VIDEO: गहलोत सरकार में जारी हैं सियासी नियुक्तियां, बीते चुनावों में परास्त हुए नेताओं को मिलेंगे पद !

VIDEO: गहलोत सरकार में जारी हैं सियासी नियुक्तियां, बीते चुनावों में परास्त हुए नेताओं को मिलेंगे पद !

जयपुर: अभी तक संशय के बादल मंडरा रहे थे कि कांग्रेस में बीता लोकसभा और विधानसभा चुनाव हार चुके नेताओं को क्या राजनीतिक नियुक्ति मिलेगी? विद्याधर नगर से विधानसभा का चुनाव हार चुके सीताराम अग्रवाल को जैसे ही सरकार ने राजनीति पद दिया, वैसे ही अन्य नेताओं के चेहरे खिले उठे, बीते चुनाव में पराजित हुए नेताओं को लगने लगा है कि काले बादल छट गए. इन नेताओं को उम्मीद जगी है कि उन्हें भी राजनीतिक नियुक्तियों में तरजीह मिलेगी. 

बीते विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पराजित नेताओं के लिए अच्छी खबर है. अब गहलोत सरकार ने पराजित नेताओं को सियासी नियुक्ति देना शुरू कर दिया है. सीताराम अग्रवाल को रीको में राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट काउंसलिंग लिमिटेड में स्वतंत्र निदेशक के पद पर नियुक्ति मिली है. सीएम गहलोत के विश्वस्त और जोधपुर के कांग्रेस नेता सुनील परिहार को भी नियुक्ति मिली है. लेकिन अहम है बीता विधानसभा का चुनाव विद्याधर नगर से हार चुके सीताराम अग्रवाल को मिलने वाली राजनीतिक नियुक्ति. अब उन पराजित नेताओं के लिए राह खुली है जिन्हें राजनीतिक नियुक्ति की पूरी उम्मीद हैं.

-- लोकसभा चुनाव में 25बड़े चेहरे चुनाव हार गये थे
-- इन्होंने मोदी लहर को बड़ा कारण बताया था
-- मोदी लहर के तर्क को खारिज भी नहीं किया जा सकता
-- पूरे देश में ही बड़े बड़े नेता चुनाव हार गये थे, अमेठी से राहुल गांधी तक परास्त हो गये थे
-- विधानसभा चुनाव में कुछ दिग्गज बेहद कम अंतर से चुनाव हार गये थे 
-- करीब 1 दर्जन ऐसे नाम है जो चुनाव भले ही हार गये थे लेकिन यह बड़े चेहरे कहे जाते हैं 
-- भंवर जितेंद्र सिंह, नमोनारायण मीना, रघुवीर सिंह मीना, रतन देवासी, बद्री जाखड़, सुभाष महरिया, गोपाल सिंह इडवा, भरतराम मेघवाल, ताराचंद भगौरा, ज्योति खंडेलवाल ऐसे ही चर्चित नाम है जो लोकसभा चुनाव हार गये थे 
-- कमोबेश यहीं हाल विधानसभा चुनाव हारे कई प्रमुख नेताओं का भी है इनमें प्रमुख है रामेश्वर डूडी, गिरिजा व्यास, सुरेन्द्र जाडावत, अर्चना शर्मा, राम गोपाल बैरवा सरीखे चर्चित नाम है. 

अब सवाल यह है कि सीएम अशोक गहलोत किस तरह से पराजित नेताओं को नियुक्तियां देंगे. माना यही जा रहा है कि उन्हें नियुक्तियां देंगे जो समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं, जिनकी कांग्रेस पार्टी के प्रति निष्ठा रही है, गुटबाजी से परे जिन्होंने कांग्रेस की सच्ची सेवा की, अनुभवी और कर्मठ चेहरों को प्राथमिकता मिलेगी, उप चुनावों में सफलतापूर्वक टास्क निभाने वाले चेहरों को वरियता मिलेगी. अभी भी किसान आयोग, हाउसिंग बोर्ड, आर टी डी सी, बीज निगम, एससी आयोग, एस टी आयोग, महिला आयोग, हज हाउस, देवनारायण बोर्ड, खादी आयोग, देवस्थान बोर्ड, खादी बोर्ड, अकादमी, केशकला बोर्ड, हिन्दी अकादमी, यूथ बोर्ड, क्रीडा परिषद, विप्र बोर्ड, माटी कला बोर्ड समेत विभिन्न यू आ टी में नियुक्तियां होनी है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रद्युम्न सिंह को राज्य वित्त आयोग की कमान देकर मुख्यमंत्री गहलोत ने यह भी संदेश दिया है कि वरिष्ठ नेताओं को तवज्जो मिलेगी.

...फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट
 

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