मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी दिल्ली के दौरे पर, अजय माकन से मुलाकात कर राज्य कांग्रेस के अंदरूनी घटनाक्रम की रखेंगे विस्तृत रिपोर्ट

जयपुर: मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी दिल्ली के दौरे पर हैं. उनका राज्य कांग्रेस प्रभारी अजय माकन से मुलाकात का कार्यक्रम है. इस दौरान जोशी राज्य कांग्रेस के अंदरूनी घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट रखेंगे. इसके साथ ही विधायकों की बयानबाजी को लेकर तथ्यात्मक बात रखेंगे. जोशी के पास सभी बड़े अखबारों में छपे बयानों की कटिंग है. ऐसे में किसने क्या बोला यह तमाम बात प्रभारी के समक्ष रखी जाएगी. इसके साथ ही जोशी खुद के दिए गए बयानों को भी प्रभारी के सामने रखेंगे. 

बता दें कि फिर से वह विधायक उग्र तेवर दिखा रहे हैं जिन्होंने कुछ समय पहले गहलोत सरकार को राजस्थान में संकट में डालने का काम किया था. विधानसभा की व्यवस्थाओं को मुद्दा बनाकर फिर से इस कैंप के जरिए अपनी ही सरकार को घेरा जा रहा है. विधायक रमेश मीणा ने कहा था कि हमारी समस्याओं पर राहुल गांधी से समय मांगा है, वहां भी हल नहीं निकला तो इस्तीफा दे दूंगा. रमेश मीणा के समर्थन में मुरारी लाल मीणा और वेदप्रकाश सालंकी ने कहा कि हमारे साथ शुरू से ही भेदभाव हो रहा, हम परेशान हैं. 

मुरारीलाल मीणा और वेदप्रकाश सोलंकी ने भी समर्थन किया: 
सचिन पायलट के कट्टर समर्थक और सपोटरा विधायक रमेश मीणा के बाद अब दो और  विधायकों ने विधानसभा में सीट आवंटन और विकास कामों में एससी, एसटी और माइनोरिटी के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया है. पूर्व मंत्री और दौसा विधायक मुरारीलाल मीणा और चाकसू विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने भी एससी—एसटी—माइनोरिटी विधायकों के साथ हर स्तर पर भेदभाव के रमेश मीणा के आरोपों का समर्थन करते हुए सरकार को निशाने पर लिया है. रमेश मीणा के इस्तीफे की धमकी पर मुरारी मीणा ने कहा कि उनकी अपनी व्यथा है, यह बात सही है कि हम परेशान तो हैं. मुरारी और सोलंकी दोनों ही पायलट के विश्वस्त माने जाते हैं. 

मुरारी मीणा ने कहा कि हमारे साथ शुरू से ही भेदभाव हो रहा:
मुरारी मीणा ने कहा कि हमारे साथ शुरू से ही भेदभाव हो रहा है, इसे लेकर हमने कई बार मुख्यमंत्री और पार्टी स्तर पर भी अपनी आवाज उठाई है. मेरे क्षेत्र में विकास तो हुआ है, इसे तो मैं नकार नहीं सकता लेकिन सरकार और विधानसभा क्षेत्र में बहुत से लोगों के काम नहीं हो रहे. मुरारी लाल मीणा ने कहा कि कई मंत्री एससी—एसटी विधायकों के काम नहीं करते, हम हाईकमान से मिलेंगे. उन्होंने कहा कि हमारे नेता एससी एसटी और माइनोरिटी को कांग्रेस की बैकबोन मान रहे हैं, लेकिन कांग्रेस की बैकबोन को विधानसभा, सरकार और पार्टी स्तर पर कमजोर किया जा रहा है. एससी, एसटी और माइनोरिटी के विधायकों की बात सुनी जाए. बहुत से मंत्री—पदाधिकारी ऐसे हैं जो एससी—एसटी विधायकों को इग्नोर करते हैं, उनके क्षेत्रों में काम नहीं करते. मेरे इलाके में मुझसे पूछे बिना थानेदार से लेकर कई अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग की गई. मंत्रियों के इन कारनामों से पार्टी कमजोर हो रही है. हम हाईकमान और मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे और अपनी बात कहेंगे. 

राजस्थान के एससी, एसटी और माइनोरिटी समाज का सवाल:
चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि यह केवल विधायकों की ही नहीं पूरे राजस्थान के एससी, एसटी और माइनोरिटी समाज का सवाल है. सदन में कुछ तथाकथित लोगों को ही बोलने का मौका दिया जाता है. सदन में आगे सीट देने में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा. क्या हमारे दलित वर्ग के विधायक बोलना नहीं जानते?  एससी एसटी विधायकों के साथ भेदभाव बंद किया जाना चाहिए. एक तरफ आप एससी एससटी और माइनोरिटी को कांग्रेस बैकबोन बता रहे हो और दूसरी तरफ इनके विधायकों को कमजोर कर रहे हो. दोनों चीजें चलेंगी नहीं, बैकबोन भी बताओं और कमजोर ही करो. आज वक्त बदल चुका है, चीजें छुपती नहीं हैं. यह पूरा मामला सार्वजनिक हो चुका है. कांग्रेस को मजबूत करना है और एक करना है तो तत्काल विधानसभा की इस सीटिंग व्यवस्था को बदलना चाहिए.

बिना माइक वाले 50 विधायकों की लिस्ट सार्वजनिक करनी चाहिए:
सोलंकी ने कहा कि मुख्य सचेतक महेश जोशी को बिना माइक वाले 50 विधायकों की लिस्ट सार्वजनिक करनी चाहिए. सोलंकी ने कहा कि जिन 50 लोगों को बिना माइक वाली सीटों पर बैठाया है उनमें से अधिकांश एससी—एसटी—माइनोरिटी के हैं. जिनके खून पसीने की मेहनत से यह सरकार बनी है उनके प्रतिनिधियों को सदन में उचित महत्व देना आवश्यक है आज जांच का विषय है, जिन 50 लोगों के पास माइक नहीं है उन लोगों में कौन हैं उनकी लिस्ट सार्वजनकि करनी चाहिए. यह विधायकों का नहीं पूरे प्रदेश के एससी, एसटी माइनोरिटी का मुद्दा है. उनकी आवाज को इस तरह दबाया जाना उचित नहीं है. महेश जोशी यह साफ करें कि सीटिंग अरेंजमेंट का क्राइटेरिया क्या है, यह मेरा नहीं पूरे एसससी एसटी माइनोरिटी वर्ग का सवाल है. पूरे समाज में इसका बहुत निगेटिव प्रभाव पड़ा है. 

अजय माकन ने तमाम बयान बाजी को लेकर जांच पड़ताल की:
कहा यह जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन ने तमाम बयान बाजी को लेकर जांच पड़ताल की है पीसीसी से इस बारे में पूरी जानकारी मांगी है. जिस तरह की बयानबाजी पायलट के कट्टर समर्थक विधायकों ने की है उसे यही लगता है कि लंबित मसले अभी तक इन दोनों के बीच सुलझी नहीं है यही कारण है कि आलाकमान पर दबाव बनाया जा रहा, बात उठी तो थी सदन में माइक व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार पर आरोप जड़ दिया कि बजट में एससी, एसटी के विधायकों से भेदभाव हुआ है. बहरहाल असंतुष्ट विधायकों ने अपनी बात को कहने का समय ऐसा चुना जब  कांग्रेस का आलाकमान पांच राज्यों में चुनाव की चुनौती से जूझ रहा है. 

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