Rajasthan Political Crisis: विलय करने वाले BSP विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष को HC का नोटिस, 11 अगस्त तक मांगा जवाब

Rajasthan Political Crisis: विलय करने वाले BSP विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष को HC का नोटिस, 11 अगस्त तक मांगा जवाब

जयपुर: राजस्थान में चल रहे सियासी संकट के बीच बसपा के 6 विधायकों का कांग्रेस में विलय प्रकरण पर हाईकोर्ट ने बीजेपी विधायक मदन दिलावर और बसपा की याचिकाएं मंजूर की है. इसके साथ ही दोनों याचिकाओं पर विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया है. वहीं विधानसभा सचिव और बसपा विधायकों को भी नोटिस जारी किया गया है. हाई कोर्ट में जस्टिस महेंद्र गोयल की अदालत में सुनवाई हो रही है. हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर 11 अगस्त तक जवाब मांगा है. 

राम जन्मभूमि के पुजारी प्रदीप दास कोरोना पॉजिटिव, सुरक्षा में तैनात 16 पुलिसकर्मी भी संक्रमित 

राष्ट्रीय दल का मर्जर राज्य स्तर पर नहीं किया जा सकता:  
इससे पहले हाईकोर्ट में जस्टिस महेंद्र गोयल की अदालत में बसपा महासचिव सतीश मिश्रा बसपा की ओर से बहस की. इस दौरान मिश्रा ने राणा केस का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय दल का मर्जर राज्य स्तर पर नहीं किया जा सकता है. इस पर कोर्ट ने पूछा कि इस याचिका को जगजीत सिंह केस कैसे कवर करेगा. इस पर मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के अलग-अलग मामलों की नजीर पेश की. 

विधायक पार्टी की ओर से जारी व्हिप मानने के लिए बाध्य: 
मिश्रा ने कहा कि विधायक पार्टी की ओर से जारी व्हिप मानने के लिए बाध्य हैं. राष्ट्रीय पार्टी के विधायकों का विलय पार्टी अध्यक्ष के बिना संभव नहीं है. जब तक विधायक दोबारा से नहीं चुन लिया जाता तब तक वह मूल पार्टी के ही माने जाएंगे. वहीं बीजेपी विधायक मदन दिलावर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने बहस की. इस दौरान साल्वे ने केदार शशिकांत केस का हवाला दिया. 

सीएम अरविंद केजरीवाल का बड़ा तोहफा, दिल्ली में 8 रुपये 36 पैसे तक घटे डीजल के दाम 

विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने का जारी किया था व्हिप:
गौरतलब है कि बसपा के 6 विधायकों ने कांग्रेस पार्टी में अपना विलय कर लिया था. बीते दिनों बसपा की ओर से व्हिप जारी किया गया था कि विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ वोट करें. जिसपर विधायकों का कहना था कि वो अब कांग्रेस में हैं और अशोक गहलोत के साथ हैं, बसपा का व्हिप मान्य नहीं होता है.


 

और पढ़ें