स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों के लिए होगा मोबाइल एप, 850 रुपये की राशि जमा कराने पर मिलेगा लाभ - डॉ. रघु शर्मा

स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों के लिए होगा मोबाइल एप, 850 रुपये की राशि जमा कराने पर मिलेगा लाभ - डॉ. रघु शर्मा

स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थियों के लिए होगा मोबाइल एप, 850 रुपये की राशि जमा कराने पर मिलेगा लाभ - डॉ. रघु शर्मा

जयपुर: विधानसभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने मंगलवार को कहा कि आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्राप्त करने वाले लोगों की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा एक मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि व्यक्ति इस एप अथवा ई मित्र के माध्यम से 850 रुपये की हिस्सा राशि जमा कराकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है.  

चिकित्सा मंत्री प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि बजट घोषणा वर्ष 2021-22 के अनुसार आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के एनएफएसए एवं एसईसीसी परिवारों के साथ-साथ समस्त संविदा कर्मियों, लघु एवं सीमान्त कृषकों को निःशुल्क तथा अन्य परिवारों को बीमा प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि लगभग 850 रुपये वार्षिक खर्च पर संबंद्ध सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज का लाभ मिल सकेगा.

इससे पहले विधायक रफीक खान के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में डॉ. शर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना के नवीन चरण में पूर्व में चयनित आयुष्मान भारत के परिवार (सामाजिक, आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना (एसईसीसी-2011) के पात्र परिवार) एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में चयनित परिवार लाभार्थी है.

सरकार राज्य यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज योजना लागू करने जा रही: 
डॉ.शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा वर्ष 2021-22 के अनुसार सरकार राज्य के प्रत्येक परिवार को 5 लाख की चिकित्सा बीमा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज योजना लागू करने जा रही है. इसमें सामाजिक, आर्थिक एवं जाति आधारित जनगणना एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र परिवारों के साथ-साथ समस्त संविदा कर्मियों, लघु एवं सीमान्त कृषकों को निःशुल्क तथा अन्य परिवारों को बीमा प्रीमियम की 50 प्रतिशत राशि पर (अर्थात लगभग 850 रुपये वार्षिक खर्च पर) संबंद्ध सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस वार्षिक चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी. 

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