मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को अमल में लाने का काम शुरू, प्रदेशभर में टूटी सड़कों की होगी मरम्मत

मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं को अमल में लाने का काम शुरू, प्रदेशभर में टूटी सड़कों की होगी मरम्मत

जयपुर: मुख्यमंत्री की अशोक गहलोत की बजट घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए संबंधित विभागों ने कवायद शुरू कर दी है. इसी के तहत स्वायत शासन विभाग भी सक्रिय हो गया है.

प्रदेश के शहर वासियों को टूटी फूटी और बदहाल सड़कों से निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अगले वित्तीय वर्ष के बजट भाषण में महत्वपूर्ण घोषणा की थी. इसके तहत शहरों की प्रमुख क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त किया जाना है. इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1000 करोड़ रुपए के एक विशेष फंड के गठन की घोषणा की थी और यह कहा था कि सड़कों की मरम्मत का काम सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से कराया जाएगा. सड़कों की मरम्मत के लिए विशेष फंड गठित करने और इसकी जिम्मेदारी सार्वजनिक निर्माण विभाग को देने के पीछे बड़ा कारण प्रदेश के अधिकतर शहरी निकायों की कमजोर आर्थिक स्थिति है. शहरों की प्रमुख सड़कों के मरम्मत कार्य को चिन्हित करने के लिए स्वायत शासन विभाग ने जिलेवार कमेटियों का गठन किया है. आपको बताते हैं इस कमेटी में कौन होंगे और किस प्रकार सड़क मरम्मत के कार्य चिन्हित किए जाएंगे.

- प्रमुख सड़कों के मरम्मत कार्य को चिन्हित करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है. 
- इस कमेटी में संबंधित निकाय के आयुक्त या अधिशासी अधिकारी सदस्य सचिव होंगे. 
- इसके अलावा पीडब्ल्यूडी के संबंधित अधीक्षण अभियंता को कमेटी में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है. 
- यह कमेटी नगर निगम में 40 किलोमीटर, नगर परिषद में 30 किलोमीटर और नगरपालिका में 20 किलोमीटर लंबाई में मुख्य सड़कों के मेजर रिपेयर कार्य चिन्हित करेगी.  
- मरम्मत के लिए उन्हीं सड़कों को चिन्हित किया जाएगा जो डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड में शामिल नहीं है और जिन में सिवरेज एवं पेयजल योजना हेतु पाइप लाइन डालने का कार्य स्वीकृत नहीं है.  
- कमेटी को 7 दिन में मरम्मत कार्यों का चयन कर रिपोर्ट स्वायत शासन विभाग को भिजवानी होगी.  
- इस रिपोर्ट में सड़क का नाम उसकी लंबाई और मरम्मत किए जाने वाला क्षेत्रफल साथ ही कार्य में खर्च होने वाली अनुमानित लागत भी बतानी होगी.  

भले ही सड़कों के सुधार का यह कार्य शहरी निकायों के क्षेत्र में किया जाएगा. लेकिन यह कार्य करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के अनुरूप सार्वजनिक निर्माण विभाग को दी जाएगी. काफी लंबे समय बाद विभाग शहरी क्षेत्र में सड़कों के रिपेयर का काम करेगा.
 

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