CM अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नए संबंधों या समीकरणों की शुरूआत! आलाकमान से जुड़े सूत्रों ने दिए दो टूक संकेत

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच नए संबंधों या समीकरणों की शुरूआत हो चुकी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आलाकमान के कहने पर सीएम गहलोत ने पायलट की सभी बड़ी मांगों को पूरा कर दिया है. इसी के तहत पायलट का सरकारी बंगला खाली नहीं करवाया गया है. अन्यथा मंत्री न रहने के कारण पायलट को यह बंगला खाली करना था. वहीं पायलट की सिक्योरिटी वापस नहीं लिए जाने की मांग भी पूरी की. इसके साथ ही पायलट के कहने पर विधानसभा में उनका 'सीटिंग अरेंजमेंट' भी बदला गया. इन सबके अलावा पायलट के मीडिया एडवाइजर लोकेन्द्र पर दर्ज हुए मुकदमे को भी सीएम गहलोत ने बंद करवाया है. 

पायलट भी कर चुके गहलोत सरकार के कामकाज की तारीफ:
पिछले दिनों कोरोना पीड़ित पायलट का हाल-चाल पूछने के लिए भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फोन किया था, और इस बारे में अपनी चिंता जताई थी. अलबत्ता कई अवसरों पर खुद पायलट भी गहलोत सरकार के कामकाज की तारीफ कर चुके. अब पीसीसी पुनर्गठन, राजनीतिक नियुक्तियों और मंत्रिमंडल विस्तार में भी बाकायदा पायलट के लोगों को जगह मिलेगी. 

अभी तीन साल और 2023 के चुनाव तक सीएम रहेंगे गहलोत:
इस समूचे प्रकरण के बारे में आलाकमान से जुड़े सूत्रों ने दो टूक संकेत देते हुए कहा कि अभी तीन साल और 2023 के चुनाव तक अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री रहेंगे और दिल्ली में पायलट को संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी. पायलट कैम्प की घर वापसी के समय प्रियंका गांधी ने पायलट को जो आश्वासन दिये थे वो सभी आश्वासन गहलोत पूरे कर चुके हैं. पायलट का मान सम्मान, गरीमा और मर्यादा बनाए रखने के दिए गए आश्वासन पूरे हो चुके हैं. इस प्रकार गहलोत के लचीलेपन और सदाशयता के बाद अब गहलोत और पायलट के बीच नए संबंधों की शुरूआत हो रही है. 


 

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