जयपुर VIDEO: आज से राजस्थान में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन, 8 विभाग के अधिकारी कार्रवाई के लिए अधिकृत, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: आज से राजस्थान में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन, 8 विभाग के अधिकारी कार्रवाई के लिए अधिकृत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में आज सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध प्रभावी हो गया. सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के उत्पादन, इम्पोर्ट, स्टोकिंग, वितरण, बिक्री एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है. सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर प्रदेश में 8 विभागों के अधिकारियों को कार्यवाही के लिए अधिकृत किया गया है इसके साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने एक मोबाइल एप्लीकेशन ऐप भी लॉन्च किया है जिस पर शिकायत की जा सकती है. राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव उदय शंकर ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध के तहत प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की इंडिया, प्लास्टिक के झंडे, कँडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडिया, पोलोस्टाइरीन (थर्मोकाल) की सजावटी सामग्री. 

प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे जैसी कटलरी, मिठाई के डिब्बों, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट के ईर्द-गिर्द लपेटने / पैक करने वाली फिल्में, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक / पीवीसी बैनर, स्ट्रिर को निशिद्ध किया गया है. प्रतिबंध की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव उदय शंकर द्वारा बताया गया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए राज्य मंडल द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं. आमजन को जागृत करने के लिये मण्डल द्वारा राज्य मंडल की वेबसाईट पर इस प्रतिबंध के संबंध में जन सूचना हिन्दी एवं अंग्रेजी में अपलोड की गई है.

राज्य मंडल मुख्यालय एवं सभी 25 क्षेत्रीय कार्यालयों में प्रस्तावित प्रतिबंध के तहत आने वाली सामग्री को सूचीबद्ध कर उनका प्रयोग बंद करने के आदेश जारी किये गये हैं. राज्य मंडल के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी किये गये है कि वे अपने क्षेत्र में कार्यरत SUP बनाने वाली इकाईयों को चिन्हित कर उन्हें प्रतिबंध की पालना के लिए निर्देशित करें. क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा इस क्रम में कुल 1561 इकाईयों का सर्वे किया गया है.

अब तक किये गये सर्वे में 18 इकाइयाँ प्रतिबंधित SUP का उत्पादन करती पायी गयी जिन्हें प्रतिबंध की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये जा चुके है. इनमें से 13 इकाईयों को बंद करने के निर्देश जारी किये गये है, 04 इकाईयों को जारी सम्मति में संशोधन किया गया है तथा एक इकाई की सम्मति निरस्त की गयी है.प्रतिबंधित SUP के वैकल्पिक उत्पाद बनाने वाली 10 इकाइयों को चिन्हित किया गया है. इनकी सूची राज्य मंडल की वेबसाईट पर अपलोड की गई है. 

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर होटल, हॉस्पीटल, रेस्टोरेण्ट, केटरर्स एसोसिएशन को उक्त प्रतिबंध की पालना के लिए पत्र लिख कर सूचित किया गया है. राज्य मंडल द्वारा इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों को कुल 535 लाख रूपये का बजट आवंटित किया गया है. प्रतिबंध की अवहेलना से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए सीपीसीबी द्वारा एक मोबाईल एप्लीकेशन (SUP-CPCB) प्रारंभ की गई है जो कि प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.

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