VIDEO: 19 नवंबर से शुरू होगी उड़ान योजना, महिलाओं और बेटियों को दिए जाएंगे सैनेटरी पैड्स, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: 19 नवंबर से शुरू होगी उड़ान योजना, महिलाओं और बेटियों को दिए जाएंगे सैनेटरी पैड्स, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर (ऐश्वर्य प्रधान): महिलाओं में पीरियड्स के दौरान साफ सफाई ना होने से कई ऐसी गंभीर बीमारियां जन्म ले सकती है जोकि महिलाओं या बालिकाओं के लिए जीवन भर के लिए अभिशाप बन सकती है. यही कारण है कि 19 नवंबर को प्रदेश में उड़ान योजना लांच की जाएगी. इस योजना को सफल बनाने की मुहिम में जुटी हुई है प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश. 

प्रदेश में बालिकाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए गहलोत सरकार प्रतिबद्धता से काम कर रही है.राज्य सरकार का फोकस है कि बालिकाएं और महिलाएं शिक्षित, स्वस्थ, समर्थ एवं सशक्त बनें और प्रदेश का नाम रोशन करें.  लेकिन आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में कई गंभीर बीमारियों का कारण महावारी के दौरान स्वच्छता का नहीं होना या फिर जागरूकता की कमी होना है.

इसी कारण से उड़ान योजना को लाकर राज्य सरकार महिलाओं के लिए देश में एक मिसाल पेश कर रही है.महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के उद्देष्य से सरकार ‘उड़ान योजना’ शुरू हो रही है. इस योजना सफल बनाने को लेकर प्रदेश की महिला और बाल विकास मंत्री ममता भूपेश जुटी हुई है. योजना पर करीब 200 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे. 

19 नवम्बर को इंदिरा गांधी के जन्मदिवस पर उड़ान योजना की शुरूआत होने जा रही है जिसमें बालिकाओं, छात्राओं एवं महिलाओं को निःषुल्क सैनेटरी नैपकिन्स वितरित किए जाएंगे. इसकी पूर्व तैयारियों को लेकर महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश विभाग की प्रगति की समीक्षा कर रही है तो विभाग के अधिकारियों क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन भी किया जा रहा है. इस योजना के लॉन्च होने के साथ व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा साथ ही किशोरी बालिकाओं मजदूर तबके की महिलाओं दूरदराज गांवों और ढाणी में रहने वाली महिलाओं समेत ऐसी महिलाओं और बालिकाओं पर फोकस किया जाएगा.

जिन्हें की इस योजना की बेहद आवश्यकता है. या फिर जिनमें आजादी के इतने वर्ष बाद भी महावारी के दौरान साफ सफाई की और स्वच्छता की जानकारी नहीं है या फिर कुछ कुरीतियों की वजह से बोलने से कतराती हैं.महिला और बाल विकास विभाग का स्वयं का सर्वे कहता है कि इस योजना के धरातल पर आने के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं को लाभ मिल सकेगा. साथ ही के तमाम महिलाएं और बालिकाएं अपनी आने वाली पीढ़ी को भी महावारी स्वच्छता के लिए सीख दे सकेंगी.

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