राजस्थान का रेगिस्तान तय करेगा सरकार का भविष्य!

राजस्थान का रेगिस्तान तय करेगा सरकार का भविष्य!

जैसलमेर: जैसलमेर...मालानी की धरती..मनुहार का प्रदेश ...और पुकारता सम का सोनार ....अब राजस्थान के रेगिस्तान से ही लिखा जाएगा गहलोत सरकार का भविष्य...सरकार की बचाने की कवायद के तहत कांग्रेस के विधायक शुक्रवार को मालाणी पहुंच ही गये. पायलट की बगावत के असर से दूर सरहद के पास. लेकिन यहां क्यों पहुंचे इसके पीछे कुछ धार्मिक मान्यताएं भी है जो कर्मयोगी अशोक गहलोत को इस धरती की ओर खींच लाती है.

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तनोट राय मंदिर अनूठे चमत्कारों के इतिहास को समेटे:  
तनोट राय...सरहद के पास यह देवी का मंदिर अनूठे चमत्कारों के इतिहास को समेटे है जहां पाकिस्तान से दागे गये आतिशी गोले भी बेअसर साबित हो गये. संदेश से यहीं आते और जाते है....वीरों को सरहद की सुरक्षा करने की शक्ति यहीं से मिलती है.....और अशोक गहलोत को भी मानसिक और धार्मिक ऊर्जा यहीं से प्राप्त होती है. अपने राजनीतिक जीवन में कई बार तनोट आये भी है और जो मांगा वो पाया भी है. इसीलिये तो वे कहते है तनाव मुक्त रहना मुझे गॉड गिफ्ट है.

आस्था का सैलाब यहां तक खींच ही लाया:
इस बार वे तनोट राय की धरती पर अकेले नहीं आये है बल्कि साथ आया कांग्रेस विधायकों का दल. साथ आये निर्दलीय, बीटीपी ओर आर एल डी विधायक. मकसद है सरकार को बचाना.. माता तनोट आशीर्वाद लेकर ही सबको लौटना है. अशोक गहलोत ने परिवार समेत माता के दरबार में हाजिरी लगाई है. इस बार उनके साथ कांग्रेस का परिवार है. भले ही तनोट जैसलमेर से कुछ दूरी पर है लेकिन आस्था का सैलाब यहां तक खींच ही लाया. अब सवाल जैसलमेर ही क्यों चुना ..इसके पीछे भी खासी रिसर्च हुई स्थान कई तलाशे है माउंट आबू की भी बात चली लेकिन जैसलमेर ही पहली पसंद बना. कई विधायकों ने तनोट के दर्शनों की इच्छा जताई तो अशोक गहलोत ने हामी भर दी.  

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यहां सेंधमारी नामुमकिन:
सुरक्षा के लिहाज से भी जैसलमेर विधायकों के लिये मुफीद है. यहां सेंधमारी नामुमकिन है. वहीं जयपुर से दूर जाकर आबो हवा बदलने की कुछ विधायकों की चाहत भी पूरी हो गई. अभी एकता और अखंडता कांग्रेस ओर समर्थित विधायकों की बरकरार रहे. इसी सोच ने जयपुर से सुदूर जैसलमेर की राह प्रशस्त कर दी. जल्द तनोट भी विधायक जाएंगे और सरकार की फ्लोर टेस्ट में जीत की दुआ करेंगे. 14 अगस्त से पहले इन्हें जयपुर लौटना है. शह और मात के बीच कुछ दिन शेष है.

...फर्स्ट इंडिया के लिये योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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