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Rajasthan Political Crisis: बीजेपी को सचिन पायलट के खुले तौर पर फैसला लेने का इंतजार, बनाई रणनीति

जयपुर: वर्तमान के तमाम राजनीतिक घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी को इंतजार है कि सचिन पायलट खुले तौर पर क्या फैसला लेते हैं. उसके बाद भारतीय जनता पार्टी अपना मंतव्य साफ करेंगी. पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई रणनीति बनाई है. 

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हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती:
सचिन पायलट ने खुले तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर इंकार कर दिया है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने सचिन पायलट कैंप के 19 विधायकों को नोटिस दिए जाने के मामले पर कांग्रेस को फिर से आड़े हाथ लिया है. भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर का कहना है कि विधानसभा के अंदर ही व्हीप लागू होती है. हाउस के बाहर व्हीप लागू नहीं होती. सीपी जोशी समझदार है, उन्हें पता होना चाहिए कि संसदीय परंपराओं का उन लोगों ने अपमान किया है. फर्स्ट इंडिया न्यूज़ से खास बातचीत के दौरान ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि कोई भी विधायक दल की बैठक करें. उसमें कोई आए या ना आए. उस आधार पर नोटिस देना नियम प्रक्रियाओं में नहीं आता है. व्हीप का फैसला तब होता जब हाउस चल रहा हो. माथुर ने दलील दी कि बहुत से लोग उस बैठक में नहीं गए, उन्हें नोटिस नहीं दिया लेकिन 19 विधायकों को ही नोटिस दिया गया.

कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए:
सचिन को मनाने की कोशिश की जा रही थी. जब सचिन इतना खुलकर बाहर आ चुके तो इतना मनाने की जरूरत क्या है? कांग्रेस को डर है कि कहीं फ्लोर टेस्ट में फेल ना हो जाए. सचिन ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मिलने की कोशिश की थी. नहीं मिल पाए तब जाकर यह नौबत आई. जिन विधायकों को नोटिस दिया गया है, उन्हें कानूनी सलाह लेनी चाहिए. माथुर ने सचिन के बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर घुमा फिरा कर जवाब देते हुए कहा कि परेशानी है तो वह यहां आ सकते हैं. उनके घर का कलह है एक बड़ा वर्ग आना चाहता है. निर्णय सचिन को करना है. पहले वह निर्णय करें. कांग्रेस अपने घर को नहीं संभाल पाई. अब उन्हें मनाने का प्रयत्न कर रही है. 

यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली:
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने नोटिस के मामले पर कहा कि प्रतिपक्ष के नाते हमारी भूमिका क्या हो, इस विषय पर हम लोग चर्चा कर रहे हैं. आज नहीं तो कल रूबरू होना है. लेकिन यह सरकार ज्यादा नहीं चलने वाली. कांग्रेस की पहली नैतिक हार है और तोहमत हम पर लगाई जा रही है. वर्तमान मौजूदा सरकार अल्पमत में है. बहुमत खो चुकी है. 107 में से 20 या 22 लोग सचिन के पास है. निर्दलीय बीटीपी और अन्य 13 में से तीन वापस चले गए. सौ का आंकड़ा भी इन लोगों के पास नहीं है. बीटीपी के विधायको के पीछे पुलिस पड़ी हुई है. नोटिस बेहद हास्यास्पद है. हमारा नोटिस से संबंध नहीं लेकिन लड़ाई लंबी चलेगी. एसओजी का भी काफी दिखाकर विधानसभा नोटिस देकर डरा रहे हैं. इन्हें डिश क्वालीफाई करने की प्लानिंग है. आगे कानूनी व संविधानिक रास्ते खुले हुए हैं. नियमानुसार नोटिस नहीं दिए गए. इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों की राय ली गई है. नियमों का अध्ययन करवाया गया है. फ्लोर टेस्ट की मांग को लेकर पूनिया ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई मांग नहीं है. 

विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं: 
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की दलील है कि विधान सभा सचिवालय का नोटिस भेजने का कोई क्षेत्राधिकार बनता ही नहीं है. पार्टी में बैठक में कौन आया कौन नहीं आया विधान सभा सचिवालय का यह क्षेत्र अधिकार नहीं है. व्हीप की श्रेणी में यह पूरा मामला आएगा ही नहीं. उन्होंने कहा कि जिस किसी राज्य में ऐसे नोटिस का प्रयोग किया गया वह कोर्ट में जाकर स्ट्रक डाउन हुआ. विधानसभा का तब अधिकार बनेगा जब विधानसभा चल रही हो. 

बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को:
सचिन पायलट के बीजेपी ज्वाइन करने के सवाल पर कटारिया ने कहा कि हमने नहीं कहा था कि आप बीजेपी ज्वाइन करो. इनका आपस में जो चल रहा है उसमें वर्टिकल डिवीजन हो चुका है. हम बात कर रहे हैं कि आज की सरकार को बहुमत है या नहीं बीजेपी का काम इतना ही है कि बीजेपी देख रही है सारे दृश्य को. इस दौरान कटारिया ने कहा कि जैसे ही सचिन पायलट की कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी कोई रिएक्शन आएगा तब हम मिलकर बैठकर बात करेंगे और वसुंधरा राजे भी बैठक में शामिल होंगी. फिलहाल नेता प्रतिपक्ष की तरफ से विधायक दल के सभी विधायकों को अलर्ट रहने के लिए सूचना भी भेज दी गई है जरूरत पड़ेगी तो उन्हें बुलाया जाएगा. 

राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी:  
वहीं दूसरी तरफ उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विधान सभा के सचिवालय ने जो भी नोटिस जारी किए हैं. वह संवैधानिक रूप से ना केवल अवैधानिक है बल्कि कानूनी प्रक्रिया को भी धता बताया गया है और यह नोटिस जारी कर दिए हैं. संसदीय प्रक्रियाओं में इस प्रकार के नोटिस उस कृत्य के लिए जारी करना जो सदन के अंदर हुआ ही नहीं यह इतिहास में पहली बार हुआ है. राजस्थान विधानसभा की गरिमा को ठेस लगी है ऐसे लगता है कि विधानसभा का सचिवालय सरकार की कठपुतली बन गया है. जबकि विधानसभा का सचिवालय हमेशा निर्विवाद और निष्पक्ष रहता आया है. यह घटना संसदीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाती है. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि अशोक गहलोत के तमाम बयान गुंडों से भरे हैं और अपनी पार्टी का गठन देखकर बहादुरी दिखाई जा रही है. 

जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही: 
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सचिन पायलट को अभी उप मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ के पद से हटाया गया है. लेकिन अभी तो उन्हें कांग्रेस से बाहर करने तक लड़ाई लड़ी जा रही है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ताजा बयान उसका स्पष्ट संकेत है. केंद्रीय मंत्री ने गहलोत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जनता सरकार की विदाई के दिन गिन रही है वो दिन कितने होंगे, ये तो आना वाला समय ही बताएगा. सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि समय आने दीजिए, वो भी हो जाएगा. इसमें किसी को कोई अंदेशा नहीं होना चाहिए. लेकिन, प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या के प्रयास हो रहे हैं. एक-एक आवाज को न मानने और विरोध की कीमत चुकानी पड़ रही है. वो हम सब देख रहे हैं. सचिन ने भी कहा है कि मेरा विरोध किसी व्यक्ति से नहीं है, मेरा आग्रह सिर्फ इतना है कि जनता से जो हमने वादे किए थे, वो पूरे होने चाहिए. अब उन वादों को याद दिलाने की सजा अगर ऐसी होती है तो विश्वास जनता का भी टूटा है, उनके अंदर के साथियों का भी टूटेगा. कुछ लोग शायद अंदर उस बाड़े में डरे हुए हो सकते हैं, क्योंकि ये विकास की नहीं, बाड़ेबंदी की सरकार है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डंडे के जोर से विधायकों को बांधकर रखा गया है. मुझे आश्चर्य हो रहा है कि इस 21वीं शताब्दी में विधायकों को जबर्दस्ती अगवा करके पुलिस के माध्यम से कैंप में डाला जा रहा है. इससे शर्मनाक शायद कुछ हो नहीं सकता है.

सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया:
मुख्यमंत्री के ताजा बयान पर कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या ये जानकारी का सूर्य आज ही उदय हुआ या ये सबूत जिनकी चर्चा की जा रही है, ये आज ही बाहर आए हैं. इतने दिन तक उन सबूतों को क्यों छिपाकर रखा गया. कौन-कौन और लोग इसमें लिप्त हैं. किन-किन लोगों के माध्यम से ये किया गया. इस सब की जानकारी आपको पहले से थी तो आपने पहले खुलासा क्यों नहीं किया. ये किसके साथ शेयर किया था, आपको अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए. 

अशोक गहलोत-अविनाश पांडे का बड़ा फैसला ! 19 बागी कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों में उपचुनाव कराने की तैयारियां शुरू 

19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं:
कुल मिलाकर एक बात लगभग तय मानी जा रही है कि आगामी दिनों में यह 19 विधायक उच्चतम न्यायालय की शरण में जा सकते हैं ऐसे में भारतीय जनता पार्टी भले ही खुलेआम स्वीकार नहीं करें लेकिन विधायकों को मोरल सपोर्ट अवश्य देगी. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

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गुजराती पर्यटकों के साथ जमकर मारपीट, पर्यटकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 3 पर्यटक हुए घायल

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आबूरोड: अंबाजी मार्ग पर स्थित एक होटल पर होटल संचालकों की ओर से पर्यटकों के साथ कुल्हाड़ी, सरिए आदि से जमकर मारपीट की गई. पर्यटकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. नतीजतन, पर्यटक घायल हो गए. उनके कपड़े फाड़ दिए गए. सूचना मिलने पर रीको पुलिस मौके पर पहुंची. घायलों को उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया. देर रात तक घायलों का चिकित्सालय उपचार जारी रहा.

गुजरात के पर्यटक देर रात को अंबाजी मार्ग पर स्थित होटल जय अंबे पर पहुंचे. जहां खाने व पानी की बोतल को लेकर होटल संचालक से विवाद हो गया. दोनों पक्षों में बड़ा विवाद मारपीट में बदल गया. होटल पर मौजूद लोगों ने कुल्हाड़ी व सरिए से पर्यटकों के साथ मारपीट शुरू कर दी. अचानक हुए हमले से पर्यटक बोखला गए. उन्होंने दौडक़र अपनी जान बचाई. लेकिन, हमलावर उनके पीछे भागते हुए मारपीट करते रहे.

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पर्यटकों के कपड़े फाड़ दिए गए. मारपीट से तीन पर्यटक घायल हो गए. पर्यटकों ने दौड़ कर अपनी जान बचाई. मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई. लोगों ने बीच-बचाव किया. साथ ही रीको पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची रीको पुलिस गुजरात के मेहसाणा के सलातना निवासी कुलदीपसिंह, भवानीसिंह व एक अन्य घायल को उपचार के लिए आकराभटटा स्थित राजकीय अस्पताल ले गई. जहां उनका उपचार करवाया गया. पुलिस के अनुसार होटल संचालक नारायणभाई को थाने ले जाया गया है. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए मनोज चौरसिया की रिपोर्ट

VIDEO: पवन बंसल बने कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अहमद पटेल के निधन से खाली हुई जगह को संभालेंगे

जयपुर: दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक मंत्रालय को संभाल चुके पवन कुमार बंसल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी ने उनके नाम का ऐलान किया. अहमद पटेल के निधन के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर कौन संभालेगा उनके स्थान को. कांग्रेस आलाकमान ने सबको अचंभित करते हुए बंसल को यह जिम्मा सौंपा है. मनमोहन सरकार में पवन बंसल देश के रेल मंत्री रह चुके हैं गांधी परिवार के भरोसेमंद और वफादार माने जाते हैं. चंडीगढ़ से सांसद रह चुके बंसल पर्दे के पीछे रहकर काम करने में यकीन रखते हैं.

बंसल को माना जाता है गांधी परिवार के विश्वस्त नेताओं में: 
पवन कुमार बंसल को आखिर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष क्यों बनाया गया. यह बड़ा सवाल है जो सियासी हलकों में घूम रहा है, लेकिन जो गांधी परिवार को जानते हैं वह कांग्रेस की इस तरह की पॉलिटिक्स को भलीभांति समझते भी है कि कैसे गांधी परिवार अचंभित करने वाले निर्णय लेता रहा है. बंसल को गांधी परिवार के विश्वस्त नेताओं में माना जाता है. केंद्रीय मंत्री रहते हुए एक बार जरूर उन पर लांछन लगा, लेकिन गांधी परिवार का उनके प्रति विश्वास कभी कम नहीं हुआ ना ही प्रश्नचिन्ह लगा. कोषाध्यक्ष पद को लेकर उनकी काबिलियत यूं परखी गई कि पवन कुमार बंसल मनमोहन सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं ,गुणा भाग कि उनको बखूबी जानकारी है फिलहाल वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय का प्रशासनिक कामकाज देख रहे थे. अब अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पद संभालेंगे.

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बंसल के लिए यह पद किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं:
मरहूम दिग्गज नेता अहमद पटेल के स्थान पर बड़ी जिम्मेदारी पवन कुमार बंसल को उठानी है. कांग्रेस के फंडरेजर के तौर पर उन्हें काम करना होगा. मनमोहन सरकार की दोनों कार्यकाल में कई महकमों को संभाल चुके पवन कुमार बंसल के लिए यह पद किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में ही कांग्रेस का राज है, दूसरी और बंगाल का चुनाव सामने है ,इसके बाद दक्षिण भारत के राज्य में चुनाव होने है. इन तमाम चुनाव को लेकर फंड मैनेजमेंट का बड़ा दायित्व पवन कुमार बंसल को उठाना होगा. ऐसा कहा जा रहा है कि उनके नाम को लेकर काफी चर्चा हुई. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने उनके नाम को लेकर रजामंदी जताई , साथ ही कांग्रेस के थिंक टैंक के प्रमुख नेताओं ने भी बंसल के नाम पर सहमति दी इसके बाद ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने और कुमार बंसल के नाम को आगे किया.

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद को लेकर कई नाम थे चर्चाओं में:
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद को लेकर कई नाम चर्चाओं में थे, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने पवन कुमार बंसल पर भरोसा जताया  बंसल का ताल्लुक वैश्य समुदाय से है और देश के नामचीन औद्योगिक घरानों से उनके मधुर संबंध है, केंद्रीय मंत्री पद पर रहते हुए उनकी नजदीकियां प्रमुख औद्योगिक घरानों से रही और समय-समय पर कांग्रेस के फंड को मजबूत करने में उनकी भूमिका भी रही है. अहमद पटेल की तरह बंसल एक बड़ा नाम नहीं है और ना ही अहमद पटेल जैसी राजनीतिक सूझबूझ रखते हैं , ना ही वो कांग्रेस की धुर पहली पंक्ति के नेता कहे जाते रहे है ,इसके बावजूद उन्होंने रेल मंत्रालय संभाला था और लो प्रोफाइल रहकर काम करना उनका शगल रहा है और अपना काम करने में यकीन रखते हैं.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

Covid-19: पीएम मोदी ने अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे जाकर कोरोना वायरस टीका विकास की समीक्षा की

 Covid-19: पीएम मोदी ने अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे जाकर कोरोना वायरस टीका विकास की समीक्षा की

अहमदाबाद/हैदराबाद/पुणे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के टीके के विकास कार्य की समीक्षा के लिए शनिवार को अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे का दौरा किया. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि दिन भर के दौरे का उद्देश्य नागरिकों के टीकाकरण में भारत के प्रयासों में आने वाली चुनौतियों, तैयारियों और रोडमैप जैसे पहलुओं की जानकारी हासिल करना था.

अहमदाबाद में जाइडस बायोटेक पार्क का किया दौरा:
मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत अहमदाबाद के नजदीक दवा कंपनी जाइडस कैडिला के संयंत्र के दौरे के साथ की. मोदी ने ट्वीट किया, अहमदाबाद में जाइडस बायोटेक पार्क का दौरा किया और जाइडस कैडिला द्वारा विकसित किये जा रहे डीएनए आधारित स्वदेशी टीके के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त की. मैंने इस कार्य में लगी टीम के प्रयासों के लिए उसकी सराहना की. भारत सरकार इस यात्रा में उनका सहयोग करने के लिए उनके साथ सक्रियता से काम कर रही है.

अनुसंधान केंद्र में टीके के विकास की प्रक्रिया की समीक्षा:
प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद से करीब 20 किमी दूर स्थित जाइडस कैडिला के चांगोदर औद्योगिक क्षेत्र स्थित अनुसंधान केंद्र में टीके के विकास की प्रक्रिया की समीक्षा की. इस दौरान मोदी ने पीपीई किट पहन रखी थी. एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री दिल्ली से करीब नौ बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से वह जाइडस कैडिला के संयंत्र गए. उन्होंने वहां कंपनी के प्रमोटरों और अधिकारियों से बात की.

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जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास:
उल्लेखनीय है कि जाइडस कैडिला ने कोविड-19 के खिलाफ जाइकोव-डी नामक संभावित टीके का विकास किया है जिसके पहले चरण का क्लिनिकल परीक्षण पूरा हो चुका है. कंपनी ने अगस्त में दूसरे चरण का परीक्षण शुरू किया है. एक अधिकारी के अनुसार कंपनी के अधिकारियों ने संयंत्र में टीका विकास कार्यों के बारे में मोदी को विस्तार से जानकारी दी. उन्हें टीका उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। प्रधानमंत्री ने वहां वैज्ञानिकों और टीका के विकास से जुड़े लोगों से बातचीत की.

मार्च 2021 तक पूरा करना है टीके का परीक्षण:
जाइडस कैडिला के अध्यक्ष पंकज पटेल ने हाल ही में कहा था कि कंपनी का उद्देश्य मार्च 2021 तक टीके का परीक्षण पूरा करना है और वह एक साल में 10 करोड़ तक खुराक का उत्पादन कर सकती है. मोदी करीब एक घंटे तक संयंत्र में रहे। इसके बाद वह हवाईअड्डे के लिए निकले और वहां से 11.40 बजे हैदराबाद रवाना हो गए. मोदी हैदराबाद के नजदीक हकीमपेट वायु सेना हवाई अड्डे पर दोपहर करीब एक बजे पहुंचे.हैदराबाद के हकीमपेट वायु सेना हवाई अड्डे पर उतरने के बाद तेलंगाना के मुख्य सचिव सोमेश कुमार, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री वायु सेना हवाई अड्डे से करीब 20 किलोमीटर दूर जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक की इकाई गए.

वरिष्ठ अधिकारियों से कोवैक्सिन के बारे में जानकारी प्राप्त की:
भारत बायोटेक कोविड-19 की रोकथाम के लिए संभावित टीके कोवैक्सिन का विकास भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणुविज्ञान संस्थान के साथ मिलकर कर रहा है, जिसके तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है. हैदराबाद में जीनोम वैली स्थित भारत बायोटेक की बीएसएल-3 (जैव-सुरक्षा स्तर 3) इकाई में टीके का विकास किया जा रहा है और यहीं इसका उत्पादन किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से कोवैक्सिन के बारे में जानकारी प्राप्त की.

कोविड-19 के स्वदेशी टीके के बारे में जानकारी मिली:
घंटे भर के दौरे के बाद मोदी ने ट्वीट किया, हैदराबाद में भारत बायोटेक कंपनी में कोविड-19 के स्वदेशी टीके के बारे में जानकारी मिली. वैज्ञानिकों को अभी तक किए गए परीक्षण में प्रगति के लिए बधाई. उनकी टीम आईसीएमआर के साथ निकटता से काम कर रही है. कंपनी से बाहर निकलने के बाद मोदी मुख्य द्वार पर अपने वाहन से उतर गए और मीडियाकर्मियों तथा पास खड़े लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया. मोदी तीन बजकर 30 मिनट पर पुणे के लिए रवाना हो गए और वहां वह साढ़े चार बजे पहुंचे.

टीका विकास पर चल रहे कामकाज का लिया जायजा:
हैदराबाद से पुणे हवाई अड्डे पर शाम करीब साढ़े चार बजे पहुंचने के बाद मोदी हेलीकॉप्टर से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के लिए रवाना हुए. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में मोदी ने वैज्ञानिकों से बातचीत की और वहां टीका विकास पर चल रहे कामकाज का जायजा लिया. वह दिल्ली जाने के लिए शाम छह बजे पुणे हवाई अड्डे रवाना हो गए. एक अधिकारी ने बताया कि मोदी के एसआईआई दौरे का उद्देश्य कोरोना वायरस के लिए टीके की प्रगति की समीक्षा करना है और इसके लांच के समय, उत्पादन और वितरण व्यवस्था का जायजा लेना है. टीके के विकास के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैश्विक दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की है.

उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने कोविड-19 से बचाव, उपचार की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के दिए निर्देश

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 से बचाव और  उपचार की व्यवस्था को निरन्तर सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने जनपद लखनऊ और मेरठ पर विशेष ध्यान देकर इन जिलों की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के सम्बन्ध में थोड़ी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है इसलिए हर स्तर पर पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है. एक सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शुक्रवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अधिक संक्रमण दर वाले जनपदों में कोविड-19 से बचाव तथा उपचार की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए.

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मुख्यमंत्री ने केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल विश्वविदयालय) की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा नियमित तौर पर मरीजों को देखा जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाए. इस सम्बन्ध में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाए. आमजन को कोविड-19 से बचाव की जानकारी दी जाए। साथ ही शादी समारोह में कोई व्यवधान न उत्पन्न किया जाए.

लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड की 2 दिसंबर को होगी लिस्टिंग, सीएम योगी जाएंगे मुंबई 

लखनऊ नगर निगम के बॉन्ड की 2 दिसंबर को होगी लिस्टिंग, सीएम योगी जाएंगे मुंबई 

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ के नगर निगम की जल्द सूरत बदलने वाली है. लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) के बॉम्बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज (BSE) में लॉन्‍च बॉन्ड (Launch bond) की लिस्‍ट‍िंग होने वाली है. यह लिस्टिंग मुंबई में 2 दिसंबर को होगी और इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी मौजूद होंगे. उनके साथ नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन भी मौजूद रहेंगे.

नगर निगम (Nagar Nigam) की इस उपलब्धि की देश और दुनिया कई औद्योगिक हस्तियां गवाह बनेंगी. बता दें कि नवंबर के शुरुआती सप्ताह में लखनऊ नगर निगम (Lucknow Nagar Nigam) ने BSE बॉन्ड मंच के माध्यम से नगरपालिका बॉन्ड जारी करके 200 करोड़ रुपए जुटाए हैं. नगर निगम ने BSE बॉन्ड प्लेटफॉर्म पर 450 करोड़ रुपए के लिए 21 बोलियां प्राप्त कीं, जो कि इश्यू के आकार का 4.5 गुना है. 

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बॉन्ड को पैसे जुटाने का बेहतर माध्यम माना जाता है. नगर निगम बॉन्ड भी शहरी लोकल बॉडी के लिए होता है. कहने का मतलब यह है कि नगर निगम को पैसे की जरूरत होती है तो बॉन्ड का माध्यम अपनाया जाता है.BSE के अनुसार कुल 11 नगरपालिका बॉन्ड जारी किए गए हैं, जो कुल मिलाकर 3,690 करोड़ रुपए के हैं. इनमें से BSE बॉन्ड मंच का योगदान 3,175 करोड़ रुपए है. इस तरह नगरपालिका बॉन्ड बाजार में BSE की हिस्सेदारी 86 फीसदी पर है.

सीएम गहलोत ने दी बड़ी राहत, अब निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए देने होंगे 1200 की जगह 800 रुपए

सीएम गहलोत ने दी बड़ी राहत, अब निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए देने होंगे 1200 की जगह 800 रुपए

जयपुर: कोविड से जंग लड़ रहे प्रदेश वासियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ी राहत दी है. राजस्थान में अब निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए  1200 की जगह 800 रुपये ही चुकाने होंगे. सीएम गहलोत ने फर्स्ट इंडिया की खबर पर मुहर लगाते हुए आज इन दरों को कम करने का बड़ा फैसला किया. गहलोत ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोकार्पण समारोह करके चिकित्सा के क्षेत्र में अलग अलग जिलों को कई सौगातें दी है. सीएम गहलोत  ने चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के आरयूएचएस के दौरे पर राजनीति करने के लिए विपक्ष को भी आड़े हाथ लिया.

कोरोना संक्रमण की सारी जांच केवल RT-PCR किट के जरिए:
राजस्थान में कोरोना संक्रमण जांच को लेकर मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजस्थान में निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस से संक्रमण की RT-PCR विधि से जांच अब 1200 रुपए की बजाय 800 रुपए में होगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज चिकित्सा विभाग के एक लोकार्पण कार्यक्रम में यह घोषणा की. शुरू में निजी प्रयोगशालाओं में कोविड-19 जांच का शुल्क 2200 रुपये था. जिसे बाद में सरकार ने 1200 रुपए तय किया. अब राज्य सरकार सभी निजी प्रयोगशालाओं को यह जांच 1200 रुपए के बजाय 800 रुपए में करने को पाबंद करेगी. गहलोत ने कहा कि राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण की सारी जांच केवल RT-PCR किट के जरिए हो रही हैं जो पूरी दुनिया में सबसे विश्वसनीय जांच है. सरकारी अस्पतालों में कोविड की जांच व इलाज पूरी तरह फ्री हो रहा है. गहलोत ने वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए छह जगह हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, जैसलमेर, नाथद्वारा), टोंक व बूंदी में कोरोना वायरस जांच की प्रयोगशालाओं का लोकार्पण किया. इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में कैंसर इलाज के लिए नये वार्ड, ऑर्थोपेडिक थिएटर व एक्यूट केयर वार्ड की रेनोवेशन-अल्टरेशन और कैंसर वार्ड के इंटीरियर कार्य का लोकार्पण भी किया.

गांव वालों को भ्रम है कि गांवों में कोरोना नहीं:
सीएम गहलोत ने कहा है कि राजस्थान में 60 हजार प्रतिदिन की क्षमता विकसित हो जाएगी. गांव वालों को भ्रम है कि गांवों में कोरोना नहीं है लेकिन आंकड़ों के मुताबिक 2000 में से 700 लोग गांवों में अपनी जान गंवा चुके हैं. निचले स्तर पर चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है हमने प्रत्येक विधानसभा में एक मॉडल सीएससी बनाने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं.

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नकारात्मक राजनीति व बयानबाजी नहीं करने की अपील:
गहलोत ने विपक्षी दलों से नकारात्मक राजनीति व बयानबाजी नहीं करने की अपील की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्गों और विपक्षी दलों को साथ लेकर काम किया है ऐसे में विपक्ष केवल नकारात्मक राजनीति के लिए बयान बाजी कर रहा है. गहलोत ने RUHS अस्पताल में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के दौरे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ने कहा रघु शर्मा ने कोई गलत काम नहीं किया. जानबूझकर मामले राजनीति व विवाद किया गया है. अगर अस्पताल में चिकित्सा मंत्री नहीं जाएगा तो कौन जाएगा. अब राजनीतिक कारणों से कुछ लोगों को तकलीफ हो गई. सीएम ने कहा कि कोविड पॉजिटिव मंत्री ही कोविड वार्ड में गए थे। वे पहले से कोविड मरीज को कहां से संक्रमित कर देते.

सीपी जोशी ने राजस्थान सरकार के कोविड मैनेजमेंट की तारीफ:
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने राजस्थान सरकार के कोविड मैनेजमेंट की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत और चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा को बधाई दी. सीपी जोशी ने  कहा कि नागरिकों को और अधिक सजग और जागरूक रहने की आवश्यकता है. उन्होंने टेलीमेडिसिन पर भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया. चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने आने वाले दिनों में कोरोना से निपटने के लिए किए जा रहे इंतजामों के बारे में जानकारी दी.

मेडिकल इनफ्रांस्ट्रक्चर में आज जुड़ गई नई कड़ी:
कोरोना काल में प्रदेश में मजबूत किए जा रहे मेडिकल इनफ्रांस्ट्रक्चर मैं आज नई कड़ी जुड़ गई है और सीएम गहलोत ने सात अलग-अलग जिलों को अलग-अलग सौगातें दी हैं.खासकर कोविड-19 की दरों में कम करके मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है. एक समय था जब मार्च में पहला सैंपल टेस्ट कराने के लिए पुणे भेजना पड़ा था लेकिन अब राजस्थान में ही प्रतिदिन 60,000 सैंपल टेस्टिंग की सुविधा विकसित हो गई है सरकार अब मास्क लगाने के साथ-साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी जन आंदोलन छेड़ने जा रही है.

VIDEO: अहमद पटेल की जगह लेंगे पवन बंसल, सौंपी कांग्रेस के कोषाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल को पार्टी कोषाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. अहमद पटेल का हाल ही में निधन होने जाने के कारण यह पद खाली था. 

पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बंसल को तत्काल प्रभाव से कोषाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है. पूर्व रेल मंत्री बंसल फिलहाल पार्टी के प्रशासनिक मामलों के प्रभारी हैं. 

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कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार रहे पटेल का 25 नवंबर को गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया था.वह कुछ हफ्ते पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। पटेल 71 साल के थे.

Farmers Protest: हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर हत्या के प्रयास और दंगा करने के आरोप में केस दर्ज

Farmers Protest: हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर हत्या के प्रयास और दंगा करने के आरोप में केस दर्ज

अंबाला: हरियाणा पुलिस ने भारतीय किसान संघ (बीकेयू) की प्रदेश इकाई के प्रमुख गुरनाम सिंह चारूणी और अन्य किसानों पर दिल्ली चलो मार्च के दौरान हत्या का प्रयास, दंगे करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पैदा करने और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. पराव पुलिस थाने में हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार की शिकायत पर 26 नवंबर को धारा 307(हत्या का प्रयास), 147(दंगा करने), 149(गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने), 186(लोकसेवकों के सरकारी काम में बाधा पहुंचाना)और 269(बीमारी का संक्रमण फैलाने जैसे लापरवाही भरे काम कर दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया क्योंकि सैकड़ों किसान दिल्ली जाने के लिए अंबाला छावनी के पास जीटी रोड पर जमा हो गए थे.

प्राथमिकी में चारुणी और कई अन्य अज्ञात किसानों को नामजद किया गया है. प्राथमिकी में कहा गया है कि घटनास्थल पर पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपाधीक्षक राम कुमार ने चारुणी को आगे बढ़ने से रोका लेकिन उन्होंने मना कर दिया. इसमें कहा गया है कि चारुणी और अन्य किसानों ने अपने ट्रैक्टरों की मदद से पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए.

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एफआईआर के अनुसार, कुछ पुलिस अधिकारी बचकर वहां से निकले अन्यथा वे दिल्ली की ओर बढ़ रहे ट्रैक्टरों से कुचले जा सकते थे. इन लोगों पर कोविड-19 महामारी से संबंधित दिशानिर्देशों के उल्लंघन का भी आरोप है. पुलिस बैरियर तोड़ने व अन्य आरोपों में पंजाब के कुछ किसानों के खिलाफ पानीपत में भी मामला दर्ज किया गया है.

सेक्टर 29 स्थित पानीपत के सेक्टर 29 पुलिस थाने के प्रभारी राजवीर सिंह ने फोन पर कहा कि भादंसं की धारा 188 (लोकसेवक द्वारा दिए गए आदेश की अवज्ञा करना), आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और अन्य प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है. दो दिन पहले हरियाणा के पुलिस प्रमुख मनोज यादव ने कहा था कि उनके बल ने काफी धैर्य से काम लिया. प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पथराव किया.

डीजीपी ने बयान जारी कर कहा था कि पूरे प्रकरण में न केवल काफी संख्या में पुलिसकर्मी जख्मी हुए बल्कि पुलिस के और निजी वाहनों को क्षति भी पहुंची. प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए हरियाणा के कई हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है. किसान नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नये कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी.(भाषा)