Rajasthan: कोरोना गाइडलाइन पालना की शर्त के साथ खुले धार्मिक स्थल, जानिए कहां-कहां मिला भक्तों को दर्शन लाभ

Rajasthan: कोरोना गाइडलाइन पालना की शर्त के साथ खुले धार्मिक स्थल, जानिए कहां-कहां मिला भक्तों को दर्शन लाभ

Rajasthan: कोरोना गाइडलाइन पालना की शर्त के साथ खुले धार्मिक स्थल, जानिए कहां-कहां मिला भक्तों को दर्शन लाभ

जयपुर: प्रदेश में आज सुबह 5 बजे से कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर गृह विभाग की अनलॉक-3 की नई गाइडलाइन लागू हो गई है. इसके तहत आज से प्रदेश के धार्मिक स्थल खुल गए हैं. सभी धार्मिक स्थलों को शाम चार बजे तक खोल जाएंगे. बता दें कि विश्व प्रसिद्ध पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर और सांवरिया से सेठ के द्वार आज से खुल गए हैं.  पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर में सुबह की आरती की गई. दर्शन करने आए श्रद्धालुओं ने कहा कि आज 5 बजे से मंदिर के द्वार खुले हैं, हम सुबह 4:45 बजे से यहां लाइन में लग गए थे. दर्शन करने के बाद हमें बहुत आनंद मिला है. 

श्रद्धालु आज सुबह अजमेर शरीफ दरगाह पर नमाज अदा करने पहुंचे: 
वहीं राज्य सरकार द्वारा आज से धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने की अनुमति मिलने के बाद श्रद्धालु आज सुबह अजमेर शरीफ दरगाह पर नमाज अदा करने पहुंचे. ख़्वाजा साहब की दरगाह भले ही एक बार फिर से खुल गई हो लेकिन अब इसमें कई सारे आपको बदलाव देखने को मिलेंगे जैसे कि दरगाह पर अब आप फूल, चादर और बाकि चीजें नहीं चढ़ा पाएंगे. इसके अलावा सोशल डिस्टेसिंग (Social distancing) का पालन पूरी तरह से करना है. साथ ही सेनिटाइजेशन मशीन की अलग से व्यवस्था की गई है. वहीं, दरगाह में बिना मास्क के आने नहीं दिया जाएगा.

राजधानी जयपुर में भी खुले मंदिर:
वहीं राजधानी जयपुर में भी कोरोना गाइडलाइन की पालना के साथ भक्तों ने गोविंद देवजी मंदिर में नगर आराध्य के दर्शन किए. इसके अलावा मोती डूंगरी गणेश जी, खोले के हनुमान जी सहित अन्य मंदिरों में भी भक्तों को दर्शन लाभ मिला. इसके साथ ही जैन समाज का अतिशय क्षेत्र तीर्थ बाड़ा पदमपुरा भी भक्तों के लिए खुल गया है. 

इन मंदिर में दर्शनों के लिए अभी भक्तों को करना होगा इंतजार:
आपको बता दें कि प्रदेश के कई बड़े मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों अभी भी इंतजार करने पड़ेगा. इसमें खाटूश्याम जी, जीणमाता, सालासर बालाजी, मेंहदीपुर बालाजी और ऋषभदेव का मंदिर शामिल है. ऋषभव देव मंदिर 31 जुलाई तक बंद रहेगा. जबकि सालासर बालाजी मंदिर प्रशासन के साथ बेठक व कमेटी के निरीक्षण के बाद 1 जुलाई से खुल सकता है. वहीं शाटूश्यमाजी, जीणमाता और शाकंभरी मंदिर खोलने का फैसला प्रशासन व मंदिर प्रबंधन की मीटिंग के बाद ही होगा. 


 

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