जयपुर VIDEO: परिवहन विभाग ने जारी किए स्क्रेपेज नीति के लिए नए नियम कायदे कानून, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: परिवहन विभाग ने जारी किए स्क्रेपेज नीति के लिए नए नियम कायदे कानून, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रदूषण कारी वाहनों को नष्ट करने के लिए अब प्रदेश में भी स्क्रेपेज नीति लागू हो गई है. केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद 8 माह के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश के परिवहन विभाग में स्क्रेपेज नीति के नियमों को राजस्थान में लागू कर दिया है. स्क्रैप पॉलिसी को भारत सरकार ने 8 माह पहले सितम्बर 2021 में लांच किया था. लंबे इन्तजार के बाद अब प्रदेश में भी वाहनों का स्क्रैप शुरू हो सकेगा. स्क्रैप सेंटरों की स्थापना के लिए परिवहन विभाग ने दिशा निर्देश जारी कर दिए है.

स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 और 20 साल पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) कर दिया जाएगा. कमर्शियल गाड़ी जहां 15 साल बाद कबाड़ घोषित हो सकेगी, वहीं निजी कार के लिए यह समय 20 साल है. अगर आसान शब्दों में कहें तो आपकी 20 साल पुरानी निजी कार को रद्दी माल की तरह कबाड़ी में बेच दिया जाएगा. वाहन मालिकों को तय समय बाद ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर ले जाना होगा. सरकार का दावा है कि स्क्रैपिंग पॉलिसी से वाहन मालिकों का न केवल आर्थिक नुकसान कम होगा, बल्कि उनके जीवन की सुरक्षा हो सकेगी. सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी होगी. पॉलिसी के अनुसार 20 साल पुराने ऐसे वाहन जो फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाएंगे या दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे, उनको डी-रजिस्टर किया जाएगा.

ऑटो सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराने वाहन को स्क्रैप करने पर वाहन मालिकों को एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा. इस सर्टिफिकेट को दिखाकर नया वाहन खरीदने पर 5 फीसदी की छूट मिलेगी. यह छूट ऑटो कंपनियां देंगी. नया वाहन खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देना होगा. नया पर्सनल व्हीकल खरीदने पर रोड टैक्स में 25 फीसदी की छूट मिलेगी. कमर्शियल व्हीकल खरीदने वालों को रोड टैक्स में 15% की छूट मिलेगी. मार्च में संसद सत्र के दौरान व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी पेश करते हुए नितिन गडकरी ने बताया था कि स्क्रैप किए जाने वाले वाहन की वैल्यू नए वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर होगी. 

स्क्रैप किए जाने वाले वाहन की वैल्यू एक्स-शोरूम प्राइस की 4-6 फीसदी हो सकती है.शुरुआत में कमर्शियल वाहनों को ऑटोमेटिड फिटनेस टेस्ट के आधार पर पर स्क्रैप किया जाएगा. जबकि निजी वाहनों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं कराने के आधार पर स्क्रैप किया जाएगा. यह नियम जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और जापान जैसे देशों के आधार पर तय किए गए हैं.पॉलिसी में 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट पाने में विफल रहने पर डी-रजिस्टर करने का प्रस्ताव रखा गया है. इसके अलावा 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों को फिटनेस टेस्ट कराने के लिए भी ज्यादा टैक्स देना होगा.

वाहनों के स्क्रैप के लिए स्क्रैप सेंटरों की स्थापना के लिए परिवहन विभाग में विस्तृत नियम और दिशा निर्देश जारी किए हैं.मोटर यान (यान स्क्रेपिंग सुविधा का रजिस्ट्रीकरण और कार्य) नियम, 2021 के नियम 3 (ठ) के अंतर्गत रजिस्ट्रीकृत यान स्क्रेपिंग सुविधा के रजिस्ट्रीकरण के लिए रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी परिवहन आयुक्त होगा और नियम 3 (ख) के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी के नियम 9(5) के अनुसार किये गये कार्य के विरूद्ध नियम 15 के अन्तर्गत की जाने वाली अपील हेतु अपीलीय अधिकारी प्रमुख शासन सचिव ( परिवहन ) / अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) होगा. 

रजिस्ट्रीकृत यान स्क्रेपिंग सुविधा की स्थापना हेतु ऐसे व्यक्ति, फर्म, सोसायटी, कम्पनी या विधिज्ञ के अनुसार स्थापित न्यास पात्र होंगे. जो निगमन प्रमाण पत्र या दुकान अधिनियम रजिस्ट्रीकरण या उद्यम आधार, वैध जीएसटी रजिस्ट्रेशन, वैध स्थायी खाता संख्या रखते हो.केन्द्र सरकार द्वारा रजिस्ट्रीकृत यान स्क्रेपिंग सुविधा के रजिस्ट्रीकरण के लिए सिंगल विंडो क्लियरेन्स के लिए नेशनल सिंगल विंडों सिस्टम पोर्टल (NSWS Portal) कार्यशील हो गया है ऐसे में आवेदक को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा.स्क्रेपिंग सेंटर खोलने के लिए आवेदक के पास किस किस तरह के उपकरण और पुरुष होने चाहिए इसके लिए भी परिवहन विभाग ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं. 

आवेदक के पास एल श्रेणी के वाहन वर्ग की स्क्रेपिंग/रिसाइकिलिंग हेतु न्यूनतम 01 एकड़ तथा एम, एन और अन्य श्रेणी के वाहनों की स्क्रेपिंग/रिसाइकिलिंग हेतु न्यूनतम 02 एकड़ की भूमि औरेज श्रेणी ओद्यौगिक क्षेत्र में तथा वाहनों के मुख्य मार्ग से स्क्रेपिंग यार्ड में प्रवेश व परिसर में निर्बाध संचरण हेतु मार्ग की चौड़ाई न्यूनतम 18 मीटर होनी चाहिए.स्क्रेपिंग सेंटरों में निवेश करने के इच्छुक लोग काफी समय से परिवहन विभाग की ओर से पॉलिसी जारी होने का इंतजार कर रहे थे.पॉलिसी जारी होने के बाद अब जल्दी स्क्रेपिंग सेंटरों के लिए विभाग को आवेदन मिलना शुरू हो जाएंगे.दूसरी तरफ वाहनों की स्क्रेपिंग कराने वाले लोगों का इंतजार भी और जल्दी खत्म होने वाला है.

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