जयपुर Rajasthan By Election: कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची से उपजी सियासत, कई बड़े चेहरों को किया नजरअंदाज!

Rajasthan By Election: कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची से उपजी सियासत, कई बड़े चेहरों को किया नजरअंदाज!

जयपुर: विधानसभा उप चुनाव के लिए कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की सूची की सियासी हलकों में चर्चा है. गुटों के समन्वय का तो प्रयास किया गया लेकिन कई अहम पहलू शायद नजरअंदाज कर दिए गए. अग्रिम संगठन के प्रदेश अध्यक्षों को तरजीह नहीं मिली. कई दिग्गज रह गए और नए चेहरों ने जगह बना ली. 

कांग्रेस के चुनावी स्टार प्रचारक घोषित हो गए. पहली बार अग्रिम संगठनों के अध्यक्षों को नहीं मिली जगह. प्रदेश कांग्रेस के अग्रिम संगठनों एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश घोघरा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रेहाना रियाज़ और कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश मुख्य संगठक हेम सिंह शेखावत को विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए जारी होने वाले स्टाफ प्रचारकों की सूची में हमेशा से शामिल किया जाता रहा है लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है कि जब चारों अग्रिम संगठनों के अध्यक्षों को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं किया. यह अलग बात है कि गणेश घोघरा, हेमसिंह शेखावत जिम्मेदारी संभाल रहे है. 30 स्टार प्रचारकों की सूची में भले ही सरकार के एक दर्जन मंत्रियों और विधायकों को शामिल किया गया हो, लेकिन जनजाति विकास मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया का नाम नहीं है. मेवाड़ वागड़ के बड़े आदिवासी नेताओं में आता है बामनिया का नाम. यह अलग बात है कि रघुवीर सिंह मीणा और महेंद्र जीत सिंह मालवीय का नाम नहीं है. बामनिया ने राजसमन्द में नामांकन से जुड़ी चुनावी सभा को संबोधित भी किया था. 

स्टार प्रचारकों की सूची में बड़े चेहरों की अनदेखी को लेकर भी चर्चाएं:
स्टार प्रचारकों की सूची में बड़े चेहरों की अनदेखी को लेकर भी चर्चाएं है. वैसे ही संसद में राजस्थान के कांग्रेस सांसद ऊंट के मुंह में जीरे के समान है इसके बावजूद राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को स्टार प्रचारक सूची में जगह नहीं मिल पाई जबकि उनकी गिनती बड़े दलित नेताओं में भी होती है. कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह, राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान, धीरज गुर्जर और कुलदीप इंदौरा को भी स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर रखा गया है. साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहन प्रकाश सूची में शामिल नहीं है, जबकि मोहन प्रकाश को पार्टी में कुशल वक्ता के तौर पर जाना जाता है. धीरज गुर्जर तो भीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े गुर्जर नेता है और चर्चित भी. वैसे तो इन दिनों वो प्रियंका गांधी के निर्देशों के तहत यूपी में जिम्मा संभाल रहे हैं. भंवर जितेंद्र सिंह आसाम में व्यस्त है. भीलवाड़ा के नेता रामपाल शर्मा का नाम भी सूची में शुमार नहीं है. 

पायलट कैंप के केवल दो लोगों को ही जगह मिल पाई:
कहा जा रहा है कि स्टार प्रचारकों की सूची में सचिन पायलट कैंप के केवल दो लोगों को ही जगह मिल पाई है, इनमें एक तो स्वयं पायलट का नाम है और दूसरा नाम पायलट समर्थक युवा विधायक मुकेश भाकर का नाम सूची में शामिल है. सूची में गहलोत गुट के पूरी तरह से हावी रहा है. स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल अधिकांश नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं. सबसे चौंकाने वाला नाम धर्मेंद्र राठौड़ का है. चूंकि धर्मेंद्र राठौर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है हालांकि राठौड़ सत्ता और संगठन में किसी पद पर नहीं है.

ये नाम हैं सूची में शामिल:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी अजय माकन, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, बीडी कल्ला, रघु शर्मा, लालचंद कटारिया, प्रमोद जैन भाया, हरीश चौधरी, उदयलाल आंजना, प्रताप सिंह खाचरियावास, भंवर सिंह भाटी, अशोक चांदना, ममता भूपेश और सालेह मोहम्मद शामिल हैं. वहीं विधायकों की बात करें तो जितेंद्र सिंह, नरेंद्र बुडानिया, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, गोविंदराम मेघवाल, रामलाल जाट, शकुंतला रावत, जगदीश जांगिड़, कृष्णा पूनिया, सुदर्शन सिंह रावत और मुकेश भाकर, रघुवीर सिंह मीणा, नसीम अख्तर, धर्मेंद्र राठौड़ और पुष्पेंद्र भारद्वाज. 

दिल्ली से कोई बड़ा चेहरा प्रचार करते हुए नजर नहीं आएगा:
स्टार प्रचारक की सूची से यह भी साफ हो गया है कि तीन उप चुनावों में दिल्ली से कोई बड़ा चेहरा प्रचार करते हुए नजर नहीं आएगा. केंद्रीय नेताओं में राज्य प्रभारी के बतौर अजय माकन की मौजूदगी रहेगी. फिलहाल जिन नेताओं को टास्क दिया गया है उनमें से अधिकांश पहले से ही चुनावी क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. सूची को लेकर सबसे अचरज भरी बात यहीं रही कि स्टार प्रचारक घोषित होने के घण्टों बाद तक पीसीसी को अधिकृत जानकारी नहीं थी. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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