 24×7 चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नजदीक के अस्पताल से अनुबंध होगा

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने फर्स्ट इंडिया न्यूज़ को बताया कि भिवाड़ी में भी इस प्रकार की योजना लाई गई थी. लेकिन सरकार नए सिरे से योजना लागू करना चाहती है ताकि बुजुर्गों को आवास के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सके.

प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रस्तावित आवास योजना के तहत ग्रुप हाउसिंग स्कीम विकसित करने वाले बिल्डर्स को सरकार की ओर से कई प्रकार की रियायतें दी जाएंगी. आपको बताते हैं कि इस योजना के क्या मापदंड प्रस्तावित किए गए हैं और योजना के तहत ग्रुप हाउसिंग स्कीम विकसित करने वाले बिल्डर को किस प्रकार की छूट दी जाएगी.

तकनीकी मापदंड और छूट:
भवन मानचित्र अनुमोदन शुल्क, बेटरमेंट लेवी, भू रूपांतरण शुल्क, पुनर्गठन और उप विभाजन शुल्क में छूट दिया जाना प्रस्तावित है.  
- ग्रुप हाउसिंग के लिए बिल्डर को भूखंडों का पुनर्गठन करने की छूट मिलेगी 
- स्टैंडर्ड बिल्ड एरिया रेश्यो (BAR) 2.5 बिना किसी शुल्क के मिल सकेगा 
- पार्किंग के मापदंड में छूट देते हुए प्रति कार 100 वर्ग मीटर स्थान आरक्षित करना जरूरी होगा 
- जरूरी दुकानों, कॉमन डाइनिंग, किचन, कम्युनिटी हॉल और क्लब के निर्मित क्षेत्र की गणना BAR में नहीं की जाएगी
- ग्रुप हाउसिंग स्कीम के लिए भूखंड का आकार न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर होना जरूरी होगा 
- अधिकतम 40% कवरेज एरिया निर्माण के लिए मिलेगा 
- सेटबैक और इमारत की ऊंचाई बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप होगी

वरिष्ठ नागरिक आवास योजना का जो खाका तैयार किया गया है, उसको लेकर नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से चर्चा करेंगे. इसके बाद इस योजना को लागू किया जाएगा.

और पढ़ें