अहमदाबाद भाजपा के स्थानीय विधायक भी जालौर घटना के जातिगत दृष्टिकोण के बारे में आश्वस्त नहीं- CM गहलोत

भाजपा के स्थानीय विधायक भी जालौर घटना के जातिगत दृष्टिकोण के बारे में आश्वस्त नहीं- CM गहलोत

भाजपा के स्थानीय विधायक भी जालौर घटना के जातिगत दृष्टिकोण के बारे में आश्वस्त नहीं- CM गहलोत

अहमदाबाद: एक शिक्षक की पिटाई से एक दलित छात्र की मौत की घटना को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय विधायक भी घटना के जातिगत दृष्टिकोण से जुड़े होने के बारे में आश्वस्त नहीं थे.

राजस्थान में पानी के घड़े को कथित तौर पर छूने पर एक शिक्षक द्वारा पिटाई किये जाने के बाद स्कूल के एक दलित छात्र की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि स्कूल के मालिक का साथी अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से है, और लगभग 40 दलित छात्र स्कूल में पढ़ते हैं. गहलोत ने यहां कहा कि हमारे देश में छुआछूत मानवता पर कलंक है. चूंकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हमेशा हिंदुत्व की बात करते हैं, इसलिए मैं भाजपा और आरएसएस के नेताओं से अपील करता हूं कि वे इस अस्पृश्यता की प्रथा को खत्म करने की दिशा में काम करें क्योंकि अनुसूचित जाति के लोग भी हिंदू हैं.

राजस्थान के जालौर जिले के एक स्कूल में पानी के एक घड़े को छूने के आरोप में एक शिक्षक ने नौ वर्षीय एक बालक को पीटा था. पिछले सप्ताह अहमदाबाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. आरोपी चैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. गहलोत अपनी गुजरात यात्रा के आखिरी दिन आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्हें चुनाव के लिए पार्टी का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

उन्होंने कहा कि आरोपी शिक्षक भी इस निजी स्कूल का मालिक है और उसका साथी अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित है. उस स्कूल में अनुसूचित जाति के लगभग 40 छात्र पढ़ते हैं. उन्होंने कहा कि यहां तक कि मौजूदा विधायक जो भाजपा से हैं, ने इस आरोप पर सवालिया निशान लगा दिया है कि घटना इसलिए हुई क्योंकि लड़के ने (शिक्षक द्वारा इस्तेमाल किए गए घड़े से) पानी पिया था.

पीड़ित लोगों के पुलिस से संपर्क करने पर प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य:
गहलोत ने उना में दलितों की पिटाई की घटना का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं भाजपा शासित गुजरात और उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी होती हैं. उन्होंने कहा कि फर्क सिर्फ इतना है कि ऐसे मामलों में राजस्थान सरकार तेजी से कार्रवाई करती है. राजस्थान एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पीड़ित लोगों के पुलिस से संपर्क करने पर प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है. इस बीच, निर्दलीय दलित विधायक एवं कांग्रेस की गुजरात इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने जालौर की घटना को लेकर यहां गहलोत से मुलाकात की.

आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया:
गहलोत ने ट्वीट किया कि उन्होंने मेवाणी को सूचित किया कि आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है और पीड़ित परिवार को अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत और मुख्यमंत्री राहत कोष से वित्तीय सहायता दी गई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजस्थान इकाई पार्टी आलाकमान के निर्देश पर लड़के के परिवार को अतिरिक्त 20 लाख रुपये देगी. राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर कहा कि नौ वर्षीय बच्चे की मौत से पूरा देश आहत है.

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