कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश भर में नियुक्त होंगे कोविड हेल्थ कंसलटेंट-कोविड स्वास्थ्य सहायक

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश भर में नियुक्त होंगे कोविड हेल्थ कंसलटेंट-कोविड स्वास्थ्य सहायक

कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए राज्य सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेश भर में नियुक्त होंगे कोविड हेल्थ कंसलटेंट-कोविड स्वास्थ्य सहायक

जयपुर: प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना (Coronavirus) संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर "मेडिकॉज" को नौकरी का तोहफा दिया है. सीएम गहलोत के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है. इसके तहत प्रदेशभर में एक हजार से अधिक कोविड हेल्थ कंसलटेंट (covid consultant) और कोविड स्वास्थ्य सहायक (covid helper) की नियुक्ति होगी. इन मेडिकॉज का चयन उसी तरह से होगा जैसे नागरिक सुरक्षा विभाग जिला स्तर पर स्वयंसेवकों का किया जाता है. 

प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है. हालांकि, दूसरी लहर के केस कुछ कम होने लगे है, लेकिन अभी भी ग्रामीण इलाकों में संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में पिछले दिनों सीएम गहलोत ने समीक्षा बैठक में संक्रमण की रोकथाम और संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए मेडिकल स्टॉफ की कमी को पूरा करने के निर्देश दिए थे. आदेशों की पालना में चिकित्सा विभाग ने पहली बार 'कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट" के रूप में चिकित्सक और "कोविड स्वास्थ्य सहायकों" के रूप में नर्सेज की नियुक्ति के आदेश जारी किए है. इनकी कोरोना मरीजों को चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने, मृत्यु दर को न्यूनतम किए जाने के लिए घर-घर सर्वे और दवाई वितरण के कार्य को गति देने की जिम्मेदारी रहेगी. 'कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट' और "कोविड स्वास्थ्य सहायकों" को 31 जुलाई 2021 तक नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा चयन या मनोनयन करने के निर्देश दिए हैं.

- रजिस्टर्ड चिकित्सक-नर्सेज को ही मिलेगी जिम्मेदारी
- प्रदेश भर में नियुक्त होंगे कोविड हेल्थ कंसलटेंट-कोविड स्वास्थ्य सहायक
- चिकित्सा विभाग के प्रमुख चिकित्सा सचिव अखिल अरोड़ा ने दी जानकारी
- उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1 हजार कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट नियोजित किए जाएंगे
- कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट के लिए न्यूनतम योग्यता एमबीबीएस एवं
- कोविड स्वास्थ्य सहायक के लिए न्यूनतम योग्यता नर्स ग्रेड द्वितीय या GNM रखी गई है
- दोनों की श्रेणियों में उन्हीं का चयन होगा, जो राजस्थान में रजिस्टर्ड होंगे
- कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट को मासिक मानदेय 39300 रुपए और
- कोविड स्वास्थ्य सहायक को मासिक मानदेय 7900 रुपए प्रतिमाह देय होगा

अरोड़ा ने बताया कि कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट की सेवाएं कोविड कन्सलटेन्ट सेंटर तथा घर-घर सर्वे कार्य को गति देने तथा पर्यवेक्षण के लिए ली जाएगी. उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक, पीएचसी पर 2 और सीएचसी पर 3 कोविड स्वास्थ्य सहायकों को नियोजित किया जाएगा. 

- कोरोना संक्रमण रोकने के लिए हर वार्ड में लगेंगे कोविड स्वास्थ्य सहायक
- चिकित्सा विभाग के प्रमुख चिकित्सा सचिव अखिल अरोड़ा ने दी जानकारी
- शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति वार्ड दो कोविड स्वास्थ्य सहायकों का नियोजन होगा
- इन्हें जिला चिकित्सालय, कोविड केयर सेंटर, ऑक्सीजन मॉनीटर और
- कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए फील्ड में जिम्मेदारी दी जाएगी
- कोविड स्वास्थ्य सहायको का नियोजन संबंधित सीएचसी या पीएचसी एवं
- ग्राम पंचायतों में जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति की गंभीरता के आधार पर किया जाएगा

कोविड हैल्थ कन्सलटेन्ट और कोविड स्वास्थ्य सहायक के नियोजन के लिए प्रत्येक जिला, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में स्थानीय निवासी को प्राथमिकता दी जाएगी. इनके नियोजन के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें जिला कलक्टर या जिला कलक्टर द्वारा नामित अतिरिक्त जिला कलक्टर अध्यक्ष होंगे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सदस्य सचिव और उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) सदस्य होंगे. बकायदा नियोजन के लिए गाइडलाइन भी जारी की गई है, ताकि भर्ती को लेकर किसी भी तरह को कोई विवाद न हो. 

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