जयपुर RAS officers Transfer List: गहलोत सरकार ने फिर बदले 27 RAS अधिकारी, पढ़िए पोस्टमार्टम रिपोर्ट

RAS officers Transfer List: गहलोत सरकार ने फिर बदले 27 RAS अधिकारी, पढ़िए पोस्टमार्टम रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में जारी गहलोत सरकार (Gehlot government) ने एक बार फिर ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने रविवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 27 राजस्थान प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले (RAS officers transferred) किए हैं. देर रात कार्मिक विभाग ने तबादला सूची जारी की है. सूची में करीब 3 माह बाद विवेक कुमार का पूर्व तबादला बदला गया है. 

उनका कुछ प्रतिनिधियों की सिफारिश पर 26 अप्रैल को तबादला हुआ था. उनका तबादला चूरू जिला परिषद सीईओ पद पर हुआ था. जबकि वे 11 फरवरी 2013 से 13 अक्टूबर 2014 तक इसी पद पर रह चुके. ऐसे में 8 साल में उनकी सीनियरिटी के मद्देनजर पोस्ट देना लाजिम माना गया और आखिरकार करीब 3 माह बाद उनका तबादला करना पड़ा. अब उन्हें समाज कल्याण बोर्ड सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है. इस दौरान प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें CEO चूरू लगाने की सिफारिश भी वापस ले ली. वहीं हेमंत स्वरूप माथुर का भी तबादला किया गया लेकिन उन्हें अजमेर में ही रखा गया है. वे अजमेर में डीएसओ पद पर थे अब जिला परिषद सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे.

27 आरएएस के तबादलों में इस बार विभागों में डीएस, अतिरिक्त निदेशक और सचिव स्तर के अहम पद भरे गए हैं.  विवेक कुमार को जयपुर में समाज कल्याण बोर्ड का सचिव लगाया गया है तो रजनी सिंह की जमगह हेमाराम याददव को अल्पसंख्यक आयोग में सचिव लगाया गया है. आकाश रंजन को प्रारंभिक शिक्षा से शिक्षा ग्रुप 6 में डीएस लगाया गया है. मोहम्मद सलीम खान पर्यटन विभाग में तो श्याम सिंह शेखावत बाल अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक लगाया गया है. वहीं शेखावटी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के रिक्त पद पर राजवीर सिंह चौधरी को लगाया है. रतन लाल योगी देवस्थान विभाग में सहायक आयुक्त बने हैं. 

एपीओ आकाश तोमर को भी पोस्टिंग दी गई:
वहीं एपीओ आकाश तोमर को भी पोस्टिंग दी गई है. तोमर पूर्व में परिवहन विभाग में अतिरिक्त आयुक्त (प्रवर्तन) के पद पर तैनात थे. उन्हें त्रुटिपूर्ण आदेश जारी करने में प्रथम दृष्या दोषी मानते हुए 2 मई 2022 को देर शाम निलंबित किया गया था. ठीक 1 माह बाद 2 जून को बहाल करके उन्हें एपीओ कर दिया गया था. एक महीने और 22 दिन बाद अब उन्हें पोस्टिंग देते हुए मंत्री बृजेंद्र ओला का विशिष्ट सहायक बनाया गया है. तोमर के हस्ताक्षर से सभी प्रादेशिक व जिला परिवहन अधिकारियों के लिए एक आदेश जारी हुआ था. 

चांदना ने भी इसमें गुर्जर शब्द लिखे होने पर आपत्ति जताई थी:
इसमें उन्होंने बताया कि प्रदेश में अनेक वाहनों की नंबर प्लेट पर प्रधान, सरपंच व गुर्जर लिखा होता है. साथ ही केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 90 के नियम 50 व 51 का हवाला देते हुए कहा था कि नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर के अतिरिक्त कुछ लिखा हो तो नियमानुसार इस तरह के वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए. तोमर की ओर से जारी आदेश कुछ ही देर में संशोधित करते हुए उसमें से गुर्जर शब्द हटा दिया. लेकिन यह आदेश वायरल होने के बाद इससे सरकार की छवि गलत करने के रूप में देखा गया. वहीं मंत्री अशोक चांदना ने भी इसमें गुर्जर शब्द लिखे होने पर आपत्ति जताई थी. 

प्रशासन शहरों के संग अभियान में लक्ष्य अनुसार धीमी प्रगति को लेकर सरकार की गंभीरता झलकी: 
तबादला सूची में प्रशासन शहरों के संग अभियान में लक्ष्य अनुसार धीमी प्रगति को लेकर सरकार की गंभीरता झलकी है. भरतपुर में एडीएम के अहम पद पर सुरेश कुमार यादव को लगाना इसी कड़ी में देखा जा रहा है. तो जेडीए जोधपुर में रवींद्र कुमार का तबादला भी इसी परिप्रेक्ष्य में माना जा रहा है.  सांगानेर, जयपुर द्वितीय में एकता काबरा का एसडीओ पद पर तबादला व उनके सहित 11 एसडीओ का इधर-उधर होना और एपीओ मणिलाल तीरगर की जैसलमेर में सहायक आयुक्त उपनिवेशन में पोस्टिंग को भी इससे जोड़ा जा रहा है.  तो वहीं जयपुर ग्रेटर नगर निगम आयुक्त पद से संतोष गोयल का तबादला निरस्त करने का आशय भी इसी रूप में लिया जा रहा है. 

पट्टा वितरण से जुड़े कामों के पदों का  तबादलों में ध्यान रखा गया: 
शहरी निकायों के प्रमुख पदों या पट्टा वितरण से जुड़े कामों के पदों का  तबादलों में ध्यान रखा गया है. जयपुर में भू प्रबंध के अतिरिक्त आयुक्त के रिक्त पद पर रजनी सिंह को लगाया गया है. जोधपुर में अनिल कुमार पुनिया के तबादले के जरिए भू प्रबंध अधिकारी के रिक्त पद को भरा गया है. अनिल जेडीए जोधपुर में संभाल रहे थे विशेषाधिकार भूमि के पद का जिम्मा. 

जनप्रतिनिधियों की राय पर किये गए ज्यादातर तबादले: 
ज्यादातर तबादले जनप्रतिनिधियों की राय पर किये गए हैं. प्रशासन शहरों के संग अभियान में प्रदर्शन का भी तबादलों में क्राइटेरिया रहा है. तो वहीं पूर्व के तबादलों में संशोधन की भी इसके जरिये कोशिश हुई. खास तौर पर मुख्य प्रशासनिक फील्ड को भरने या चुस्त-दुरुस्त करने का ध्यान रखा गया. तबादलों के जरिये प्रशासन और अन्य अहम रिक्त पदों को भरा गया. 

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