जयपुर जयपुर में दांडी यात्रा की स्मृति में शांति यात्रा, CM गहलोत बोले- आज देश में हिंसा का माहौल, हमें गांधीजी के मार्गों पर चलना चाहिए

जयपुर में दांडी यात्रा की स्मृति में शांति यात्रा, CM गहलोत बोले- आज देश में हिंसा का माहौल, हमें गांधीजी के मार्गों पर चलना चाहिए

जयपुर: दांडी मार्च की 92वीं वर्षगांठ पर आज जयपुर में खादी बोर्ड, JLN मार्ग से गांधी सर्किल तक शांति यात्रा निकाली गई. शांति यात्रा में हिस्सा लेने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, सीएम सलाहकार निरंजन आर्य, बृजकिशोर शर्मा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और युवा मौजूद रहे. इस दौरान सीएम गहलोत ने गांधीजी की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित की. 

इस दौरान अपने संबोधन में सीएम गहलोत ने कहा कि आज दुनिया में जगह जगह संदेश चल रहे हैं. ऐसे समय में गांधी के संदेशों को अपनाने की जरूरत है. युवा वर्ग को गांधी के आदर्शों को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि गांधी जी के नेतृत्व में दांडी मार्च कर अंग्रेजों को संदेश दिया गया था. गांधी भले ही हमारे बीच में नहीं लेकिन उनका संदेश हमारे दिलों दिमाग में है. दुनिया का हर देश शांति दिवस मनाता है. हम भले ही आज डेढ़ किमी पैदल चले लेकिन हमने संदेश पूरे प्रदेश देश को दिया है. 

आज देश में इतिहास को अलग रूप से पेश किया जा रहा:
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आज देश के कई हिस्सों में आतंकवाद छाया हुआ है. कई मुल्कों में हिंसा तनाव का माहौल है. ऐसे समय में गांधी के संदेशों को याद करना बहुत जरूरी है. आजादी के लिए लोगों ने फांसी खाई, जेलों में बंद रहे. जवाहरलाल नेहरू 10-12 साल जेल में बंद रहे. ऐसे में जो इतिहास को याद नहीं करता ऐसे लोग कभी इतिहास नहीं बना सकते. आज देश में इतिहास को अलग रूप से पेश किया जा रहा है. जिनका गांधी के संदेशों में विश्वास नहीं है उनसे मुझे शिकायत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जो सिर्फ गांधी और पटेल का नाम लेकर राजनीति करना चाहते हैं उनकी कथनी, करनी में अंतर हैं. आज देश में धर्म के नाम पर ध्रुवीकरण किया जा रहा हैं. 

रूस और यूक्रेन में चल रहा युद्ध कोई शुभ संकेत नहीं: 
सीएम गहलोत ने कहा कि अपने धर्म के साथ-साथ दूसरे धर्म का भी सम्मान करो. अगर हिंसा व तनाव का माहौल बनाया जाता तो वह देश कभी प्रगति नहीं कर सकता. इंदिरा गांधी का किसी से खेत का झगड़ा नहीं था लेकिन उन्होंने खालिस्तान नहीं बनने दिया और अपनी आहुति दे दी. उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन में चल रहा युद्ध कोई शुभ संकेत नहीं है. इस युद्ध में कितने लोग मारे जा रहे होंगे किसी को नहीं मालूम. दुनिया के किसी भी हिस्से में कभी युद्ध होगा तो हम उसका समर्थन नहीं करेंगे. विनोबा भावे ने जय जगत की बात की थी. 

राजस्थान सरकार ने शांति व अहिंसा निदेशालय बनाया:
इससे आगे बोलते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि मुझे शिकायत उन लोगों से जो करते कुछ है कहते कुछ,  हमें ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है. ये लोग चतुराई से अपनी बात कह कर राजनीति करते हैं. राजस्थान सरकार ने शांति व अहिंसा निदेशालय बनाया है. ऐसा काम करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य हैं.  मैं चाहता हूं कि देश का हर राज्य ऐसा निदेशालय बनाएं. इसके साथ ही उन्होंने नौजवानों को कम से कम एक बार गांधी की जीवनी पढ़ने की भी अपील की. 

खाचरियावास ने कहा- इस देश का धर्म हिंदुस्तान का तिरंगा 
वहीं मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने अपने संबोधन में कहा कि इस देश में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं. लेकिन इस देश का धर्म हिंदुस्तान का तिरंगा है. विदेश में जब कोई विदेशी किसी हिंदुस्तानी से पूछा जाता है क्या गांधी के देश से आए हो? तो यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने देश का नंबर वन बजट दिया है. वहीं शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि आज CM गहलोत ने शांति यात्रा निकाली है. उन्होंने कहा कि जब भी दो महाशक्तियों में विवाद होगा तो दुनिया खत्म हो जाएगी. ऐसे में गांधी का संदेश दुनिया को एक व शांत रख सकता है. कल्ला ने सोनिया व राहुल गांधी का भी नाम लिया. इसके साथ ही विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी ने कहा था कि हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपए आएंगे, क्या किसी के खाते में एक भी पैसा आया ?  

इस दिन अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से नमक सत्याग्रह के लिये दांडी यात्रा शुरू की थी:

आपको बता दें कि इतिहास में 12 मार्च की तारीख में दर्ज प्रमुख घटनाओं में 1930 में शुरू हुआ 'दांडी मार्च' भी शामिल है. इसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का अहम पड़ाव माना जाता है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इस दिन अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से नमक सत्याग्रह के लिये दांडी यात्रा शुरू की थी. इस मार्च के जरिए बापू ने अंग्रेजों के बनाए नमक कानून को तोड़कर उस सत्ता को चुनौती दी थी. जिसके बारे में कहा जाता था कि उसके साम्राज्य में कभी सूरज नहीं डूबता है. 

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